अनुष अगरवाला ने हेगन CDI1 में जीता सिल्वर, 70.147% स्कोर के साथ 22 प्रतिद्वंद्वियों में दूसरे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ड्रेसेज राइडर अनुष अगरवाला ने जर्मनी के हेगन में आयोजित 'कैवेलिएरो ड्रेसेज डेज' के अंतर्गत सीडीआई1 प्रिक्स सेंट जॉर्जेस इवेंट में रजत पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर अपना दमदार प्रदर्शन बरकरार रखा। अपने घोड़े 'स्ट्रेट हॉर्स फ्लोरियाना' के साथ उन्होंने 70.147 प्रतिशत स्कोर दर्ज किया और कुल 22 प्रतिभागियों के बीच दूसरा स्थान प्राप्त किया।
मुख्य प्रदर्शन
अगरवाला और फ्लोरियाना की जोड़ी ने एक बार फिर 70 प्रतिशत का महत्वपूर्ण आँकड़ा पार किया, जो अंतरराष्ट्रीय ड्रेसेज प्रतियोगिताओं में उच्च स्तरीय प्रदर्शन का मानक माना जाता है। यह यूरोपियन कैंपेन में उनकी एक और उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो भारत के शीर्ष ड्रेसेज राइडर्स में उनकी स्थिति को और मज़बूत करती है।
चयन विवाद की पृष्ठभूमि
यह परिणाम ऐसे समय में आया है जब अगरवाला और इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (EFI) की एड-हॉक कमेटी के बीच आगामी एशियन गेम्स के लिए चयन को लेकर विवाद चल रहा है। एशियन गेम्स में टीम ड्रेसेज स्वर्ण पदक विजेता रहे अगरवाला को इस बड़े महाद्वीपीय इवेंट के लिए रिज़र्व खिलाड़ी के रूप में चुना गया, जिसे उन्होंने चुनौती दी है।
दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका
अगरवाला ने दिल्ली उच्च न्यायालय में EFI की एड-हॉक कमेटी और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के खिलाफ रिट याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने 16 जून 2026 को जारी चयन सूची को रद्द करने की माँग की है। साथ ही, उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया है कि चयन समिति का पुनर्गठन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो और किसी भी प्रकार के हितों के टकराव से मुक्त रहे।
राइडर का पक्ष
अगरवाला ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में अपना पक्ष रखते हुए कहा था, "आज, मैं EFI 1 रैंकिंग में भारत का नंबर 1, एशिया का नंबर 2 और दुनिया का नंबर 14 ड्रेसेज राइडर हूँ। मैंने इस साल सभी भारतीय एथलीट्स में सबसे ज़्यादा पीएसजी स्कोर भी हासिल किया है। इसीलिए, आगामी एशियन गेम्स के लिए रिज़र्व खिलाड़ी के तौर पर चुना जाना हैरानी की बात है। इससे एथलीट सिलेक्शन के लिए अपनाए जा रहे मानदंडों पर अहम सवाल खड़े होते हैं।"
आगे क्या
हेगन में रजत पदक के साथ अगरवाला का यूरोपियन सर्किट पर प्रदर्शन जारी है, जबकि उनकी कानूनी लड़ाई और एशियन गेम्स चयन विवाद का निपटारा अभी बाकी है। दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका पर सुनवाई के नतीजे से भारतीय इक्वेस्ट्रियन खेलों में चयन प्रक्रिया की दिशा तय होगी।