एशियन पैरा गेम्स 2026: कस्तूरी राजामणि ने पावरलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, 108 किलो उठाकर रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा एथलीट कस्तूरी राजामणि ने 21 अक्टूबर 2026 को नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 67 किलोग्राम पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। तमिलनाडु की 42 वर्षीय इस एथलीट ने अपने अंतिम प्रयास में 108 किलोग्राम भार सफलतापूर्वक उठाकर पोडियम पर जगह सुनिश्चित की। यह इन खेलों में पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत का दूसरा पदक है।
मुकाबले का रोमांचक घटनाक्रम
राजामणि ने प्रतियोगिता में क्रमशः 103 किलो, 106 किलो और 108 किलो भार उठाकर अपना प्रदर्शन बेहतर करती गईं। अंतिम दौर तक सिल्वर के लिए मुकाबला कड़ा बना रहा, क्योंकि साउथ कोरिया की किम ह्योंगहुई ने 107 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। किम अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार नहीं कर सकीं, और दोनों एथलीटों के बीच महज 1 किलो का अंतर निर्णायक साबित हुआ — राजामणि दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि किम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
स्वर्ण किसने जीता
उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलोग्राम भार उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। राजामणि और उक्तामोवा के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के बीच 19 किलो का अंतर रहा, जो इस स्पर्धा में उज्बेक एथलीट की प्रभुत्वशाली बढ़त को दर्शाता है।
राजामणि की प्रेरणादायक पृष्ठभूमि
पोलियो के कारण दोनों पैरों से दिव्यांग कस्तूरी राजामणि का जीवन सफर उतना ही दृढ़ रहा है जितना उनकी लिफ्ट। बचपन में माँ को खोने के बाद उनकी दादी ने उनका पालन-पोषण किया। गौरतलब है कि एशियन पैरा गेम्स के पिछले संस्करण में वे पाँचवें स्थान पर रही थीं — इस बार सिल्वर पदक उनके करियर में एक नई ऊँचाई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पैरा खेलों की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मज़बूत होती जा रही है।
पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत की बढ़ती ताकत
राजामणि के पदक से एक दिन पहले, 20 अक्टूबर को अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों की 65 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत का खाता खोला था। मलिक ने पिछले संस्करण के ब्रॉन्ज से एक पायदान ऊपर आकर अपना प्रदर्शन बेहतर किया। अब मलिक और राजामणि दोनों के पदक विजेताओं में शामिल होने से आइची-नागोया में पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत की स्थिति और सुदृढ़ हो गई है।
आगे क्या
एशियन पैरा गेम्स 2026 अभी जारी हैं और भारतीय दल विभिन्न स्पर्धाओं में पदकों की उम्मीद लगाए हुए है। राजामणि का यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग टूर्नामेंटों में उनकी दावेदारी को और मज़बूत करता है।