किदांबी श्रीकांत चाइना मास्टर्स सुपर 750 के क्वार्टर फाइनल में, विक्टर लाई को 21-18, 21-19 से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व विश्व नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने 3 सितंबर को शेन्जेन में जारी चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। उन्होंने शेन्जेन एरिना में कनाडा के विक्टर लाई — जो विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर हैं और पिछले दो BWF विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता हैं — को सीधे गेम में 21-18, 21-19 से पराजित किया।
श्रीकांत का टूर्नामेंट में सफर
श्रीकांत ने इस टूर्नामेंट में शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया। शुरुआती राउंड में उन्होंने चीनी ताइपे के विश्व नंबर 21 खिलाड़ी ची यू-जेन को मात्र 35 मिनट में 21-16, 21-15 से हराया था। अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना हांगकांग के ली चेउक यियू से होगा, जिन्होंने राउंड ऑफ 16 में विश्व नंबर 9 टोमा पोपोव को हराकर अंतिम-8 में प्रवेश किया।
गौरतलब है कि यह इस सीज़न में श्रीकांत का दूसरा क्वार्टर फाइनल है। इससे पहले जून में उन्होंने यूएस ओपन में उपविजेता का स्थान हासिल किया था, जो उनके पुनरुत्थान का संकेत है।
महिला एकल में भारत की चुनौती समाप्त
तन्वी शर्मा जापान की टोमोका मियाजाकी से 17-21, 21-18, 16-21 के कड़े मुकाबले में हारकर बाहर हो गईं। तन्वी की विदाई के साथ ही महिला एकल में भारत की पूरी चुनौती समाप्त हो गई। इससे एक दिन पहले बुधवार को देविका सिहाग भी बुल्गारिया की कालोयाना नलबांटोवा से 21-18, 21-15 से हारकर पहले ही बाहर हो चुकी थीं।
मिक्स्ड डबल्स में भारत को झटका
ध्रुव कपिला और तनिषा क्रैस्टो की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी को चीनी ताइपे के लियू कुआंग हेंग और सू यिन-हुई ने हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इसी तरह रोहन कपूर और रुथविका शिवानी गड्डे की जोड़ी को भी चीनी ताइपे के वू गुआन शुन और ली चिया सिन ने 21-16, 21-18 से पराजित किया।
सात्विक-चिराग का अगला मुकाबला
भारत की विश्व नंबर 5 पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज़ में की। उन्होंने मलेशिया के जुनैदी आरिफ और कांग खाई जिंग को मात्र 40 मिनट में 21-11, 21-16 से हराया। अब उनका सामना फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव से होगा।
श्रीकांत का यह प्रदर्शन यह साबित करता है कि अनुभव और लय के साथ वे एक बार फिर शीर्ष स्तर पर भारत की उम्मीद बन सकते हैं।