बीसीसीआई एजीएम: अरुण धूमल फिर बने आईपीएल चेयरमैन, घरेलू अंपायरों के वेतन ढाँचे में बड़ा बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की 95वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) 18 सितंबर 2026 को मुंबई स्थित बोर्ड मुख्यालय में आयोजित हुई, जिसमें अरुण सिंह धूमल और एम. खैरुल जमाल मजूमदार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) गवर्निंग काउंसिल के लिए निर्विरोध दोबारा चुना गया। इसके साथ ही एजीएम ने घरेलू अंपायरों और मैच रेफरियों के लिए नए वेतन ढाँचे और ग्रेड सिस्टम को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
निर्विरोध चुनाव: आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में स्थिरता
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की दो सीटों के लिए दोनों उम्मीदवारों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति ने नामांकन नहीं भरा। बीसीसीआई के चुनाव अधिकारी ए.के. जोति द्वारा नामांकन पत्रों की जाँच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि धूमल दूसरी बार आईपीएल के चेयरमैन बनेंगे, जबकि इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन (आईसीए) के प्रतिनिधि के रूप में मजूमदार भी काउंसिल में बने रहेंगे। गौरतलब है कि यह निर्विरोध चयन आईपीएल प्रशासन में प्रशासनिक निरंतरता का स्पष्ट संकेत देता है।
अंपायरों और मैच रेफरियों के लिए नया वेतन ढाँचा
एजीएम का एक महत्त्वपूर्ण निर्णय था घरेलू अंपायरों और मैच रेफरियों के भुगतान ढाँचे में व्यापक बदलाव और नए ग्रेड सिस्टम की मंजूरी। यह बदलाव लंबे समय से क्रिकेट प्रशासन में अपेक्षित माना जा रहा था, जिससे मैदान पर निर्णय लेने वाले इन अधिकारियों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। बोर्ड ने 2025-26 वित्तीय वर्ष के ऑडिट किए गए खातों को औपचारिक रूप से स्वीकार किया और 2026-27 के वार्षिक बजट को भी हरी झंडी दी। अगले वित्तीय चक्र के लिए ऑडिटर्स की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी गई।
आईपीएल की 20वीं वर्षगाँठ और बीसीसीआई की शताब्दी की तैयारियाँ
आम सभा ने 2027 में आईपीएल के 20वें संस्करण को विशेष और भव्य रूप से मनाने का निर्णय किया। बोर्ड इसके लिए पहले से ही तैयारियाँ शुरू करेगा ताकि टूर्नामेंट के दो दशक पूरे होने का उत्सव बड़े पैमाने पर आयोजित हो सके। इससे भी बड़े पड़ाव के रूप में, बीसीसीआई ने अपनी 100वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 2028 में शताब्दी समारोह आयोजित करने की योजना बनाई है। बोर्ड के बयान के अनुसार ये समारोह दिसंबर 2027 से शुरू होकर पूरे 2028 तक चलेंगे और इनका उद्देश्य भारतीय क्रिकेट की गौरवशाली यात्रा और उपलब्धियों का जश्न मनाना होगा।
नीतिगत सुधार: पॉश समिति और उम्र सत्यापन नीति
एजीएम में बोर्ड ने 'यौन उत्पीड़न की रोकथाम' (पॉश) नीति के तहत एक नई आंतरिक समिति का गठन किया, जो शिकायतों के निपटारे और सुरक्षित कार्य वातावरण को और मजबूत बनाने के लिए जिम्मेदार होगी। इसके अलावा, बीसीसीआई ने अपनी 'उम्र सत्यापन नीति' को अद्यतन कर लागू करने की मंजूरी दी — यह नीति आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गलत उम्र बताने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक मानी जाती है। दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया; आम सभा ने राज्य क्रिकेट संघों के साथ मिलकर उनके लिए बेहतर सुविधाएँ, बुनियादी ढाँचा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
एजीएम में उपस्थित प्रमुख चेहरे
बैठक में बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया समेत कई वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक उपस्थित रहे। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) की ओर से भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली मौजूद रहे, जबकि कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) का प्रतिनिधित्व भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने किया। इसके अलावा सौरभ तिवारी, जयदेव शाह, रोहन जेटली और अभिषेक डालमिया भी बैठक में शामिल रहे। इन फैसलों के साथ बीसीसीआई ने अपने प्रशासनिक, वित्तीय और सामाजिक उत्तरदायित्वों को एक साथ रेखांकित किया है — और 2027 व 2028 के ऐतिहासिक पड़ावों की ओर क्रिकेट बोर्ड की यात्रा अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है।