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वैशाली ने टोक्यो में WR विमेंस चेस टूर जीता, भाई प्रज्ञानंद के नॉर्वे चेस खिताब के कुछ घंटों बाद

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वैशाली ने टोक्यो में WR विमेंस चेस टूर जीता, भाई प्रज्ञानंद के नॉर्वे चेस खिताब के कुछ घंटों बाद

सारांश

एक ही दिन में भाई-बहन का दोहरा इतिहास — प्रज्ञानंद नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय बने, और कुछ घंटों बाद वैशाली ने टोक्यो में WR विमेंस चेस टूर का रैपिड खिताब अपने नाम किया। भारतीय शतरंज के लिए यह 6 जून 2025 एक ऐतिहासिक तारीख बन गई।

मुख्य बातें

आर वैशाली ने 6 जून 2025 को टोक्यो में WR विमेंस चेस टूर रैपिड इवेंट का खिताब जीता।
फाइनल में कजाकिस्तान की आईएम अलुआ नूरमान को 1.5-0.5 से हराया; सेमीफाइनल में पूर्व विश्व चैंपियन कोस्टेनियुक को भी इसी अंतर से मात दी।
भाई ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद ने उसी दिन नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचा और $1,00,000 का टॉप प्राइज जीता।
प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट 18 अंकों के साथ समाप्त किया — 5 जीत, 2 हार, 2 ड्रॉ (दोनों ड्रॉ आर्मागेडन में जीते)।
वैशाली अब रविवार से शुरू होने वाले ब्लिट्ज इवेंट में 'डबल' खिताब के लिए उतरेंगी।

ग्रैंडमास्टर आर वैशाली ने 6 जून 2025 को टोक्यो, जापान में आयोजित WR विमेंस चेस टूर के पहले इवेंट का खिताब अपने नाम किया — और यह उपलब्धि उनके भाई ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद द्वारा नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय बनने के महज कुछ घंटों बाद आई। एक ही दिन में भाई-बहन की इस दोहरी जीत ने भारतीय शतरंज के इतिहास में एक अभूतपूर्व अध्याय जोड़ दिया है।

मुकाबले का घटनाक्रम

चेन्नई की 24 वर्षीय वैशाली ने आठ खिलाड़ियों वाले रैपिड इवेंट में दमदार प्रदर्शन किया। इस इवेंट में टाइम कंट्रोल 15 मिनट था, जिसमें हर चाल के बाद 10 सेकंड का अतिरिक्त समय जुड़ता गया।

क्वार्टर फाइनल में वैशाली ने आईएम इरीन सुकंदर को 1.5-0.5 से हराया — एक गेम जीतकर और दूसरा ड्रॉ खेलकर। सेमीफाइनल में उन्होंने पूर्व महिला विश्व चैंपियन एलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक को भी 1.5-0.5 के अंतर से मात दी। फाइनल में कजाकिस्तान की आईएम अलुआ नूरमान को 1.5-0.5 से हराकर वैशाली ने खिताब पर कब्जा किया।

प्रतिस्पर्धियों का स्तर

इस इवेंट में रूस की एलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक और कैटरीना लैग्नो, बुल्गारिया की एंटोएनेटा स्टेफानोवा, अन्ना सरगस्यान, इरीन सुकंदर, अलुआ नूरमान और अजुमी सकाई जैसी मजबूत खिलाड़ी शामिल थीं। वैशाली इन सभी से आगे रहीं।

प्रज्ञानंद का नॉर्वे चेस में ऐतिहासिक प्रदर्शन

इससे कुछ घंटे पहले, शुक्रवार रात 20 वर्षीय प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप के 10वें और आखिरी राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। सफेद मोहरों से खेलते हुए उन्होंने मिडिल-गेम में कीमर की गलतियों का फायदा उठाया और 45वीं चाल में जीत दर्ज की।

प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट का समापन 18 अंकों के साथ किया — पाँच जीत, दो हार और दो ड्रॉ; दोनों ड्रॉ मुकाबले उन्होंने आर्मागेडन गेम में जीते। इस जीत के साथ उन्होंने $1,00,000 का टॉप प्राइज भी अपने नाम किया।

आगे क्या

रैपिड खिताब जीतने के बाद वैशाली अब रविवार से शुरू होने वाले ब्लिट्ज इवेंट में भी खिताब जीतकर 'डबल' हासिल करने की दौड़ में हैं। यदि वे ब्लिट्ज भी जीतती हैं, तो यह WR विमेंस चेस टूर के उद्घाटन संस्करण में एक असाधारण उपलब्धि होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चेन्नई की उस शतरंज संस्कृति का प्रमाण है जो विश्वनाथन आनंद के युग से पल्लवित होती आई है। गौरतलब है कि प्रज्ञानंद और वैशाली दोनों अभी भी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं — और यह दोहरी जीत भारत की अगली पीढ़ी के शतरंज वर्चस्व का सबसे स्पष्ट संकेत है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि वैशाली की जीत का रास्ता उतना ही कठिन था — पूर्व विश्व चैंपियन कोस्टेनियुक को सेमीफाइनल में हराना कोई साधारण उपलब्धि नहीं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर वैशाली ने WR विमेंस चेस टूर में कैसा प्रदर्शन किया?
वैशाली ने क्वार्टर फाइनल से फाइनल तक हर मुकाबला 1.5-0.5 के अंतर से जीता। उन्होंने पूर्व महिला विश्व चैंपियन एलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक को सेमीफाइनल में और कजाकिस्तान की आईएम अलुआ नूरमान को फाइनल में हराया।
प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस में क्या उपलब्धि हासिल की?
रमेशबाबू प्रज्ञानंद नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने 10वें और आखिरी राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को 45वीं चाल में हराया और $1,00,000 का टॉप प्राइज जीता।
WR विमेंस चेस टूर रैपिड इवेंट का फॉर्मेट क्या था?
यह आठ खिलाड़ियों का रैपिड इवेंट था जिसमें टाइम कंट्रोल 15 मिनट था और हर चाल के बाद 10 सेकंड का अतिरिक्त समय जुड़ता था। मुकाबले नॉकआउट फॉर्मेट में दो-गेम की श्रृंखला में खेले गए।
वैशाली के लिए आगे क्या है?
रैपिड खिताब जीतने के बाद वैशाली रविवार से शुरू होने वाले WR विमेंस चेस टूर के ब्लिट्ज इवेंट में भाग लेंगी। यदि वे ब्लिट्ज भी जीतती हैं, तो वे इस टूर के उद्घाटन संस्करण में 'डबल' खिताब हासिल करने वाली खिलाड़ी बनेंगी।
भाई-बहन की इस दोहरी जीत का क्या महत्व है?
एक ही दिन में एक ही परिवार के दो सदस्यों का अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट जीतना अत्यंत दुर्लभ है। यह भारतीय शतरंज, विशेषकर चेन्नई की शतरंज परंपरा की मजबूती को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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