प्रज्ञानानंद ने जीता सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज खिताब, 23 अंकों के साथ बनाया दबदबा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने 7 अगस्त को सेंट लुइस में आयोजित ग्रैंड चेस टूर सेंट लुइस रैपिड और ब्लिट्ज टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया — और वह भी एक राउंड शेष रहते। 20 वर्षीय इस भारतीय खिलाड़ी ने कुल 35 में से 23 अंक अर्जित कर स्पष्ट बढ़त के साथ चैंपियनशिप पर कब्ज़ा जमाया।
मुख्य घटनाक्रम
प्रज्ञानानंद और उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव के बीच अंतिम मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त होते ही भारतीय ग्रैंडमास्टर का खिताब पक्का हो गया। सिंदारोव ने अंतिम दौर में कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन 1.5 अंक के अंतर से पीछे रहे और 22 अंकों के साथ उपविजेता बने। वेस्ली सो 20.5 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
लेवोन अरोनियन 19 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे, जबकि फैबियानो कारुआना, लीनियर डोमिंग्वेज और जॉर्डन वैन फॉरेस्ट तीनों 17-17 अंक लेकर संयुक्त रूप से पाँचवें स्थान पर रहे।
पुरस्कार और टूर स्टैंडिंग
बिना किसी प्लेऑफ के सीधी जीत दर्ज करने पर प्रज्ञानानंद को $50,000 (पचास हज़ार अमेरिकी डॉलर) की पुरस्कार राशि और 13 ग्रैंड चेस टूर अंक प्राप्त हुए। इस नतीजे से वे सिंकफील्ड कप से पहले ग्रैंड चेस टूर की समग्र स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर पहुँच गए हैं। हालाँकि, ओवरऑल स्टैंडिंग में फैबियानो कारुआना अभी भी शीर्ष पर बने हुए हैं।
टूर्नामेंट का स्वरूप
यह टूर्नामेंट 31 जुलाई से 7 अगस्त तक सेंट लुइस चेस क्लब में आयोजित हुआ, जिसमें दुनिया के 10 शीर्ष ग्रैंडमास्टर शामिल हुए। पाँच दिनों में खिलाड़ियों ने 9 रैपिड राउंड और 18 ब्लिट्ज राउंड खेले, कुल मिलाकर 135 गेम हुए।
रैपिड टूर्नामेंट 25 मिनट + 10 सेकंड इंक्रीमेंट के टाइम कंट्रोल के साथ सिंगल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला गया, जबकि ब्लिट्ज टूर्नामेंट 5 मिनट + 2 सेकंड इंक्रीमेंट के साथ डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में। रैपिड में जीत पर 2 अंक और ड्रॉ पर 1 अंक, तथा ब्लिट्ज में जीत पर 1 अंक और ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलते हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि प्रज्ञानानंद इससे पहले जून में प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय ग्रैंडमास्टर बन चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शतरंज विश्व मंच पर लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। सेंट लुइस की यह जीत उनके बढ़ते कद को और पुख्ता करती है।
आगे की राह
प्रज्ञानानंद अब सिंकफील्ड कप और उसके बाद जीसीटी ग्रैंड फाइनल में उतरेंगे, जहाँ ग्रैंड चेस टूर की समग्र चैंपियनशिप का फैसला होगा। कारुआना से शीर्ष स्थान छीनने की चुनौती उनके सामने है।