प्रल्हाद जोशी ने मुंबई NTH में रखी आधारशिला, बोले — मजबूत परीक्षण अवसंरचना आत्मनिर्भर भारत की नींव
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 19 जून 2026 को मुंबई स्थित राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (NTH) परिसर में परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखते हुए कहा कि उपभोक्ता हितों की रक्षा, उत्पाद विश्वसनीयता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बल देने के लिए एक सशक्त परीक्षण एवं प्रमाणन अवसंरचना अपरिहार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का एक अनिवार्य स्तंभ है।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत भूमि पूजन समारोह के साथ हुई, जिसके बाद NTH मुंबई परिसर में भावी परीक्षण सुविधाओं के विस्तार की आधारशिला रखी गई। इसी अवसर पर मंत्री जोशी ने मुंबई NTH में एक नई सूक्ष्मजीवविज्ञानी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्चुअल माध्यम से दो और केंद्रों का उद्घाटन किया — गाजियाबाद स्थित NTH का उत्तरी क्षेत्र केंद्र और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) के ऑरिक सिटी में स्थित NTH-ऑरिक उपग्रह केंद्र।
परीक्षण अवसंरचना का महत्व
मंत्री ने कहा कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए देश की गुणवत्ता प्रणाली को सुदृढ़ करना आवश्यक है। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुपालन की पुष्टि अनिवार्य होती जा रही है, और घरेलू परीक्षण क्षमता की कमी अक्सर निर्यातकों के लिए एक बाधा बनती है।
जोशी ने उपभोक्ता मामलों के विभाग और राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र द्वारा देश भर में उन्नत परीक्षण क्षमताओं के विस्तार और उद्योगों एवं उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण परीक्षण सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों की सराहना की।
प्रयोगशाला दौरा और विशेषज्ञों से संवाद
मंत्री ने मुंबई स्थित प्रयोगशालाओं का व्यक्तिगत दौरा किया और वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा वरिष्ठ अधिकारियों से चल रही आधुनिकीकरण पहलों और परीक्षण क्षमताओं की समीक्षा की। यह दौरा देश के गुणवत्ता आश्वासन और परीक्षण अवसंरचना विस्तार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
आम जनता और उद्योग पर असर
नई उद्घाटित सुविधाओं से प्रमुख क्षेत्रों में परीक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों का अनुपालन मजबूत होगा, जिससे उपभोक्ता सुरक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा दोनों को बल मिलेगा। छत्रपति संभाजीनगर और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों में परीक्षण सुविधाओं की पहुँच बढ़ने से स्थानीय उद्योगों को महँगी तृतीय-पक्ष परीक्षण सेवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
क्या होगा आगे
मुंबई NTH परिसर में प्रस्तावित विस्तार से आने वाले वर्षों में परीक्षण क्षमता में और बढ़ोतरी अपेक्षित है। सरकार का लक्ष्य है कि देश भर में NTH नेटवर्क को इस प्रकार विस्तारित किया जाए जिससे भारतीय उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरें और निर्यात बाधाएँ कम हों।