BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब, फ्रांस-कोरिया ने बटोरे दो-दो गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का रविवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में शानदार समापन हुआ, जिसमें फ्रांस के एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स और कोरिया की एन से यंग ने विमेंस सिंगल्स का ताज पहना। इस संस्करण में फ्रांस और कोरिया दोनों ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते, जबकि चीन ने अपनी ऐतिहासिक लय बरकरार रखते हुए मेंस डबल्स खिताब अपने नाम किया।
मेंस सिंगल्स: लैनियर की दमदार वापसी
एलेक्स लैनियर ने फाइनल में जापान के कोडाई नारोका को 21-11, 21-11 से मात दी। पहले गेम में 7-9 से पीछे रहने के बाद लैनियर ने जोरदार पलटवार किया और अगले 14 में से 13 अंक जीतकर मैच पर पकड़ बना ली। दूसरे गेम में 14-11 के स्कोर से लगातार सात अंक जीतकर उन्होंने 50 मिनट में खिताब सुनिश्चित किया। इस जीत के साथ लैनियर फ्रांस के पहले मेंस सिंगल्स वर्ल्ड चैंपियन बने।
विमेंस सिंगल्स: एन से यंग का दूसरा स्वर्ण
विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी एन से यंग ने मौजूदा चैंपियन जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराकर अपना दूसरा BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीता। फाइनल में 17-17 की बराबरी के बाद एन ने लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम अपने नाम किया और दूसरे गेम में वे पूरी तरह हावी रहीं।
मिक्स्ड डबल्स: फ्रांस ने रचा इतिहास
थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स फाइनल में चीन के टॉप सीड फेंग यान शे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर फ्रांस को पहला BWF गोल्ड मेडल दिलाया। यह मुकाबला 1 घंटे 18 मिनट तक चला। गौरतलब है कि पिछले संस्करण में यही जोड़ी ब्रॉन्ज मेडल जीती थी। इस जीत के साथ फ्रांस एक ही संस्करण में एक से अधिक गोल्ड जीतने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन गया।
विमेंस डबल्स: कोरिया का 31 साल का इंतज़ार खत्म
बेक हा ना और ली सो ही की जोड़ी ने चीनी टॉप सीड लियू शेंग शू और टैन निंग को 21-15, 21-15 से हराकर कोरिया को विमेंस डबल्स खिताब दिलाया। कोरिया ने आखिरी बार 1995 में यह खिताब जीता था — यानी 31 साल का सूखा समाप्त हुआ। ली सो ही 32 साल और 70 दिन की उम्र में इस स्पर्धा की सबसे उम्रदराज विमेंस डबल्स वर्ल्ड चैंपियन बनीं। भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
मेंस डबल्स: चीन की अटूट परंपरा जारी
1983 से हर BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम-से-कम एक खिताब जीतने का चीन का रिकॉर्ड इस बार भी बरकरार रहा। तीसरी वरीयता प्राप्त लियांग वेई केंग और वांग चांग ने मलेशिया के पूर्व चैंपियन आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-16, 21-17 से हराकर मेंस डबल्स खिताब जीता। यह दोनों खिलाड़ियों का पहला वर्ल्ड टाइटल था। इस जीत ने यह सुनिश्चित किया कि चीन का चार दशकों से चला आ रहा अटूट सिलसिला जारी रहे।