यूएन एआई गवर्नेंस डायलॉग में भारत का नेतृत्व करेंगे मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, जिनेवा पहुंचे
सारांश
मुख्य बातें
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 5 जुलाई 2026 को जिनेवा पहुंचे, जहाँ वे संयुक्त राष्ट्र के पहले 'ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस' में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह ऐतिहासिक संवाद 6 और 7 जुलाई 2026 को जिनेवा में आयोजित होगा। जिनेवा हवाई अड्डे पर उनका स्वागत संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने किया।
भारत की भूमिका और रुख
भारत के संयुक्त राष्ट्र जिनेवा मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया कि भारत इस वैश्विक एआई गवर्नेंस चर्चा का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक है, जिसमें 'इंसान को केंद्र में रखा जाए।' मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह इस संवाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और देश की एआई नीति-दृष्टि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
गौरतलब है कि फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान इस ग्लोबल डायलॉग से जुड़ी एक इन-पर्सन बैठक भी हुई थी, जिसमें सह-अध्यक्षों ने बहु-हितधारक परामर्श किए थे। यह इस बात का संकेत है कि भारत इस प्रक्रिया में शुरुआत से ही सक्रिय भागीदार रहा है।
ग्लोबल डायलॉग की संरचना और उद्देश्य
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस एक सार्वभौमिक और बहु-हितधारक संयुक्त राष्ट्र मंच है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 79/325 के तहत स्थापित किया गया है। यह सितंबर 2024 में अपनाए गए 'ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट' और 'पैक्ट ऑफ द फ्यूचर' के बाद अस्तित्व में आया।
इस संवाद का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गवर्नेंस को आगे बढ़ाना है — ताकि अलग-अलग देशों, क्षेत्रीय और बहु-हितधारक प्रयासों को एक साझा ढाँचे में जोड़ा जा सके।
आईआईएसपीए की भूमिका और पहली रिपोर्ट
इस वैश्विक संवाद के समानांतर 'इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल ऑन एआई (IISPA)' भी सक्रिय है, जो एआई की वैज्ञानिक समझ, पारदर्शिता, जवाबदेही और मानव निगरानी को मजबूत करने पर काम करता है। यह पैनल विशेष रूप से विकासशील देशों की क्षमता बढ़ाने में सहायता करेगा ताकि एआई को सतत विकास के लक्ष्यों की दिशा में प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जा सके।
जिनेवा संवाद में आईआईएसपीए की पहली वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की जाएगी, जो एआई की क्षमताओं, उभरते अवसरों और संभावित जोखिमों का पहला स्वतंत्र वैज्ञानिक मूल्यांकन प्रस्तुत करेगी।
चार मुख्य विषयों पर होगी चर्चा
इस दो-दिवसीय संवाद में चार केंद्रीय विषयों पर विमर्श होगा: एआई के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव, एआई से जुड़ी असमानताओं को दूर करना, सुरक्षित और भरोसेमंद एआई का निर्माण, तथा एआई के संदर्भ में मानवाधिकारों की सुरक्षा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने अल साल्वाडोर की प्रतिनिधि एग्रीसेल्डा लोपेज और एस्टोनिया के प्रतिनिधि रेन टैम्सार को 2026 एआई डायलॉग के सह-अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस ग्लोबल डायलॉग का अगला — दूसरा — सत्र मई 2027 में न्यूयॉर्क में आयोजित होगा।