14 अगस्त 2026
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राष्ट्रपति भवन से बुलावा पाने वाले दिव्यांग क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन: 'सपने में भी नहीं सोचा था'

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राष्ट्रपति भवन से बुलावा पाने वाले दिव्यांग क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन: 'सपने में भी नहीं सोचा था'

सारांश

अनंतनाग के दिव्यांग क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन — जो गरीब परिवार और बिना सड़क वाले गाँव से हैं — को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन बुलाया है। सचिन तेंदुलकर की तारीफ पा चुके इस खिलाड़ी की कहानी कश्मीर की उभरती क्रिकेट प्रतिभा का प्रतीक बन रही है।

मुख्य बातें

आमिर हुसैन लोन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' रिसेप्शन में आमंत्रित किया है।
लोन अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर के दिव्यांग क्रिकेटर हैं जो गरीब परिवार और पिछड़े गाँव से आते हैं।
सचिन तेंदुलकर उनकी क्रिकेट के प्रति लगन और समर्पण की प्रशंसा कर चुके हैं।
लोन ने गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन को अपनी क्रिकेट यात्रा में सबसे बड़ा सहारा बताया और चाहते हैं कि वे उनकी क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन करें।
औकिब नबी का श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चयन — राज्य से यह उपलब्धि पाने वाले पहले क्रिकेटर।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के दिव्यांग क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'एट होम' रिसेप्शन में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। गरीब परिवार और पिछड़े गाँव से आने वाले इस युवा खिलाड़ी के लिए यह निमंत्रण उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बन गया है।

खुशी से नींद उड़ी, गाँव में जश्न का माहौल

आमिर हुसैन लोन ने कहा, 'मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि जीवन में एक दिन ऐसा भी आएगा, जब मैं अपने राष्ट्रपति से मिलूंगा। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे देश के स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रपति के यहाँ से निमंत्रण मिला है।' उन्होंने बताया कि निमंत्रण मिले तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन उत्साह इतना है कि नींद नहीं आ रही और कुछ दिनों से क्रिकेट का अभ्यास भी छूट गया है।

लोन ने कहा, 'मैं गरीब घर से संबंध रखता हूं। हमारे गाँव में सड़कें भी नहीं हैं। ऐसे में यह निमंत्रण पत्र मिलने से पूरा गाँव खुश है। मुझे हमेशा परिवार का समर्थन मिला — इसकी उम्मीद नहीं थी।'

अदाणी फाउंडेशन का आभार, अकादमी उद्घाटन की चाहत

आमिर हुसैन ने अपनी क्रिकेट यात्रा में गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन के योगदान को अहम बताया। उन्होंने कहा, 'मेरी ज़िंदगी में एक वक्त ऐसा भी आया जब मैं पूरी तरह टूट गया था। उस समय मुझे गौतम अदाणी मसीहा के रूप में मिले।' उन्होंने इच्छा जताई कि उनकी आगामी क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन भी गौतम अदाणी के हाथों हो।

लोन ने भावुक होकर कहा, 'अदाणी फाउंडेशन ने जो भी मेरे लिए किया है, उसके लिए कितना भी शुक्रिया अदा करूं, वो कम होगा। जब भी नमाज़ पढ़ता हूं, उनके लिए दुआ मांगता हूं।'

बचपन से क्रिकेट का सपना, अब अकादमी का उद्घाटन

आमिर ने बताया कि बचपन में लोग उन्हें क्रिकेट नहीं खेलने देते थे, जिससे उन्हें बहुत दुख होता था। लेकिन उनकी लगन और समर्पण की प्रशंसा भारत के महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर भी कर चुके हैं। अब वे अपनी क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन करने जा रहे हैं — जो उनके लंबे संघर्ष की परिणति है।

औकिब नबी की सफलता पर गर्व, कश्मीर की प्रतिभा को सलाम

जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर औकिब नबी का भारतीय टेस्ट टीम में चयन — श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ के लिए — राज्य से पहली बार किसी खिलाड़ी को टेस्ट टीम में जगह मिलने की ऐतिहासिक घटना है। आमिर हुसैन ने इस पर कहा, 'यह हमारे राज्य के लिए फक्र की बात है। कश्मीर में बहुत प्रतिभा है और सारी प्रतिभाएं एक-एक कर सामने आ रही हैं। मैं चाहता हूं कि नबी की तरह अन्य क्रिकेटरों को भी मौका मिले।'

आगे क्या

15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आमिर हुसैन लोन राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' रिसेप्शन में शिरकत करेंगे। उनकी क्रिकेट अकादमी का उद्घाटन भी जल्द होने की उम्मीद है, जो कश्मीर के युवा दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक नई राह खोल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस कश्मीर की है जो दशकों की उथल-पुथल के बाद खेल के मैदान पर अपनी पहचान बना रहा है — औकिब नबी के टेस्ट चयन और लोन के राष्ट्रपति भवन निमंत्रण, दोनों इसी बदलाव के संकेत हैं। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि एक दिव्यांग खिलाड़ी को सरकारी संस्थाओं से नहीं, बल्कि एक निजी कॉर्पोरेट फाउंडेशन से सहारा मिला — जो राज्य में खेल अवसंरचना और सरकारी सहयोग की कमी का प्रतिबिंब है। राष्ट्रपति का निमंत्रण प्रेरणादायक है, पर असली प्रश्न यह है कि क्या ऐसे खिलाड़ियों के लिए संस्थागत समर्थन की व्यवस्था होगी, या ये कहानियाँ अपवाद ही बनी रहेंगी।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आमिर हुसैन लोन कौन हैं?
आमिर हुसैन लोन जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के दिव्यांग क्रिकेटर हैं, जिनकी क्रिकेट के प्रति लगन और समर्पण की प्रशंसा सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज भी कर चुके हैं। वे एक गरीब परिवार और पिछड़े गाँव से आते हैं और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखे हुए हैं।
आमिर हुसैन लोन को राष्ट्रपति भवन का निमंत्रण क्यों मिला?
उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'एट होम' रिसेप्शन में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। यह निमंत्रण उनकी क्रिकेट उपलब्धियों और समर्पण की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का प्रतीक माना जा रहा है।
अदाणी फाउंडेशन ने आमिर हुसैन लोन की किस तरह मदद की?
लोन के अनुसार, जब वे पूरी तरह टूट गए थे, तब गौतम अदाणी और अदाणी फाउंडेशन ने उन्हें सहारा दिया। फाउंडेशन के समर्थन से ही वे अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रख सके और अब एक क्रिकेट अकादमी स्थापित करने की स्थिति में हैं।
औकिब नबी कौन हैं और उनका चयन क्यों ऐतिहासिक है?
औकिब नबी जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर हैं जिनका श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चयन हुआ है। वे राज्य से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले क्रिकेटर हैं, जो कश्मीर की उभरती क्रिकेट प्रतिभा का प्रमाण है।
आमिर हुसैन लोन की क्रिकेट अकादमी कब खुलेगी?
अकादमी उद्घाटन की तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है। लोन ने इच्छा जताई है कि गौतम अदाणी इसका उद्घाटन करें। यह अकादमी कश्मीर के युवा और दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए एक नया मंच बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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