13 अगस्त 2026
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गौतम अदाणी का स्वतंत्रता दिवस संदेश: निर्णायक क्षणों में मूल्यों के प्रति सच्चे रहना सबसे ज़रूरी

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गौतम अदाणी का स्वतंत्रता दिवस संदेश: निर्णायक क्षणों में मूल्यों के प्रति सच्चे रहना सबसे ज़रूरी

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गौतम अदाणी का संदेश सिर्फ उत्सव नहीं था — यह तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के साथ मूल्यों, त्याग और कृतज्ञता पर गहरा संवाद था। खावड़ा की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना से जुड़े श्रमिकों का विशेष उल्लेख इस संबोधन को कॉर्पोरेट से परे राष्ट्रीय संकल्प का रूप देता है।

मुख्य बातें

गौतम अदाणी ने 13 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस पूर्व संबोधन में मूल्यों, विश्वास और दृढ़ निश्चय के प्रति सच्चे रहने का आह्वान किया।
'अपनी बात अपनों के साथ' कार्यक्रम में अदाणी समूह के तीन लाख से अधिक कर्मचारी और साझेदार एक साथ जुड़े।
अदाणी ने कहा — 15 अगस्त उनके लिए उत्सव के साथ-साथ कृतज्ञता का दिन भी है।
खावड़ा में कार्यरत कर्मचारियों और युवा इंजीनियरों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
अदाणी ने कहा कि विश्वास प्रतिदिन कार्यों, प्रतिबद्धताओं और चरित्र से निर्मित होता है।

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 13 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष संबोधन में कहा कि जीवन के निर्णायक मोड़ पर अपने मूल्यों, विश्वासों और दृढ़ संकल्प के प्रति ईमानदार बने रहना सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। यह संबोधन अहमदाबाद से आयोजित 'अपनी बात अपनों के साथ' कार्यक्रम के तहत दिया गया, जिसमें समूह के तीन लाख से अधिक कर्मचारी और साझेदार एक साथ जुड़े।

मूल्यों और विश्वास पर अदाणी का संदेश

अपने संबोधन में गौतम अदाणी ने कहा, "ऐसे समय आते हैं जब आप सबसे महत्वपूर्ण काम यह कर सकते हैं कि आप उस चीज़ के प्रति सच्चे रहें जिसे आप जानते हैं, जिसे आप महत्व देते हैं और जिस पर आप विश्वास करते हैं।" उन्होंने कहा कि विश्वास कोई एक बार की घोषणा नहीं, बल्कि यह प्रतिदिन कार्यों, प्रतिबद्धताओं और चरित्र के माध्यम से निर्मित होता है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इन्हीं मूल्यों ने उनकी व्यक्तिगत यात्रा को आकार दिया है और आज भी अदाणी समूह के कार्य-संस्कृति का मार्गदर्शन करते हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर कृतज्ञता और त्याग का संदेश

15 अगस्त के महत्व पर अपने विचार साझा करते हुए अदाणी ने कहा, "15 अगस्त मेरे लिए केवल उत्सव का दिन नहीं है बल्कि यह कृतज्ञता का दिन भी है। और शायद यह कृतज्ञता हमें जीवन का एक और गहरा सबक सिखाती है कि कोई भी बड़ा बदलाव त्याग के बिना और धैर्य के बिना संभव नहीं होता।"

यह ऐसे समय में आया है जब अदाणी समूह अपनी वैश्विक विस्तार योजनाओं और घरेलू अवसंरचना परियोजनाओं पर तेज़ी से काम कर रहा है। गौरतलब है कि समूह ने हाल के वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाह और हवाई अड्डा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया है।

खावड़ा परियोजना और श्रमिकों का योगदान

गुजरात के खावड़ा में चल रही देश की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में से एक का उल्लेख करते हुए अदाणी ने वहाँ तैनात कर्मचारियों और युवा इंजीनियरों के प्रति विशेष कृतज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों का काम केवल पेशेवर प्रतिबद्धता को नहीं दर्शाता, बल्कि यह खुद से भी बड़ी किसी चीज़ में योगदान देने का गौरव भी प्रकट करता है।

यह संदर्भ महत्वपूर्ण है क्योंकि खावड़ा परियोजना भारत की हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं का एक प्रमुख स्तंभ मानी जाती है।

'अपनी बात अपनों के साथ' कार्यक्रम

स्वतंत्रता दिवस पूर्व संध्या पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में तीन लाख से अधिक कर्मचारी और साझेदार एक साथ जुड़े। इस विचार-विमर्श में विश्वास, चरित्र और प्रतिबद्धता को केंद्र में रखा गया। समूह ने इसे अपनी साझा यात्रा पर मंथन के एक अवसर के रूप में प्रस्तुत किया।

आगे की दिशा

अदाणी समूह के इस संबोधन को कॉर्पोरेट नेतृत्व के नज़रिए से भी देखा जा रहा है, जहाँ एक प्रमुख उद्योगपति ने स्वतंत्रता दिवस को कर्मचारियों के साथ मूल्य-आधारित संवाद के मंच के रूप में इस्तेमाल किया। आने वाले समय में समूह की नवीकरणीय ऊर्जा और अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक रणनीतिक संदेश भी है। तीन लाख से अधिक कर्मचारियों तक एक साथ पहुँचने की यह कवायद कॉर्पोरेट संचार की दृष्टि से उल्लेखनीय है, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये मूल्य समूह की परियोजनाओं में ज़मीनी स्तर पर दिखते हैं। खावड़ा जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में श्रमिकों के कल्याण और पारदर्शिता के सवाल अभी भी प्रासंगिक हैं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतम अदाणी ने स्वतंत्रता दिवस पर क्या संदेश दिया?
गौतम अदाणी ने कहा कि जीवन के निर्णायक क्षणों में अपने मूल्यों, विश्वासों और दृढ़ निश्चय के प्रति सच्चे बने रहना सबसे ज़रूरी है। उन्होंने 15 अगस्त को उत्सव के साथ-साथ कृतज्ञता का दिन बताया और कहा कि बड़ा बदलाव त्याग और धैर्य के बिना संभव नहीं।
'अपनी बात अपनों के साथ' कार्यक्रम क्या है?
यह अदाणी समूह द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष विचार-विमर्श कार्यक्रम है। इसमें समूह के तीन लाख से अधिक कर्मचारी और साझेदार एक साथ जुड़े और संगठन की साझा यात्रा, विश्वास, चरित्र और प्रतिबद्धता पर मंथन किया।
खावड़ा परियोजना का उल्लेख अदाणी ने क्यों किया?
गुजरात के खावड़ा में देश की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में से एक विकसित की जा रही है। अदाणी ने वहाँ तैनात कर्मचारियों और युवा इंजीनियरों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका काम खुद से बड़ी किसी चीज़ में भागीदारी का गौरव दर्शाता है।
अदाणी के अनुसार विश्वास कैसे बनता है?
अदाणी ने कहा कि विश्वास एक बार की घोषणा से नहीं, बल्कि प्रतिदिन के कार्यों, प्रतिबद्धताओं और चरित्र के माध्यम से निर्मित होता है। यही मूल्य उनकी व्यक्तिगत यात्रा और अदाणी समूह की कार्य-संस्कृति दोनों का आधार हैं।
इस संबोधन में कितने कर्मचारी शामिल हुए?
अदाणी समूह के तीन लाख से अधिक कर्मचारी और साझेदार इस कार्यक्रम में एक साथ जुड़े। यह संबोधन 13 अगस्त 2026 को अहमदाबाद से आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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