24 अगस्त 2026
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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब, फ्रांस-कोरिया ने बटोरे दो-दो गोल्ड

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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब, फ्रांस-कोरिया ने बटोरे दो-दो गोल्ड

सारांश

नई दिल्ली में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के फाइनल्स ने इतिहास रच दिया — फ्रांस ने पहली बार दो गोल्ड जीते, कोरिया ने 31 साल बाद विमेंस डबल्स खिताब हासिल किया, और चीन ने 1983 से चली आ रही अपनी अटूट परंपरा को जीवित रखा।

मुख्य बातें

एलेक्स लैनियर (फ्रांस) ने कोडाई नारोका (जापान) को 21-11, 21-11 से हराकर मेंस सिंगल्स खिताब जीता।
एन से यंग (कोरिया) ने अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराकर अपना दूसरा विमेंस सिंगल्स वर्ल्ड टाइटल जीता।
थॉम गिक्वेल/डेल्फिन डेलरू ने मिक्स्ड डबल्स में फ्रांस को पहला BWF गोल्ड दिलाया; फ्रांस एक संस्करण में दो गोल्ड जीतने वाला दूसरा यूरोपीय देश बना।
बेक हा ना/ली सो ही (कोरिया) ने विमेंस डबल्स में 31 साल का सूखा खत्म किया; ली सो ही 32 साल 70 दिन की उम्र में सबसे उम्रदराज विमेंस डबल्स चैंपियन बनीं।
लियांग वेई केंग/वांग चांग (चीन) ने मेंस डबल्स जीतकर 1983 से चीन की हर संस्करण में कम-से-कम एक खिताब जीतने की परंपरा बरकरार रखी।
भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को विमेंस डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल मिला।

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का रविवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में शानदार समापन हुआ, जिसमें फ्रांस के एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स और कोरिया की एन से यंग ने विमेंस सिंगल्स का ताज पहना। इस संस्करण में फ्रांस और कोरिया दोनों ने दो-दो स्वर्ण पदक जीते, जबकि चीन ने अपनी ऐतिहासिक लय बरकरार रखते हुए मेंस डबल्स खिताब अपने नाम किया।

मेंस सिंगल्स: लैनियर की दमदार वापसी

एलेक्स लैनियर ने फाइनल में जापान के कोडाई नारोका को 21-11, 21-11 से मात दी। पहले गेम में 7-9 से पीछे रहने के बाद लैनियर ने जोरदार पलटवार किया और अगले 14 में से 13 अंक जीतकर मैच पर पकड़ बना ली। दूसरे गेम में 14-11 के स्कोर से लगातार सात अंक जीतकर उन्होंने 50 मिनट में खिताब सुनिश्चित किया। इस जीत के साथ लैनियर फ्रांस के पहले मेंस सिंगल्स वर्ल्ड चैंपियन बने।

विमेंस सिंगल्स: एन से यंग का दूसरा स्वर्ण

विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी एन से यंग ने मौजूदा चैंपियन जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराकर अपना दूसरा BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीता। फाइनल में 17-17 की बराबरी के बाद एन ने लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम अपने नाम किया और दूसरे गेम में वे पूरी तरह हावी रहीं।

मिक्स्ड डबल्स: फ्रांस ने रचा इतिहास

थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स फाइनल में चीन के टॉप सीड फेंग यान शे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर फ्रांस को पहला BWF गोल्ड मेडल दिलाया। यह मुकाबला 1 घंटे 18 मिनट तक चला। गौरतलब है कि पिछले संस्करण में यही जोड़ी ब्रॉन्ज मेडल जीती थी। इस जीत के साथ फ्रांस एक ही संस्करण में एक से अधिक गोल्ड जीतने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन गया।

विमेंस डबल्स: कोरिया का 31 साल का इंतज़ार खत्म

बेक हा ना और ली सो ही की जोड़ी ने चीनी टॉप सीड लियू शेंग शू और टैन निंग को 21-15, 21-15 से हराकर कोरिया को विमेंस डबल्स खिताब दिलाया। कोरिया ने आखिरी बार 1995 में यह खिताब जीता था — यानी 31 साल का सूखा समाप्त हुआ। ली सो ही 32 साल और 70 दिन की उम्र में इस स्पर्धा की सबसे उम्रदराज विमेंस डबल्स वर्ल्ड चैंपियन बनीं। भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

मेंस डबल्स: चीन की अटूट परंपरा जारी

1983 से हर BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम-से-कम एक खिताब जीतने का चीन का रिकॉर्ड इस बार भी बरकरार रहा। तीसरी वरीयता प्राप्त लियांग वेई केंग और वांग चांग ने मलेशिया के पूर्व चैंपियन आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-16, 21-17 से हराकर मेंस डबल्स खिताब जीता। यह दोनों खिलाड़ियों का पहला वर्ल्ड टाइटल था। इस जीत ने यह सुनिश्चित किया कि चीन का चार दशकों से चला आ रहा अटूट सिलसिला जारी रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यूरोप में वर्षों की व्यवस्थित अकादमी संस्कृति का फल है। दूसरी ओर, कोरिया का 31 साल बाद विमेंस डबल्स खिताब जीतना और एन से यंग का लगातार दबदबा बताता है कि कोरियाई बैडमिंटन पुनरुत्थान के दौर में है। चीन ने मेंस डबल्स से अपनी परंपरा बचाई, लेकिन सिंगल्स में उसकी अनुपस्थिति उसके लिए चिंता का विषय होनी चाहिए। भारत के लिए ब्रॉन्ज तक सीमित रहना यह दर्शाता है कि घरेलू धरती पर भी शीर्ष पदक की दूरी अभी बाकी है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में मेंस सिंगल्स किसने जीता?
फ्रांस के एलेक्स लैनियर ने जापान के कोडाई नारोका को 21-11, 21-11 से हराकर मेंस सिंगल्स खिताब जीता। वे फ्रांस के पहले मेंस सिंगल्स BWF वर्ल्ड चैंपियन बने।
एन से यंग ने BWF 2026 में कितने गोल्ड मेडल जीते हैं?
कोरिया की एन से यंग ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में विमेंस सिंगल्स गोल्ड जीता, जो उनका इस प्रतियोगिता में दूसरा स्वर्ण पदक है। उन्होंने फाइनल में मौजूदा चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराया।
कोरिया ने विमेंस डबल्स खिताब आखिरी बार कब जीता था?
कोरिया ने इससे पहले 1995 में विमेंस डबल्स खिताब जीता था। 2026 में बेक हा ना और ली सो ही ने यह खिताब जीतकर 31 साल का इंतज़ार समाप्त किया।
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में चीन ने कौन-सा खिताब जीता?
चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग ने मेंस डबल्स खिताब जीता, मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-16, 21-17 से हराकर। इससे 1983 से हर BWF संस्करण में कम-से-कम एक खिताब जीतने की चीन की परंपरा बरकरार रही।
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने विमेंस डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह टूर्नामेंट नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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