मध्य-पूर्व में तनाव के बीच सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव, कीमतों में आई कमी
सारांश
Key Takeaways
- मध्य-पूर्व में तनाव ने कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित किया है।
- सोने की कीमतें 5,500 से 5,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच सकती हैं।
- चांदी की कीमतें 85 से 95 डॉलर प्रति औंस के बीच रहेंगी।
- मुनाफावसूली ने हाल में कीमतों में गिरावट का कारण बनी है।
- डॉलर की कमजोरी से कीमती धातुओं को सहारा मिला है।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार के कारोबारी सत्र में कीमती धातुओं (सोने और चांदी) में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखा गया। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया, जिसके परिणामस्वरूप शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि हुई। लेकिन बाद में इन धातुओं में गिरावट आई।
खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 12.13 बजे) घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अप्रैल वायदा में इंट्रा-डे आधार पर 0.22 प्रतिशत की कमी आई, जो 1,61,165 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। वहीं, मई डिलीवरी वाला चांदी का फ्यूचर्स 1.17 प्रतिशत यानी 3,109 रुपए गिरकर 2,62,451 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया।
सुबह के समय, एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1,63,142 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई थी, जबकि चांदी 2,74,251 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी।
इससे पहले दिन में चांदी की कीमतों में 3.3 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई थी, जबकि सोने में भी 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धिकुछ नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट चांदी 1.2 प्रतिशत बढ़कर 84.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गई, जबकि स्पॉट सोना 0.8 प्रतिशत की वृद्धि
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष छठे दिन में पहुँच चुका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधाएँ आ रही हैं। इससे महंगाई की चिंताएँ भी बढ़ गई हैं। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा
डॉलर इंडेक्स 0.22 प्रतिशत बढ़कर 98.99 पर पहुँच गया है, जिससे विदेशी मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए सोना-चांदी अपेक्षाकृत सस्ते हो गए हैं। हाल ही में तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के कारण सुरक्षित मुद्रा माने जाने वाले डॉलर की मांग में कमी
विश्लेषकों का अनुमान है कि चांदी की कीमतें फिलहाल 85 से 95 डॉलर प्रति औंस के बीच स्थिर रह सकती हैं और इसके बाद 100 डॉलर5,500 से 5,600 डॉलर
ऊर्जा बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज पर बेंचमार्क क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती कारोबार में 2.43 प्रतिशत बढ़कर 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईमेक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.63 प्रतिशत बढ़कर 76.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया, जिससे कम से कम 80 लोगों की मौत की खबर है। इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और संघर्ष के और फैलने की आशंका पैदा कर दी है।
विश्लेषकों के अनुसार, सोने के लिए 1,58,0001,62,000 रुपए1,75,0001,80,000 रुपए2,50,0002,70,000 रुपए3,00,0003,20,000 रुपए
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना टल सकती है। इससे अमेरिकी बॉंड यील्ड को सहारा मिल सकता है और निकट भविष्य में सोना-चांदी की तेजी कुछ हद तक सीमित रह सकती है।