फीफा विश्व कप 2026: बेलिंगहम के 7 गोल, इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता कांस्य पदक
सारांश
मुख्य बातें
जूड बेलिंगहम ने फीफा विश्व कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंजरी टाइम में निर्णायक गोल दागकर इंग्लैंड को फ्रांस पर 6-4 की रोमांचक जीत दिलाई और कांस्य पदक सुनिश्चित किया। 19 जुलाई को मियामी में खेले गए इस मैच के साथ इंग्लैंड ने 1966 में विश्व कप जीतने के बाद अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
मैच का घटनाक्रम
इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। डेक्लान राइस ने पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, इसके बाद एजरी कोंसा ने स्कोर 2-0 कर दिया। बुकायो साका ने पहले हाफ में दो गोल ठोककर इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने शानदार वापसी की। काइलियन एम्बाप्पे ने दो गोल किए और ब्रैडली बारकोला ने एक गोल दागकर स्कोर 4-3 तक पहुँचा दिया। मैच के अंतिम क्षणों में मालो गुस्टो के फाउल पर मिली पेनल्टी को साका ने गोल में बदला और अपनी हैट्रिक पूरी की। स्टॉपेज टाइम में ओस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया, लेकिन इंग्लैंड की जीत पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
बेलिंगहम का ऐतिहासिक गोल
79वें मिनट में मैदान पर उतरे बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में एक शानदार काउंटर-अटैक के बाद गोल कर इंग्लैंड की 6-4 की जीत पर मुहर लगाई। इस गोल के साथ उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 7 गोल किए और एक ही विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले इंग्लैंड के पहले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने गैरी लिनेकर और हैरी केन के 6-6 गोल के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया इतिहास रचा।
बेलिंगहम की प्रतिक्रिया
मैच के बाद सोशल मीडिया पर बेलिंगहम ने लिखा, 'यह टीम इस शानदार अंत की हकदार थी। हम निश्चित रूप से ट्रॉफी जीतने आए थे, लेकिन 1966 के बाद यह हमारी सबसे अच्छी रैंकिंग है, जिस पर आगे बढ़ा जा सकता है। इंग्लैंड के सभी प्रशंसकों का धन्यवाद, यह गर्मी कई वजहों से हमेशा यादगार रहेगी।'
बेलिंगहम ने टीम के इस प्रदर्शन को भविष्य के लिए एक मजबूत आधार बताया, यह संकेत देते हुए कि इंग्लैंड अगले विश्व कप में और बेहतर करने में सक्षम है।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि इंग्लैंड ने 1966 में अपनी धरती पर आयोजित विश्व कप जीता था — वह आज तक उनकी एकमात्र विश्व कप ट्रॉफी है। फीफा विश्व कप 2026 में कांस्य पदक उस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद पिछले 60 वर्षों में टीम का सर्वोच्च टूर्नामेंट परिणाम है। यह जीत इंग्लैंड फुटबॉल के लिए एक नई पीढ़ी के उभरने का संकेत भी मानी जा रही है।
आगे क्या
इस प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड की युवा टीम को भविष्य के टूर्नामेंटों में प्रबल दावेदार माना जाएगा। बेलिंगहम की विश्व कप में 7 गोल की उपलब्धि उन्हें इंग्लैंड फुटबॉल इतिहास के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की पंक्ति में ला खड़ा करती है।