फीफा विश्व कप 2026: 'मेसी जब तक मैदान पर हैं, बाकी सब उनके पीछे' — पूर्व फुटबॉलर मेहताब हुसैन
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने फीफा विश्व कप 2026 के बीच स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक लियोनेल मेसी मैदान पर हैं, दुनिया के बाकी सभी खिलाड़ी उनके पीछे ही रहेंगे। 28 जून 2026 को कोलकाता में आयोजित फीफा विश्व कप कार्निवल के दौरान उन्होंने यह बयान दिया, जहाँ पूर्व खिलाड़ी और हज़ारों फुटबॉल प्रेमी एक साथ जुटे थे।
कोलकाता में विश्व कप का जुनून
फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में हो रहा है। भारतीय टीम इस बार भी क्वालीफाई नहीं कर पाई, फिर भी फुटबॉल की राजधानी कहे जाने वाले कोलकाता में उत्साह चरम पर है। यहाँ के प्रशंसक रात-रात भर जागकर मैच देख रहे हैं — एक ऐसी परंपरा जो दशकों से इस शहर की पहचान बनी हुई है।
गौरतलब है कि कोलकाता का फुटबॉल से रिश्ता देश के किसी भी अन्य शहर से गहरा है। मोहन बागान और ईस्ट बंगाल जैसे ऐतिहासिक क्लबों की धरती पर विश्व कप का यह उत्साह कोई नई बात नहीं, लेकिन इस बार मेसी के संभावित अंतिम विश्व कप होने की चर्चा ने जज़्बे को और गहरा कर दिया है।
मेहताब हुसैन का बयान — मेसी बनाम बाकी सब
पूर्व भारतीय फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने कहा, 'मेसी इस विश्व कप में हर रिकॉर्ड तोड़ देंगे। वह अपने करियर के सबसे अच्छे सीज़न में से एक का मज़ा ले रहे हैं। इस विश्व कप में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं — किलियन एम्बाप्पे, बुकायो साका, डेक्लान राइस और विनीसियस जूनियर सभी बहुत अच्छे हैं, लेकिन जब तक मेसी खेल रहे हैं, बाकी सब उनके पीछे ही रहेंगे।'
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मेसी की उम्र और फिटनेस को लेकर वैश्विक फुटबॉल जगत में बहस जारी है। हुसैन का मानना है कि मेसी की क्लास और अनुभव उन्हें अभी भी सर्वोच्च बनाए रखती है।
अन्य पूर्व खिलाड़ियों की राय
पूर्व भारतीय फुटबॉलर सैयद रहीम नबी ने कहा, 'कोलकाता और पूरे बंगाल में मेसी का बुखार है। मेसी जहाँ भी होते हैं, वहाँ उत्साह होता है। मैं निजी तौर पर अर्जेंटीना का फैन हूँ। मैच चाहे कितनी भी देरी से हो, हम मेसी को खेलते देखने के लिए जागते रहते हैं।'
आलोक मुखर्जी ने कहा, 'मेसी का प्रदर्शन बहुत अच्छा है। वह बहुत फिट हैं, उनके पास स्किल है, और स्किल कभी समाप्त नहीं होती। फुटबॉल टीम गेम है, और 11 में 8 खिलाड़ी हमेशा दौड़ रहे होते हैं। विश्व कप कौन सी टीम जीतेगी, इसकी भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में फुटबॉल को बेहतर बनाने के लिए इसे हर स्कूल में अनिवार्य विषय की तरह शामिल करना होगा।
विश्वजीत भट्टाचार्या ने कहा कि इस बार फ्रांस और अर्जेंटीना दोनों अच्छा खेल रहे हैं। उन्होंने मेसी को 'फुटबॉल के भगवान' की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें मैदान पर देखना सुखद अनुभव है।
भारतीय फुटबॉल पर असर और आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व कप जैसे आयोजनों से भारत में फुटबॉल के प्रति रुचि बढ़ती है, लेकिन इसे ज़मीनी स्तर पर बदलाव में तब्दील करने के लिए ठोस नीतिगत कदमों की ज़रूरत है। कोलकाता का यह कार्निवल उस जुनून का प्रमाण है जो देश में पहले से मौजूद है — सवाल केवल उसे सही दिशा देने का है।