बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया आईसीसी गवर्नेंस रिव्यू कमेटी के चेयरमैन नियुक्त, मनहास ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया को 16 जुलाई 2025 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नवगठित गवर्नेंस रिव्यू कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उन्हें आईसीसी की नई फ्रेंचाइजी लीग कमेटी का सदस्य भी बनाया गया है। यह नियुक्तियाँ स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस के दौरान हुईं।
आईसीसी की नई कमेटियाँ और सैकिया की भूमिका
आईसीसी बोर्ड ने अपनी सालाना बैठकों में दो नई उप-समितियाँ गठित करने को मंजूरी दी। गवर्नेंस रिव्यू कमेटी में सैकिया के साथ क्रिकेट साउथ अफ्रीका के मोहम्मद मूसाजी और आईसीसी के स्वतंत्र निदेशक रॉस रिवाज भी शामिल हैं। यह समिति क्रिकेट प्रशासन के महत्वपूर्ण पहलुओं की निगरानी करेगी।
फ्रेंचाइजी लीग कमेटी की अध्यक्षता बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष तमीम इकबाल करेंगे। इस समिति में क्रिकेट नामीबिया, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और बीसीसीआई के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
मनहास की बधाई और प्रतिक्रिया
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सैकिया को बधाई देते हुए लिखा, 'स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में हाल ही में हुई आईसीसी सालाना कॉन्फ्रेंस में आईसीसी गवर्नेंस रिव्यू कमेटी का चेयरमैन और आईसीसी फ्रेंचाइजी लीग कमेटी का सदस्य चुने जाने पर बीसीसीआई में मेरे सहयोगी देवजीत सैकिया को बहुत-बहुत बधाई।'
मनहास ने आगे कहा, 'यह खास नियुक्ति क्रिकेट के प्रशासन और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और अमूल्य योगदान की सही पहचान है। मुझे भरोसा है कि उनका अनुभव और नजरिया हमारे खेल के वैश्विक विकास को और मजबूत करेगा।'
क्रिकेट प्रशासन में भारत का बढ़ता कद
गौरतलब है कि यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर फ्रेंचाइजी क्रिकेट तेज़ी से विस्तार पा रहा है और आईसीसी अपने प्रशासनिक ढाँचे को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है। सैकिया की गवर्नेंस रिव्यू कमेटी की अध्यक्षता यह दर्शाती है कि वैश्विक क्रिकेट निकाय में बीसीसीआई का प्रभाव और प्रतिनिधित्व लगातार बढ़ रहा है।
आगे की राह
दोनों नई समितियाँ आईसीसी के गवर्नेंस स्ट्रक्चर को मज़बूत करने और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते दायरे को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभाएँगी। सैकिया का अनुभव और बीसीसीआई की प्रशासनिक विशेषज्ञता इन समितियों के कार्य को दिशा देने में निर्णायक साबित हो सकती है।