2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या <b>चैटबॉट्स</b> मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम करने में मदद कर रहे हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या <b>चैटबॉट्स</b> मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम करने में मदद कर रहे हैं?

सारांश

क्या चैटजीपीटी जैसे एआई चैटबॉट्स वाकई में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम कर सकते हैं? हाल के शोध में यह बात सामने आई है कि ये उपकरण संकोच करने वालों के लिए सहायक हो सकते हैं। जानिए इस अध्ययन के परिणाम और इसके पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

चैटजीपीटी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम कर सकता है।
यह उन लोगों के लिए सहायक है जो पारंपरिक मदद लेने में हिचकिचाते हैं।
गोपनीयता इस उपकरण का एक बड़ा फायदा है।

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। एक अध्ययन के अनुसार, चैटजीपीटी जैसे एआई चैटबॉट्स मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक (स्टिग्मा) को कम करने में कुछ हद तक मदद कर सकते हैं, लेकिन वे पेशेवर चिकित्सा का विकल्प नहीं बन सकते। शोध से यह स्पष्ट हुआ है कि एआई चैटबॉट्स उन व्यक्तियों के लिए सहायक हो सकते हैं जो पारंपरिक आमने-सामने की सहायता प्राप्त करने में संकोच करते हैं, क्योंकि ये गोपनीय और आसानी से उपलब्ध बातचीत का अवसर प्रदान करते हैं।

ऑस्ट्रेलिया की एडिथ कोवन यूनिवर्सिटी (ईसीयू) की टीम ने 73 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया, जो अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए चैटजीपीटी का उपयोग कर चुके थे। टीम ने चैटजीपीटी के उपयोग और इसके द्वारा उत्पन्न स्टिग्मा पर विचार किया।

ईसीयू में मास्टर ऑफ क्लिनिकल साइकोलॉजी के छात्र स्कॉट हन्ना ने कहा, "नतीजों से यह साबित होता है कि यह उपकरण प्रभावी है और बाहरी आलोचना के बारे में चिंताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"

मेंटल हेल्थ सहायता लेने में स्टिग्मा (यहां बुराई का डर) एक बड़ी बाधा है। यह लक्षणों को और बिगाड़ सकता है और व्यक्तियों को सहायता प्राप्त करने से रोक सकता है।

अध्ययन में पूर्वाग्रह से उत्पन्न स्टिग्मा, जज किए जाने या भेदभाव की आशंका, और नकारात्मक सोच से उत्पन्न स्टिग्मा पर ध्यान केंद्रित किया गया। ये सभी ऐसे स्टिग्मा हैं जो आत्मविश्वास को कम करते हैं और सहायता मांगने की इच्छा को बाधित करते हैं।

जिन लोगों को लगा कि चैटजीपीटी प्रभावी है, उन्होंने इसका उपयोग करने की संभावना अधिक बताई और उन्हें लोगों द्वारा जज किए जाने का डर कम था।

जैसे-जैसे एआई उपकरण अधिक प्रचलित हो रहे हैं, लोग अपनी मानसिक स्वास्थ्य की चर्चा के लिए इसका अधिकतम उपयोग कर रहे हैं। इसकी एक वजह गोपनीयता भी मानी जा सकती है।

उन्होंने आगे कहा, "नतीजों से यह स्पष्ट होता है कि इन उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन नहीं होने के बावजूद, चैटजीपीटी जैसे एआई उपकरण मानसिक स्वास्थ्य के लिए अधिक उपयोग किए जा रहे हैं।"

टीम ने कहा कि एआई के माध्यम से अपनी समस्याओं को साझा करना आसान हो सकता है, लेकिन सावधान रहना आवश्यक है, क्योंकि गुमनाम डिजिटल उपकरणों में आवश्यक नैतिकता का अभाव हो सकता है।

हन्ना ने कहा, "चैटजीपीटी को चिकित्सा उद्देश्यों के लिए नहीं बनाया गया था, और हाल की अनुसंधान से यह स्पष्ट हुआ है कि इसके उत्तर कभी-कभी गलत भी हो सकते हैं। इसलिए, हम उपयोगकर्ताओं को एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य उपकरणों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह देते हैं।"

टीम ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एआई की उपयोगिता पर और अनुसंधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि एआई चैटबॉट्स मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा दे सकते हैं। हालांकि, हमें यह भी याद रखना चाहिए कि ये उपकरण पेशेवर चिकित्सा का विकल्प नहीं हैं। समाज को इस अंतर को समझने की आवश्यकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चैटजीपीटी मानसिक स्वास्थ्य में मदद कर सकता है?
चैटजीपीटी जैसे एआई चैटबॉट्स कुछ हद तक मदद कर सकते हैं, लेकिन ये पेशेवर चिकित्सा का विकल्प नहीं हैं।
क्या एआई का उपयोग सुरक्षित है?
गुमनाम डिजिटल उपकरणों में नैतिकता का अभाव हो सकता है। इसलिए, हमें सतर्क रहना चाहिए।
क्या चैटजीपीटी का उपयोग करने से कलंक कम होता है?
शोध के अनुसार, चैटजीपीटी का उपयोग करने वाले लोग कम संकोच महसूस करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले