बबीता फोगाट कांगड़ा में 'संडे ऑन साइकिल' में शामिल, बोलीं — 'खेल की लत लगाओ, तिरंगे का जुनून रखो'
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बबीता फोगाट 23 मई 2026 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा पहुँचीं, जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार के फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम 'संडे ऑन साइकिल' में भाग लिया। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित यह कार्यक्रम हर रविवार देशभर में आयोजित होता है और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करता है।
बबीता फोगाट का संदेश: नशे की जगह खेल को अपनाएँ
कार्यक्रम से पहले पत्रकारों से बातचीत में बबीता फोगाट ने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा, 'अगर आपको किसी चीज की लत लगानी ही है, तो क्यों न वह खेल की हो? अगर आपको किसी चीज के प्रति जुनूनी होना ही है, तो क्यों न वह हमारे देश का तिरंगा हो? अगर इस लत से कोई बीमारी होती भी है, तो वह सफलता की बीमारी होगी, और यह आपके देश को भी गौरवान्वित करेगी।' यह बयान नशा-मुक्ति अभियान की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
फिट इंडिया मूवमेंट और 'संडे ऑन साइकिल' का उद्देश्य
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया 'संडे ऑन साइकिल' कार्यक्रम केवल फिटनेस तक सीमित नहीं है — यह मोटापे के विरुद्ध एक जन-अभियान और पर्यावरण संरक्षण का संदेशवाहक भी है। SAI इस कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भागीदार है। बबीता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, 'फिट इंडिया मूवमेंट और साइकिल मूवमेंट पूरे देश में एक आंदोलन की तरह चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहद अहम है।'
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और अहमदाबाद की तैयारी
बबीता फोगाट ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के अहमदाबाद में आयोजन की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'मैंने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। हर एथलीट का सपना होता है कि वह अपने देश में खेलते हुए पदक जीते। बहुत अच्छी बात है कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अहमदाबाद में होने जा रहा है।' खेल मंत्रालय और SAI ने इसकी तैयारियाँ पहले ही शुरू कर दी हैं।
युवाओं पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवाओं के बीच नशे की समस्या चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि बबीता फोगाट जैसे स्थापित खिलाड़ियों की भागीदारी इस अभियान को जमीनी स्तर पर विश्वसनीयता और व्यापक पहुँच देती है। 'संडे ऑन साइकिल' का यह साप्ताहिक स्वरूप इसे एकबारगी आयोजन से अलग करता है और इसे एक दीर्घकालिक जन-आंदोलन का रूप देता है।