जूड बेलिंगहैम का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: 22 साल में 4 बड़े टूर्नामेंट खेलने वाले सबसे युवा यूरोपीय खिलाड़ी बने
सारांश
मुख्य बातें
जूड बेलिंगहैम ने 18 जून 2026 को अर्लिंग्टन में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप एल मैच में इतिहास रच दिया — 22 साल 353 दिन की उम्र में वे चार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने वाले सबसे कम उम्र के यूरोपीय फुटबॉलर बन गए। इंग्लैंड ने इस मैच में क्रोएशिया को 4-2 से हराकर विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की।
मुख्य घटनाक्रम
कप्तान हैरी केन ने पहले हाफ में दो गोल दागे और इंग्लैंड को मजबूत बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड ने एक-एक गोल जोड़कर जीत को अटल बना दिया। बेलिंगहैम का गोल न केवल स्कोरलाइन के लिहाज से अहम रहा, बल्कि उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड की दृष्टि से भी यह मैच यादगार रहेगा।
रिकॉर्ड की पूरी तस्वीर
बेलिंगहैम ने यूरो 2020 से अपने बड़े टूर्नामेंट करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कतर वर्ल्ड कप 2022, यूरो 2024 और अब फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भाग लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने जर्मनी के जमाल मुसियाला (23 साल 108 दिन) को पीछे छोड़ दिया, जो इससे पहले इस सूची में सबसे ऊपर थे। सूची में स्पेन के पेड्री (23 साल 202 दिन), बेल्जियम के जेरेमी डोकू (24 साल 19 दिन), इंग्लैंड के माइकल ओवेन (24 साल 182 दिन) और जर्मनी के लुकास पोडोल्स्की (25 साल 9 दिन) भी शामिल हैं।
बेलिंगहैम का असाधारण करियर
बेलिंगहैम ने महज 17 साल 136 दिन की उम्र में इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। इंग्लैंड के इतिहास में उनसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले केवल थियो वालकॉट और वेन रूनी रहे हैं। गौरतलब है कि यह उनका एक बेहद लंबा और थकाऊ सीजन रहा है, जिसमें उन्होंने कई बार ट्रेनिंग कैंप भी मिस किए।
बेलिंगहैम के अपने शब्द
मैच के बाद बेलिंगहैम ने कहा, 'मेरी टीम और मेरे देश के लिए यह मेरी जिम्मेदारी है कि जब मैं लाइन पार करूं तो मैं अपना सब कुछ दूं और जब मैं सामने वह बैज पहनूं, पीछे वह नंबर 10 हो, तो मैं अपना सब कुछ टीम को देना चाहता हूं।' उन्होंने यह भी बताया कि इस सीजन में कई मुश्किलें आईं, लेकिन उन्हें खुद पर भरोसा था कि बड़े मौके पर वे टीम के लिए आगे आएंगे।
आगे क्या
बेलिंगहैम का अगला निजी लक्ष्य जल्द ही 50 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करना है। इंग्लैंड ग्रुप एल में जीत के साथ आगे बढ़ी है और अगले मैच में उनका प्रदर्शन टीम की नॉकआउट संभावनाओं को और मजबूत कर सकता है।