एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने मोहाली के बजाय तटस्थ स्थल की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने 16 सितंबर 2026 को एशियन हॉकी फेडरेशन (AHF) से अनुरोध किया कि 27 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच मोहाली और जालंधर में होने वाले एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान पाकिस्तान के मुकाबले किसी तटस्थ स्थान पर कराए जाएँ। यह माँग तब आई जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान महज कुछ दिन पहले यह ऐलान कर चुके थे कि पाकिस्तान की हॉकी टीम टूर्नामेंट के लिए भारत आएगी।
PHF का रुख और वजह
PHF अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस फैसले का मकसद राष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए 'सुरक्षित, सम्मानजनक और अनुकूल माहौल' सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, 'हम भारत सहित FIH के सभी सदस्य देशों के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हैं।' वानी ने PHF की प्रतिबद्धता दोहराई कि खेलों को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि वानी ने दो दिन पहले ही यह कहा था कि 'पाकिस्तान टीम का दौरा सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा — सरकार जो भी कहेगी, हम वही करेंगे।' अब तटस्थ स्थल की माँग इसी सरकारी अनिश्चितता की व्यावहारिक अभिव्यक्ति मानी जा रही है।
टूर्नामेंट में कौन-कौन से देश
जालंधर और मोहाली में आयोजित होने वाले इस इवेंट में मेजबान भारत के अलावा पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। यह हॉकी की सबसे प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं में से एक है।
भारत-पाकिस्तान खेल संबंधों का इतिहास
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के चलते खेल आयोजनों में भागीदारी लंबे समय से विवादित रही है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को एशिया कप 2025 के लिए पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिली थी और उसने अपने मैच तटस्थ स्थल यूएई में खेले थे। पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ICC विमेंस वनडे विश्व कप के लिए भारत नहीं आई और उसने सह-मेजबान श्रीलंका में मैच खेले। इसी तरह, पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम ने ICC मेंस T20 विश्व कप 2026 के अपने मैच भी श्रीलंका में खेले थे।
यह पैटर्न बताता है कि खेल-राजनीति की यह उलझन अब क्रिकेट से आगे हॉकी तक पहुँच चुकी है। आलोचकों का कहना है कि हॉकी में तटस्थ स्थल की कोई स्थापित अवधारणा नहीं है, लिहाजा PHF की माँग टूर्नामेंट संचालन के लिए एक नई और जटिल मिसाल बना सकती है।
AHF और भविष्य की राह
रिपोर्टों के अनुसार, PHF अध्यक्ष वानी को उम्मीद है कि AHF तटस्थ स्थल के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगा। हालाँकि, AHF ने अभी तक इस अनुरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अगर AHF ने माँग नकार दी, तो पाकिस्तान की भागीदारी खतरे में पड़ सकती है — जो टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धात्मकता और भारत-पाकिस्तान हॉकी प्रतिद्वंद्विता, दोनों को प्रभावित करेगा।