एशियन गेम्स 2026: राही सरनोबत ने आवास विवाद खारिज किया, बोलीं- 'समय पर कमरा मिला, सब ठीक है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय निशानेबाज राही सरनोबत ने 19 सितंबर 2026 को नागोया में स्पष्ट किया कि एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान पहुँचने के बाद उन्हें रहने की जगह को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई। आइची-नागोया में आयोजित एशियाड में 35 सदस्यीय भारतीय शूटिंग टीम की इस अनुभवी सदस्य ने पहले की उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से नकार दिया, जिनमें उनके होटल बदलने का दावा किया गया था।
सरनोबत ने क्या कहा
सरनोबत ने अपने आवास को लेकर उठे विवाद पर कहा, 'असल में, कोई दिक्कत नहीं थी। आयोजकों के साथ थोड़ी कन्फ्यूजन की स्थिति थी, लेकिन मुझे समय पर कमरा मिल गया। मैं बिल्कुल ठीक हूँ।' इससे पहले रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्हें रहने की जगह के लिए होटल बदलना पड़ा था, लेकिन सरनोबत ने इसे भ्रामक बताया।
राही सरनोबत का शानदार एशियाई रिकॉर्ड
35 वर्षीया राही सरनोबत भारतीय शूटिंग की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2014 इंचियोन एशियाड में उन्होंने टीम इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इस बार भी वे भारत की पदक उम्मीदों में शामिल हैं।
भारत का शूटिंग अभियान और पदक लक्ष्य
भारतीय शूटिंग दल रविवार से अपना अभियान शुरू करेगा। गौरतलब है कि भारत ने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में शूटिंग में कुल 22 पदक जीते थे — जिनमें 7 स्वर्ण, 9 रजत और 6 कांस्य शामिल थे। आइची-नागोया गेम्स में भारतीय निशानेबाज उसी प्रदर्शन को दोहराने या उससे आगे निकलने की आकांक्षा लेकर मैदान में उतरेंगे।
मनु भाकर बनीं भारत की ध्वजवाहक
ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर को एशियन गेम्स 2026 की उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक चुना गया है। उनके साथ दूसरे ध्वजवाहक की जिम्मेदारी कबड्डी स्टार पवन सहरावत को सौंपी गई है। यह भाकर का तीसरा एशियन गेम्स है — उन्होंने पहली बार 2018 जकार्ता एशियाड में देश का प्रतिनिधित्व किया था। भाकर ने कहा कि यह सम्मान पाकर उन्हें शूटिंग के शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं, जब उन्होंने मात्र 16 साल की उम्र में एशियन गेम्स में डेब्यू किया था।
आगे क्या
भारतीय शूटिंग दल की नज़रें अब स्पर्धाओं पर टिकी हैं। रविवार से शुरू होने वाले अभियान में सरनोबत, भाकर और अन्य अनुभवी निशानेबाज भारत को पदक तालिका में ऊँचे स्थान पर पहुँचाने की कोशिश करेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम 2023 के प्रदर्शन को पार कर पाती है।