क्या 'चरखे' की तरह सेमीकंडक्टर बनेगा आत्मनिर्भरता का प्रतीक?: ज्योतिरादित्य सिंधिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 'चरखे' की तरह सेमीकंडक्टर बनेगा आत्मनिर्भरता का प्रतीक?: ज्योतिरादित्य सिंधिया

सारांश

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सेमीकंडक्टर को 'चरखे' के समान बताया, जो आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने भारत की डिजिटल प्रगति और 5जी कनेक्टिविटी को लेकर उत्साह व्यक्त किया। क्या सेमीकंडक्टर वास्तव में भारत को आत्मनिर्भर बना सकता है?

मुख्य बातें

सेमीकंडक्टर का उत्पादन भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
भारत 500 स्टार्टअप के साथ वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है।
5जी कनेक्टिविटी देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है।
भारत में डिजिटल और टेलीकॉम क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है।
डेटा की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं।

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को सेमीकंडक्टर की तुलना 'चरखे' से की और कहा कि आधुनिक युग में यह भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक होगा।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 में बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि आज सेमीकंडक्टर स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की उसी भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चरखे ने किया था।

सिंधिया ने कहा, "भारत एक स्टार्टअप वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है जहां 500 कंपनियां फंडिंग के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। देश एक डीएसएस क्रांति का गवाह बन रहा है, जिसका मतलब भारत में डिजाइनिंग, भारत के लिए समाधान और भारत से विस्तार है।"

उन्होंने डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर में भारत की तेज प्रगति का जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, देश 4डी सिस्टम - डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी, डिजिटल-फर्स्ट एप्रोच और डिलीवरी द्वारा संचालित एक नई टेक्नोलॉजी क्रांति देख रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के तहत, भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन पहले ही 91,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है, जो सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान में एक बड़ी उपलब्धि है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "भारत की महत्वाकांक्षा 5जी से भी आगे तक फैली हुई है, और भारत 6जी अलायंस से ग्लोबल पेटेंट में 10 प्रतिशत का योगदान मिलने की उम्मीद है।"

सिंधिया ने कहा कि भारत का दूरसंचार और डिजिटल ग्रोथ ग्लोबल स्तर पर एक मिसाल कायम कर रहा है, जहां 5जी कनेक्टिविटी अब देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में उपलब्ध है और डेटा की कीमतें दुनिया में सबसे कम मात्र 9.11 रुपए प्रति जीबी हैं।

सिंधिया ने आगे कहा, "आज, भारत में 1.2 अरब मोबाइल ग्राहक हैं, जो दुनिया की मोबाइल आबादी का 20 प्रतिशत है। देश में 6 करोड़ ब्रॉडबैंड यूजर्स से बढ़कर 94.4 करोड़ इंटरनेट ग्राहक हो गए हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकता है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेमीकंडक्टर का महत्व क्या है?
सेमीकंडक्टर तकनीकें आज के डिजिटल युग में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए नींव का काम करती हैं।
भारत सेमीकंडक्टर उत्पादन में क्यों आगे बढ़ रहा है?
भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है और पीएलआई योजना के तहत सेमीकंडक्टर उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
5G और 6G का क्या संबंध है?
5G नेटवर्क की उपलब्धता के साथ, भारत 6G तकनीक में भी अग्रणी बनने की दिशा में प्रयास कर रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में प्रतियोगिता बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले