4 अगस्त 2026
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प्रल्हाद जोशी ने मुंबई NTH में रखी आधारशिला, बोले — मजबूत परीक्षण अवसंरचना आत्मनिर्भर भारत की नींव

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प्रल्हाद जोशी ने मुंबई NTH में रखी आधारशिला, बोले — मजबूत परीक्षण अवसंरचना आत्मनिर्भर भारत की नींव

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मुंबई NTH में आधारशिला रखकर और तीन नई परीक्षण सुविधाओं का उद्घाटन कर स्पष्ट संकेत दिया — भारत की गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली अब आत्मनिर्भर भारत की रणनीति का केंद्र बन रही है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 19 जून 2026 को मुंबई NTH परिसर में परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखी।
मुंबई NTH में नई सूक्ष्मजीवविज्ञानी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया।
गाजियाबाद स्थित NTH उत्तरी क्षेत्र केंद्र और छत्रपति संभाजीनगर के ऑरिक सिटी में NTH-ऑरिक उपग्रह केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन हुआ।
नई सुविधाओं से राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों का अनुपालन मजबूत होने और उपभोक्ता सुरक्षा तथा औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में सुधार की उम्मीद।
मंत्री ने कहा कि विश्व स्तरीय परीक्षण अवसंरचना आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का अनिवार्य स्तंभ है।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 19 जून 2026 को मुंबई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (NTH) परिसर में परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखते हुए कहा कि उपभोक्ता हितों की रक्षा, उत्पाद विश्वसनीयता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बल देने के लिए एक सशक्त परीक्षण एवं प्रमाणन अवसंरचना अपरिहार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का एक अनिवार्य स्तंभ है।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत भूमि पूजन समारोह के साथ हुई, जिसके बाद NTH मुंबई परिसर में भावी परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखी गई। इसी अवसर पर मंत्री जोशी ने मुंबई NTH में एक नई सूक्ष्मजीवविज्ञानी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्चुअल माध्यम से दो और केंद्रों का उद्घाटन किया — गाजियाबाद स्थित NTH का उत्तरी क्षेत्र केंद्र और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) के ऑरिक सिटी में स्थित NTH-ऑरिक उपग्रह केंद्र

परीक्षण अवसंरचना का महत्व

मंत्री ने कहा कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए देश की गुणवत्ता प्रणाली को सुदृढ़ करना आवश्यक है। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुपालन की पुष्टि अनिवार्य होती जा रही है, और घरेलू परीक्षण क्षमता की कमी अक्सर निर्यातकों के लिए एक बाधा बनती है।

जोशी ने उपभोक्ता मामलों के विभाग और राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र द्वारा देश भर में उन्नत परीक्षण क्षमताओं के विस्तार और उद्योगों एवं उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण परीक्षण सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों की सराहना की।

प्रयोगशाला दौरा और विशेषज्ञों से संवाद

मंत्री ने मुंबई स्थित प्रयोगशालाओं का व्यक्तिगत दौरा किया और वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा वरिष्ठ अधिकारियों से चल रही आधुनिकीकरण पहलों और परीक्षण क्षमताओं की समीक्षा की। यह दौरा देश के गुणवत्ता आश्वासन और परीक्षण अवसंरचना विस्तार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

आम जनता और उद्योग पर असर

नई उद्घाटित सुविधाओं से प्रमुख क्षेत्रों में परीक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों का अनुपालन मजबूत होगा, जिससे उपभोक्ता सुरक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा दोनों को बल मिलेगा। छत्रपति संभाजीनगर और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों में परीक्षण सुविधाओं की पहुँच बढ़ने से स्थानीय उद्योगों को महँगी तृतीय-पक्ष परीक्षण सेवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

क्या होगा आगे

मुंबई NTH परिसर में प्रस्तावित विस्तार से आने वाले वर्षों में परीक्षण क्षमता में और बढ़ोतरी अपेक्षित है। सरकार का लक्ष्य है कि देश भर में NTH नेटवर्क को इस प्रकार विस्तारित किया जाए जिससे भारतीय उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरें और निर्यात बाधाएँ कम हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असली महत्व यह है कि भारत का निर्यात महत्वाकांक्षा तब तक अधूरी रहेगी जब तक घरेलू परीक्षण और प्रमाणन ढाँचा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के बराबर नहीं आता। गौरतलब है कि कई भारतीय निर्यातक अब भी महँगी विदेशी परीक्षण एजेंसियों पर निर्भर हैं, जो लागत और समय दोनों बढ़ाती हैं। छत्रपति संभाजीनगर और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों में उपग्रह सुविधाएँ खोलना सही दिशा में कदम है, पर असली कसौटी यह होगी कि ये प्रयोगशालाएँ NABL मान्यता और अंतर्राष्ट्रीय समकक्षता कब तक हासिल करती हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (NTH) क्या है और यह क्या करता है?
राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (NTH) भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग के अंतर्गत एक सरकारी परीक्षण एवं प्रमाणन संस्था है। यह उत्पादों की गुणवत्ता जाँच करती है और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुपालन की पुष्टि करती है, जिससे उपभोक्ता सुरक्षा और निर्यात क्षमता दोनों सुनिश्चित होती हैं।
19 जून को मुंबई NTH में क्या-क्या हुआ?
19 जून 2026 को केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मुंबई NTH परिसर में परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखी और एक नई सूक्ष्मजीवविज्ञानी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इसके अलावा गाजियाबाद और छत्रपति संभाजीनगर में दो नए केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया।
NTH-ऑरिक उपग्रह केंद्र कहाँ स्थित है और इसका क्या महत्व है?
NTH-ऑरिक उपग्रह केंद्र महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) के ऑरिक सिटी में स्थित है। यह केंद्र मराठवाड़ा के औद्योगिक क्षेत्र को स्थानीय स्तर पर परीक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा, जिससे उद्योगों की दूरस्थ परीक्षण एजेंसियों पर निर्भरता कम होगी।
इन नई परीक्षण सुविधाओं से उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
नई सुविधाओं से उत्पादों की गुणवत्ता जाँच अधिक व्यापक और सुलभ होगी, जिससे बाज़ार में घटिया या मानक-विहीन उत्पादों की आपूर्ति पर अंकुश लगेगा। उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और प्रमाणित उत्पाद मिलेंगे, और उपभोक्ता सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।
यह विस्तार आत्मनिर्भर भारत से कैसे जुड़ा है?
मंत्री प्रल्हाद जोशी के अनुसार, विश्व स्तरीय परीक्षण अवसंरचना आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। घरेलू परीक्षण क्षमता बढ़ने से भारतीय उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सकेंगे, जो वैश्विक बाज़ारों में प्रतिस्पर्धा के लिए अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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