FIFA विश्व कप 2026 फाइनल से पहले CM सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के 57 अनाथ बच्चों को भेजी फैन जर्सी और चिट्ठी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने FIFA विश्व कप 2026 के फाइनल से पहले दक्षिण कोलकाता सेवाश्रम में रहने वाले 57 बच्चों को व्यक्तिगत रूप से एक भावनात्मक चिट्ठी और प्रत्येक बच्चे के नाम वाली विशेष फैन जर्सी भेजीं। 19 जुलाई को सामने आई इस पहल ने फुटबॉल के उत्साह को सामाजिक संवेदनशीलता से जोड़ा।
मुख्यमंत्री की चिट्ठी में क्या था
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सेवाश्रम के सचिव सुभेंद्र मौलिक को संबोधित चिट्ठी में लिखा कि FIFA विश्व कप केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन और सपने देखने की हिम्मत का उत्सव है। उन्होंने विश्वास जताया कि फुटबॉल इन बच्चों में आत्मविश्वास और खुशी जगाएगा, जिससे वे अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे। चिट्ठी के साथ प्रत्येक बच्चे के नाम से अंकित फैन जर्सी और फुटबॉल भी भेजे गए।
फाइनल का महामुकाबला: अर्जेंटीना बनाम स्पेन
FIFA विश्व कप 2026 का फाइनल अर्जेंटीना और स्पेन के बीच मेटलाइफ स्टेडियम में रविवार देर रात (भारतीय समयानुसार) खेला जाना है। यह टूर्नामेंट अब तक का सबसे बड़ा FIFA विश्व कप माना जा रहा है। भारत में भी इस खिताबी भिड़ंत को लेकर असाधारण उत्साह देखा जा रहा है।
मेसी का आखिरी दांव
अर्जेंटीना की अगुवाई कर रहे कप्तान लियोनेल मेसी ने इस टूर्नामेंट में 8 गोल और 4 अहम असिस्ट दिए हैं। 39 वर्षीय मेसी के लिए यह संभवतः उनके करियर का अंतिम विश्व कप मैच हो सकता है। अर्जेंटीना पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच हारे बिना फाइनल तक पहुंची है और 1962 में ब्राज़ील के बाद खिताब सफलतापूर्वक बचाने वाली पहली टीम बनने की दावेदार है।
स्पेन की ताकत: यमाल से रोड्री तक
स्पेन की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में महज एक गोल खाया है, जो उनकी रक्षापंक्ति की मज़बूती का प्रमाण है। 19 वर्षीय लामिन यमाल ने विंग पर अपनी प्रतिभा से दुनिया को चौंकाया है, जबकि कप्तान रोड्री ने मिडफील्ड की बागडोर संभाली है। टीम के शीर्ष स्कोरर मिकेल ओयारजाबल ने 5 गोल दागे हैं। स्पेन ने आखिरी बार 2010 में विश्व कप जीता था और 16 साल के इंतज़ार को खत्म करते हुए FIFA इतिहास में दो ट्रॉफी जीतने वाली सातवीं टीम बनने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेगी।
आगे क्या
रविवार देर रात मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाला यह फाइनल फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा — एक ओर मेसी का संभावित विदाई मैच, तो दूसरी ओर यमाल की नई पीढ़ी का उदय। कोलकाता के 57 बच्चे भी अपने नाम की जर्सी पहनकर इस महामुकाबले का गवाह बनेंगे।