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निर्मला सीतारमण ने दोहा में जॉर्डन की मंत्री से की मुलाकात, 2030 तक $5 अरब व्यापार लक्ष्य पर जोर

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निर्मला सीतारमण ने दोहा में जॉर्डन की मंत्री से की मुलाकात, 2030 तक $5 अरब व्यापार लक्ष्य पर जोर

सारांश

दोहा में AIIB की 11वीं वार्षिक बैठक के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जॉर्डन की मंत्री जेइना जैद तौकान से मुलाकात की। दोनों देशों ने 2030 तक $5 अरब के व्यापार लक्ष्य पर जोर दिया और उर्वरक, ऊर्जा व बुनियादी ढाँचे में सहयोग गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 सितंबर 2026 को दोहा में जॉर्डन की मंत्री जेइना जैद तौकान से द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक AIIB की 11वीं वार्षिक बैठक के दौरान हुई; सीतारमण AIIB में भारत की गवर्नर हैं।
भारत, जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है; 2030 तक $5 अरब के व्यापार लक्ष्य पर जोर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, ऊर्जा, जल प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
सीतारमण जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के समकक्षों से भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगी।
पेट्रोनेट एलएनजी–कतरएनर्जी के बीच 2028–2048 तक सालाना 75 लाख टन एलएनजी आपूर्ति का समझौता लागू है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 सितंबर 2026 को कतर के दोहा में आयोजित एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की 11वीं वार्षिक बैठक के दौरान जॉर्डन की योजना और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय (MOPIC) की मंत्री जेइना जैद तौकान से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, व्यापार और निवेश समेत कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुई चर्चा

वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में बताया कि दोनों मंत्रियों के बीच खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सहमति बनी। सीतारमण ने इस अवसर पर रेखांकित किया कि भारत, जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और 2030 तक आपसी व्यापार को $5 अरब तक पहुँचाने के लक्ष्य पर दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता दोहराई।

जॉर्डन की मंत्री जेइना जैद तौकान ने कहा कि भारत जॉर्डन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बाज़ार है। उन्होंने उर्वरक, ऊर्जा, जल प्रबंधन और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में सहयोग जारी रखने की इच्छा व्यक्त की और जॉर्डन में भारतीय निवेश के नए अवसरों की उम्मीद भी जताई।

AIIB वार्षिक बैठक में भारत की भूमिका

वित्त मंत्री सीतारमण AIIB में भारत की गवर्नर के रूप में इस बैठक में भाग ले रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, वे अगले दो दिनों में AIIB के अध्यक्ष के साथ-साथ जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों से भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। इसके अतिरिक्त, वे AIIB इन्वेस्टर्स डायलॉग 2026 में भी शामिल होंगी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत बहुपक्षीय मंचों पर अपनी कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति लगातार बढ़ा रहा है। गौरतलब है कि AIIB की स्थापना जनवरी 2016 में $100 अरब की पूंजी के साथ हुई थी और इसके 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं। बैंक का मुख्यालय बीजिंग में है और यह सड़क, स्वच्छ ऊर्जा तथा जल प्रणालियों जैसी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के वित्त पोषण में सक्रिय भूमिका निभाता है।

कतर से भारत के ऊर्जा संबंध

दोहा यात्रा के दौरान वित्त मंत्री कतर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगी और कतर के कारोबारी नेताओं तथा निवेशकों के साथ बातचीत करेंगी। उल्लेखनीय है कि भारत और कतर के बीच ऊर्जा क्षेत्र में गहरे द्विपक्षीय संबंध हैं। पेट्रोनेट एलएनजी और कतरएनर्जी के बीच 20 वर्षीय एलएनजी समझौते के तहत 2028 से 2048 तक प्रतिवर्ष 75 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

आगे क्या होगा

यह बैठक भारत-जॉर्डन संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास है। व्यापार, उर्वरक और ऊर्जा क्षेत्र में ठोस सहयोग की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं। AIIB के मंच पर हुई यह वार्ता दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे हासिल करने के लिए ठोस क्रियान्वयन ढाँचे की ज़रूरत होगी। उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर जोर यह दर्शाता है कि भारत पश्चिम एशिया में केवल ऊर्जा तक सीमित न रहकर कृषि आपूर्ति श्रृंखला में भी रणनीतिक साझेदारी बना रहा है। AIIB जैसे बहुपक्षीय मंचों का उपयोग द्विपक्षीय वार्ता के लिए करना भारत की बदलती कूटनीतिक शैली को दर्शाता है — हालाँकि इन बैठकों के परिणाम अक्सर घोषणाओं तक सीमित रह जाते हैं और बाध्यकारी समझौतों की कमी एक पुरानी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्मला सीतारमण और जॉर्डन की मंत्री के बीच बैठक क्यों हुई?
यह बैठक 28 सितंबर 2026 को दोहा में AIIB की 11वीं वार्षिक बैठक के दौरान हुई, जहाँ दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, व्यापार और निवेश में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत और जॉर्डन के बीच 2030 का व्यापार लक्ष्य क्या है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2030 तक भारत-जॉर्डन द्विपक्षीय व्यापार को $5 अरब तक पहुँचाने के लक्ष्य पर जोर दिया। भारत फिलहाल जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
AIIB क्या है और भारत की इसमें क्या भूमिका है?
एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) एक बहुपक्षीय विकास बैंक है जो बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए काम करता है। इसकी स्थापना जनवरी 2016 में $100 अरब की पूंजी के साथ हुई थी और इसके 111 सदस्य देश हैं; भारत इसका एक प्रमुख सदस्य है और वित्त मंत्री भारत की गवर्नर के रूप में इसकी बैठकों में भाग लेती हैं।
जॉर्डन किन क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग चाहता है?
जॉर्डन की मंत्री जेइना जैद तौकान ने उर्वरक, ऊर्जा, जल प्रबंधन और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में सहयोग जारी रखने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने जॉर्डन में भारतीय निवेश के नए अवसरों की भी उम्मीद जताई।
भारत और कतर के बीच ऊर्जा संबंध कैसे हैं?
भारत की पेट्रोनेट एलएनजी और कतरएनर्जी के बीच 20 वर्षीय एलएनजी समझौता है, जिसके तहत 2028 से 2048 तक प्रतिवर्ष 75 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। यह भारत-कतर के बीच मज़बूत ऊर्जा साझेदारी का प्रमुख उदाहरण है।
राष्ट्र प्रेस
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