1 अक्टूबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: गणेश मणि रत्नम ने कंपाउंड आर्चरी में ब्रॉन्ज जीता, भारत के 4 पदक पूरे

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एशियन गेम्स 2026: गणेश मणि रत्नम ने कंपाउंड आर्चरी में ब्रॉन्ज जीता, भारत के 4 पदक पूरे

सारांश

गणेश मणि रत्नम का ब्रॉन्ज और टीम का तिहरा गोल्ड — भारत ने आइची-नागोया में कंपाउंड आर्चरी में 4 पदक जीते। सबसे बड़ी खबर: मिक्स्ड टीम गोल्ड के साथ मिला लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा, जहाँ कंपाउंड आर्चरी पहली बार ओलंपिक में होगी।

मुख्य बातें

गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने 1 अक्टूबर 2026 को पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में वियतनाम को 149-144 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
गणेश का यह आइची-नागोया 2026 में दूसरा पदक — बुधवार को पुरुष टीम इवेंट में भी गोल्ड जीत चुके हैं।
भारत ने कंपाउंड आर्चरी में 3 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज के साथ अभियान समाप्त किया; आर्चरी में कुल 4 पदक ।
चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम गोल्ड जीता और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया।
हांगझोऊ 2023 में सभी 5 गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम इस बार दोनों व्यक्तिगत खिताबों का बचाव नहीं कर सकी।

भारतीय कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने 1 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने वियतनाम के कांग डुक डांग को 149-144 से पराजित किया। इस जीत के साथ आर्चरी में भारत के कुल पदकों की संख्या 4 हो गई।

गणेश का शानदार प्रदर्शन

गणेश मणि रत्नम ने तांबे के तमगे की दौड़ में असाधारण सटीकता दिखाई। उन्होंने पूरे मुकाबले में 14 बार '10' का स्कोर किया और लगातार तीन बार '10' दागकर अपने प्रतिद्वंद्वी पर निर्णायक बढ़त बनाई। अंततः 149 बनाम 144 के अंतर से उन्होंने तीसरा स्थान सुनिश्चित किया।

गौरतलब है कि यह आइची-नागोया 2026 में गणेश का दूसरा पदक है। इससे एक दिन पहले, बुधवार को उन्होंने कुशल दलाल और साहिल जाधव के साथ मिलकर पुरुषों की टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था — उस मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने शानदार वापसी करते हुए चीन को परास्त किया था।

चिकिथा तनिपार्थी क्वार्टर-फाइनल में बाहर

महिला वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी। चिकिथा तनिपार्थी क्वार्टर-फाइनल में इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफाह से 143-144 के बेहद करीबी अंतर से हारकर बाहर हो गईं। शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद चिकिथा ने तीसरे राउंड में जबरदस्त वापसी करते हुए बढ़त ले ली, लेकिन अंतिम राउंड में उनके 8, 9, 10 के स्कोर के सामने नुरिसा के 10, 10, 9 ने पासा पलट दिया।

भारत का समग्र कंपाउंड आर्चरी प्रदर्शन

भारत ने आइची-नागोया 2026 की कंपाउंड आर्चरी प्रतियोगिता में तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज के साथ अभियान समाप्त किया। हालाँकि, हांगझोऊ 2023 में सभी पाँच गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम इस बार दोनों व्यक्तिगत खिताबों — पुरुष और महिला — की रक्षा करने में सफल नहीं रही।

चिकिथा, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की महिला तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर टीम गोल्ड बरकरार रखा — भारत ने इस इवेंट में 2018 में सिल्वर और 2014 में ब्रॉन्ज जीता था, इसलिए यह जीत ऐतिहासिक निरंतरता की कड़ी है।

ओलंपिक कोटा की बड़ी उपलब्धि

इन खेलों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रही — कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का गोल्ड मेडल, जो चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने जीता। इस जीत से भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा हासिल हुआ — यह खेल पहली बार ओलंपिक में शामिल होने जा रहा है, जो इस कोटे को और भी ऐतिहासिक बनाता है।

साहिल जाधव के लिए यह एशियन गेम्स विशेष रहे — उन्होंने मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम इवेंट दोनों में गोल्ड जीतकर दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

आगे क्या

कंपाउंड आर्चरी में भारत के इस प्रदर्शन ने लॉस एंजिल्स 2028 से पहले टीम की ताकत को रेखांकित किया है। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में चुनौती बरकरार है, लेकिन ओलंपिक कोटा मिलना भारतीय तीरंदाजी के लिए एक नई दिशा तय करता है। अब निगाहें आगामी विश्व कप और ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया पर टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हांगझोऊ 2023 के 'परफेक्ट स्वीप' से पीछे है — और यही असली कहानी है। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में खिताबों का बचाव न हो पाना यह संकेत देता है कि एशिया में प्रतिस्पर्धा गहरी हो रही है। हालाँकि, लॉस एंजिल्स 2028 का ओलंपिक कोटा एक रणनीतिक जीत है — कंपाउंड आर्चरी के पहली बार ओलंपिक में शामिल होने के साथ, भारत उस पदक दौड़ में शुरुआत से ही मौजूद रहेगा जो अभी तक किसी देश ने नहीं जीती।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता?
गणेश मणि रत्नम ने पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने ओकाजाकी में वियतनाम के कांग डुक डांग को 149-144 से हराया। इससे पहले वे पुरुष टीम इवेंट में गोल्ड भी जीत चुके थे, यानी आइची-नागोया में उनके कुल दो पदक हैं।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कंपाउंड आर्चरी में कुल कितने पदक जीते?
भारत ने कंपाउंड आर्चरी में कुल 4 पदक जीते — तीन गोल्ड (पुरुष टीम, महिला टीम, मिक्स्ड टीम) और एक ब्रॉन्ज (पुरुष व्यक्तिगत)। यह हांगझोऊ 2023 के पाँच गोल्ड से कम है, लेकिन लॉस एंजिल्स 2028 का ओलंपिक कोटा मिलना बड़ी उपलब्धि रही।
लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भारत को कंपाउंड आर्चरी कोटा कैसे मिला?
चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव ने एशियन गेम्स 2026 में कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का गोल्ड मेडल जीता, जिससे भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा मिला। कंपाउंड आर्चरी पहली बार 2028 ओलंपिक में शामिल होगी।
चिकिथा तनिपार्थी एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत इवेंट में क्यों हारीं?
चिकिथा तनिपार्थी क्वार्टर-फाइनल में इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफाह से 143-144 के करीबी अंतर से हारीं। अंतिम राउंड में चिकिथा ने 8, 9, 10 स्कोर किया जबकि नुरिसा ने 10, 10, 9 दागकर मुकाबला जीत लिया।
हांगझोऊ 2023 की तुलना में आइची-नागोया 2026 में भारतीय कंपाउंड आर्चरी का प्रदर्शन कैसा रहा?
हांगझोऊ 2023 में भारत ने कंपाउंड आर्चरी के सभी पाँच गोल्ड मेडल जीते थे। आइची-नागोया 2026 में भारत तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज तक सिमट गया — दोनों व्यक्तिगत खिताबों का बचाव नहीं हो सका, लेकिन सभी तीन टीम इवेंट जीतना और ओलंपिक कोटा हासिल करना उल्लेखनीय रहा।
राष्ट्र प्रेस
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