एशियन गेम्स 2026: बिना एथलीट विलेज के भी सफल आयोजन, ओसीए ने 'डिस्ट्रिब्यूटेड मॉडल' को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) ने 4 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के दौरान कई परिचालन चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन परिषद का कहना है कि एथलीटों को प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक सुविधाएँ और अनुकूल माहौल सुनिश्चित किया गया। विशेष रूप से, इस बार पारंपरिक एथलीट विलेज के स्थान पर एक नए 'डिस्ट्रिब्यूटेड अकोमोडेशन मॉडल' को अपनाया गया, जिसकी ओसीए ने खुलकर सराहना की है।
नया आवास मॉडल: क्या था अलग
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में एथलीटों को विशेष रूप से निर्मित किसी एक विलेज में नहीं ठहराया गया। इसके बजाय, उन्हें कंटेनर आवास, क्रूज जहाजों और होटलों में ठहराने का एक वितरित मॉडल अपनाया गया। यह अपने आप में एक अभूतपूर्व प्रयोग था, जिसे शुरुआत में समझना कठिन था, लेकिन आयोजन के अंत तक इसने अपनी उपयोगिता साबित कर दी।
ओसीए समन्वय समिति के अध्यक्ष मोहम्मद तैयब इकराम ने खेलों के अंतिम दिन एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'चुनौतियों के बिना कोई खेल नहीं होता। हमने चुनौतियों का जिस तरह से सामना किया, उसे उजागर करना अधिक महत्वपूर्ण होना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता एथलीटों को बेहतरीन सुविधाएँ और सहायता देना था।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन: सफलता का प्रमाण
ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल मुसल्लम ने खेलों के दौरान बने कई विश्व और एशियाई रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा, 'आंकड़े खुद सब कुछ बताते हैं।' उनके अनुसार, यदि एथलीटों को उचित सुविधाएँ न मिलती, तो ऐसे शानदार परिणाम संभव नहीं होते।
अल मुसल्लम ने कहा कि नींद, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएँ और पौष्टिक भोजन — ये सभी पहलू एथलीटों के लिए सुनिश्चित किए गए थे। उन्होंने जोर देकर कहा, 'अगर खिलाड़ियों को अच्छी नींद नहीं मिलेगी, तो वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।' यह टिप्पणी उन आलोचनाओं के जवाब में आई जो आयोजन के दौरान लॉजिस्टिक्स को लेकर उठी थीं।
भविष्य के खेल आयोजनों के लिए नई राह
अल मुसल्लम ने कहा कि यह 'डिस्ट्रिब्यूटेड अकोमोडेशन मॉडल' भविष्य के बड़े खेल आयोजनों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बन सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस मॉडल से मेजबान शहरों को विशाल एथलीट विलेज बनाने और उसे दीर्घकाल तक संभालने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
गौरतलब है कि कई बड़े खेल आयोजनों के बाद भव्य इमारतें और सुविधाएँ बेकार पड़ जाती हैं, जिन्हें 'व्हाइट एलिफेंट' कहा जाता है। नागोया मॉडल इस पुरानी समस्या से बचने का एक व्यावहारिक रास्ता दिखाता है। तैयब इकराम ने भी कहा, 'जब इस मॉडल का प्रस्ताव दिया गया था तो इसे समझना मुश्किल था, लेकिन अब हमारे पास एक अच्छा अनुभव है। हो सकता है कि अन्य खेल भी इस पर विचार करें।'
सुरक्षा और सहयोग की सराहना
तैयब इकराम ने सुरक्षा को खेलों की एक प्रमुख उपलब्धि बताया और कहा कि पूरे आयोजन के दौरान एथलीटों और अन्य हितधारकों के लिए सुरक्षित परिस्थितियाँ बनाए रखी गईं। अल मुसल्लम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन समिति, स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवकों और सभी सहयोगियों के योगदान की प्रशंसा की।
ओसीए ने संकेत दिया है कि वह भविष्य में भी एथलीटों के लिए परिस्थितियों और सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। यह आयोजन वैश्विक खेल जगत में आवास मॉडल की पुनर्परिभाषा की शुरुआत हो सकता है।