एशियन गेम्स 2026 फाइनल: मंधाना की 79 रन की आतिशी पारी, भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 3 विकेट पर 216 रन ठोके
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 22 सितंबर को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निशिन में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। स्मृति मंधाना और ऋचा घोष की तूफानी पारियों ने भारत को स्वर्ण पदक की दावेदारी में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।
मंधाना-शेफाली की धमाकेदार शुरुआत
भारत की पारी की नींव उपकप्तान स्मृति मंधाना और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने मिलकर रखी। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 9.6 ओवर में 99 रन की साझेदारी कर श्रीलंकाई गेंदबाजों को शुरुआत से ही रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया। शेफाली ने 29 गेंदों में 3 चौके और 3 छक्कों की मदद से 48 रन बनाए।
मंधाना की ऐतिहासिक पारी — 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन
शेफाली के पवेलियन लौटने के बाद मंधाना ने अपनी आक्रामक लय बरकरार रखी और 30 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने कुल 45 गेंदों में 5 चौके और 7 छक्कों की बदौलत 79 रन की दमदार पारी खेली — अपनी पारी में चौकों से अधिक छक्के लगाना उनकी आक्रामकता का प्रमाण रहा। गौरतलब है कि इसी पारी के दौरान मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 11,000 रन पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाली विश्व की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं — एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण जो इस फाइनल को और भी यादगार बनाता है।
हरमनप्रीत का संक्षिप्त योगदान
नंबर तीन पर उतरीं कप्तान हरमनप्रीत कौर इस बार अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकीं और 17 गेंदों में 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। बड़े मंच पर कप्तान के बल्ले से उम्मीद से कम योगदान भारत के लिए एकमात्र चिंता का विषय रहा, हालाँकि इसकी भरपाई बाकी बल्लेबाजों ने कर दी।
ऋचा-भारती की विस्फोटक साझेदारी
पारी के अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने कमाल की बल्लेबाजी करते हुए 22 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्कों की सहायता से 49 रन नाबाद बनाए। भारती फुलमाली ने 7 गेंदों में 7 रन बनाकर एक छोर संभाले रखा। दोनों ने मिलकर चौथे विकेट के लिए केवल 19 गेंदों में 53 रन की अटूट साझेदारी की, जिसने भारत के स्कोर को 200 के पार और फिर 216 तक पहुँचाया।
श्रीलंका की गेंदबाजी
श्रीलंका की ओर से सुगंधिका कुमारी, कविशा दिलहारी और चमुदी प्रबोधा ने एक-एक विकेट चटकाया। हालाँकि तीनों गेंदबाजों को भारतीय बल्लेबाजों की तेज़ बल्लेबाजी के सामने काफी रन खर्च करने पड़े। 216 रन के लक्ष्य का पीछा करना श्रीलंकाई टीम के लिए बेहद कठिन चुनौती होगी, क्योंकि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतने बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने के उदाहरण बेहद कम हैं।