एशियन गेम्स 2026: गणेश मणि रत्नम ने कंपाउंड आर्चरी में ब्रॉन्ज जीता, भारत के 4 पदक पूरे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने 1 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों के व्यक्तिगत कंपाउंड इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने वियतनाम के कांग डुक डांग को 149-144 से पराजित किया। इस जीत के साथ आर्चरी में भारत के कुल पदकों की संख्या 4 हो गई।
गणेश का शानदार प्रदर्शन
गणेश मणि रत्नम ने तांबे के तमगे की दौड़ में असाधारण सटीकता दिखाई। उन्होंने पूरे मुकाबले में 14 बार '10' का स्कोर किया और लगातार तीन बार '10' दागकर अपने प्रतिद्वंद्वी पर निर्णायक बढ़त बनाई। अंततः 149 बनाम 144 के अंतर से उन्होंने तीसरा स्थान सुनिश्चित किया।
गौरतलब है कि यह आइची-नागोया 2026 में गणेश का दूसरा पदक है। इससे एक दिन पहले, बुधवार को उन्होंने कुशल दलाल और साहिल जाधव के साथ मिलकर पुरुषों की टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था — उस मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने शानदार वापसी करते हुए चीन को परास्त किया था।
चिकिथा तनिपार्थी क्वार्टर-फाइनल में बाहर
महिला वर्ग में भारत को निराशा हाथ लगी। चिकिथा तनिपार्थी क्वार्टर-फाइनल में इंडोनेशिया की नुरिसा डियान अशरीफाह से 143-144 के बेहद करीबी अंतर से हारकर बाहर हो गईं। शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद चिकिथा ने तीसरे राउंड में जबरदस्त वापसी करते हुए बढ़त ले ली, लेकिन अंतिम राउंड में उनके 8, 9, 10 के स्कोर के सामने नुरिसा के 10, 10, 9 ने पासा पलट दिया।
भारत का समग्र कंपाउंड आर्चरी प्रदर्शन
भारत ने आइची-नागोया 2026 की कंपाउंड आर्चरी प्रतियोगिता में तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज के साथ अभियान समाप्त किया। हालाँकि, हांगझोऊ 2023 में सभी पाँच गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम इस बार दोनों व्यक्तिगत खिताबों — पुरुष और महिला — की रक्षा करने में सफल नहीं रही।
चिकिथा, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की महिला तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर टीम गोल्ड बरकरार रखा — भारत ने इस इवेंट में 2018 में सिल्वर और 2014 में ब्रॉन्ज जीता था, इसलिए यह जीत ऐतिहासिक निरंतरता की कड़ी है।
ओलंपिक कोटा की बड़ी उपलब्धि
इन खेलों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रही — कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का गोल्ड मेडल, जो चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने जीता। इस जीत से भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा हासिल हुआ — यह खेल पहली बार ओलंपिक में शामिल होने जा रहा है, जो इस कोटे को और भी ऐतिहासिक बनाता है।
साहिल जाधव के लिए यह एशियन गेम्स विशेष रहे — उन्होंने मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम इवेंट दोनों में गोल्ड जीतकर दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
आगे क्या
कंपाउंड आर्चरी में भारत के इस प्रदर्शन ने लॉस एंजिल्स 2028 से पहले टीम की ताकत को रेखांकित किया है। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में चुनौती बरकरार है, लेकिन ओलंपिक कोटा मिलना भारतीय तीरंदाजी के लिए एक नई दिशा तय करता है। अब निगाहें आगामी विश्व कप और ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया पर टिकी रहेंगी।