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आवेश खान: एमपीएल से आईपीएल और रणजी तक का रास्ता खुलता है, चंबल घड़ियाल टेबल टॉपर

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आवेश खान: एमपीएल से आईपीएल और रणजी तक का रास्ता खुलता है, चंबल घड़ियाल टेबल टॉपर

सारांश

भारतीय टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज आवेश खान का कहना है कि एमपीएल सिर्फ एक राज्य लीग नहीं — यह आईपीएल और रणजी तक जाने की सीढ़ी है। उनकी टीम चंबल घड़ियाल टेबल टॉपर है और महिला टीम पहले ही खिताब जीत चुकी है।

मुख्य बातें

तेज गेंदबाज आवेश खान ने कहा कि एमपीएल मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए आईपीएल, रणजी ट्रॉफी और मुश्ताक अली ट्रॉफी तक पहुँचने का सबसे ज़रूरी मंच है।
चंबल घड़ियाल पूरे सीजन में टेबल टॉपर रही; टीम की ताकत किसी एक खिलाड़ी पर नहीं, सामूहिक प्रदर्शन पर टिकी है।
आवेश के अनुसार क्रिकेट में सफलता सिर्फ प्रतिभा से नहीं, बल्कि फिटनेस, मानसिकता और निरंतर सुधार से मिलती है।
चंबल घड़ियाल की महिला टीम इस सीजन में एमपीएल खिताब जीत चुकी है; पुरुष टीम सेमीफाइनल में उतरेगी।
एमपीएल में 10 टीमें हैं; आवेश ने इसे 'मिनी आईपीएल' करार दिया।

तेज गेंदबाज आवेश खान ने कहा है कि मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल) राज्य के उभरते क्रिकेटरों के लिए आईपीएल, रणजी ट्रॉफी और मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे बड़े मंचों तक पहुँचने का सबसे अहम ज़रिया बन चुकी है। 24 जून 2026 को एमपीएल के अंतिम चरण में पहुँचने के साथ, आवेश की टीम चंबल घड़ियाल पूरे सीजन में अपना दबदबा बनाए हुए टेबल टॉपर की स्थिति में है।

प्रतिभा नहीं, निरंतर सुधार है असली कुंजी

आवेश ने कहा, 'प्रतिभा हर किसी में होती है, लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर हर बार आप खुद को कैसे बेहतर करते हैं, ये ज़्यादा अहम है।' उनके अनुसार, फिटनेस, गेंदबाज़ी, बल्लेबाज़ी, मानसिकता और स्किल्स — इन सभी पहलुओं पर लगातार काम करना ही दीर्घकालिक सफलता की बुनियाद है। प्रतिभा सिर्फ कुछ समय के लिए काम करती है; उसे परिणाम में बदलने के लिए अनुशासन चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों की सबसे बड़ी कमज़ोरी यह है कि वे अपनी कमियों को दूर किए बिना सिर्फ प्रतिभा पर भरोसा करते हैं। आवेश इस संदेश को अपने आस-पास के युवा क्रिकेटरों के साथ नियमित रूप से साझा करते हैं, खासकर एमपीएल जैसे मंच पर, जहाँ आईपीएल स्काउट्स और राज्य के चयनकर्ता नज़र रखते हैं।

एमपीएल: मिनी आईपीएल का अनुभव

आवेश ने एमपीएल की तुलना सीधे आईपीएल से करते हुए कहा, 'यह लगभग मिनी आईपीएल जैसा लगता है।' लीग में 10 टीमें हैं और उनके अनुसार कोई भी टीम कमज़ोर नहीं है। इंदौर के होम ग्राउंड पर खेलने का उत्साह अलग ही होता है, जहाँ अपने ही राज्य के खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला होता है।

गौरतलब है कि एमपीएल जैसी राज्य लीगें भारत में क्रिकेट के ढाँचे को मज़बूत करने की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा हैं, जिसमें बीसीसीआई राज्य संघों को अपनी टी20 लीग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। यह टूर्नामेंट उन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करता है जो बड़े मंचों पर जगह बनाना चाहते हैं।

चंबल घड़ियाल की सफलता का राज़

टेबल टॉपर चंबल घड़ियाल की सफलता का श्रेय आवेश ने पूरी टीम को दिया। उनके अनुसार, 'हर मैच में हमारे पास अलग-अलग मैच विनर होते हैं — हम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं हैं।' यह सामूहिक प्रदर्शन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

उल्लेखनीय है कि चंबल घड़ियाल की महिला टीम इस सीजन में पहले ही एमपीएल खिताब जीत चुकी है। आवेश ने स्पष्ट किया कि पुरुष टीम उस उपलब्धि की बराबरी करने का दबाव नहीं महसूस कर रही — 'हम कभी भी खुद पर यह दबाव नहीं डालेंगे कि हमें जीतना है क्योंकि महिला टीम जीती है।'

सेमीफाइनल की तैयारी

लीग स्टेज की सफलता के बाद आवेश चाहते हैं कि टीम सेमीफाइनल को भी एक सामान्य मैच की तरह ले। उन्होंने कहा, 'मैच में थोड़ा दबाव जरूर होता है, लेकिन हमारी टीम ने इसे अब तक अच्छी तरह संभाला है।' टीम आपसी बातचीत से दबाव को प्रबंधित करने की रणनीति अपनाएगी।

भारतीय राष्ट्रीय टीम से फिलहाल बाहर चल रहे आवेश के लिए एमपीएल न केवल राज्य के खिलाड़ियों के लिए, बल्कि खुद उनके लिए भी अपनी फॉर्म और फिटनेस साबित करने का एक महत्त्वपूर्ण मंच है। आने वाले सेमीफाइनल में चंबल घड़ियाल का प्रदर्शन तय करेगा कि क्या वे महिला टीम के नक्शेकदम पर चलते हुए डबल खिताब की ओर बढ़ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न सिर्फ युवाओं को सलाह देने का। राज्य टी20 लीगों की असली परीक्षा यह है कि क्या वे वास्तव में घरेलू क्रिकेट की गहराई बढ़ाती हैं या सिर्फ स्थापित खिलाड़ियों को एक्सपोज़र देती हैं। चंबल घड़ियाल की 'कोई एक स्टार नहीं' वाली टीम संस्कृति एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन एमपीएल से आईपीएल तक पहुँचने वाले अनजान खिलाड़ियों की संख्या ही इस मंच की असली सफलता का पैमाना होगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल) क्या है?
एमपीएल मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित एक राज्य-स्तरीय टी20 लीग है, जिसमें 10 टीमें भाग लेती हैं। यह लीग राज्य के उभरते खिलाड़ियों को आईपीएल स्काउट्स और राज्य चयनकर्ताओं के सामने अपना हुनर दिखाने का मौका देती है।
आवेश खान एमपीएल में किस टीम से खेल रहे हैं?
आवेश खान इस सीजन में चंबल घड़ियाल टीम का हिस्सा हैं, जो एमपीएल 2026 में टेबल टॉपर की स्थिति में है। टीम की महिला इकाई इस सीजन का खिताब पहले ही जीत चुकी है।
आवेश खान के अनुसार युवा क्रिकेटरों को क्या करना चाहिए?
आवेश खान का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को सिर्फ प्रतिभा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि फिटनेस, गेंदबाज़ी, बल्लेबाज़ी, मानसिकता और स्किल्स पर लगातार काम करना चाहिए। गलतियों से सीखना और उन्हें दोहराना नहीं — यही सफल क्रिकेटर की पहचान है।
चंबल घड़ियाल की सफलता का कारण क्या है?
आवेश खान के अनुसार, चंबल घड़ियाल की ताकत यह है कि हर मैच में अलग-अलग खिलाड़ी मैच विनर बनते हैं — टीम किसी एक पर निर्भर नहीं है। यह सामूहिक प्रदर्शन ही उन्हें पूरे सीजन में टेबल टॉप पर बनाए हुए है।
एमपीएल से आईपीएल या रणजी ट्रॉफी तक कैसे पहुँचा जा सकता है?
आवेश खान के मुताबिक, एमपीएल में आईपीएल स्काउट्स और राज्य चयनकर्ता सक्रिय रूप से नई प्रतिभाएँ तलाशते हैं। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए यह लीग रणजी ट्रॉफी, मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल तक पहुँचने की सीढ़ी का काम करती है।
राष्ट्र प्रेस
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