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फीफा विश्व कप 2026: मेहताब हुसैन बोले — देश को चैंपियन बनाने वाला ही महान, क्लब स्टार नहीं

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फीफा विश्व कप 2026: मेहताब हुसैन बोले — देश को चैंपियन बनाने वाला ही महान, क्लब स्टार नहीं

सारांश

पूर्व भारतीय फुटबॉलर मेहताब हुसैन का साफ संदेश — क्लब ट्रॉफियाँ नहीं, विश्व कप की स्वर्णिम ट्रॉफी तय करती है महानता। मेसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने के बाद ही मेसी माराडोना के बराबर हुए। फीफा विश्व कप 2026 में बड़ी टीमों का प्रदर्शन अभी उम्मीद के मुताबिक नहीं।

मुख्य बातें

पूर्व भारतीय फुटबॉलर मेहताब हुसैन ने 16 जून 2026 को कोलकाता में फीफा विश्व कप 2026 पर अपनी राय रखी।
हुसैन के अनुसार, खिलाड़ी की महानता विश्व कप में देश को चैंपियन बनाने से तय होती है, क्लब फुटबॉल से नहीं।
लियोनल मेसी का उदाहरण देते हुए कहा — 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को खिताब दिलाने के बाद ही मेसी को माराडोना के बराबर माना जाने लगा।
जर्मनी का प्रदर्शन इस विश्व कप में अच्छा रहा है; बड़ी टीमें अपनी जीत की गारंटी नहीं दे सकतीं।
मोहन बगान , ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग ने 100 साल से अधिक के इतिहास के साथ भारतीय फुटबॉल को जीवित रखा है।
कोलकाता के फैंस ब्राजील, अर्जेंटीना, पुर्तगाल, स्पेन और फ्रांस के समर्थन में बंटे हैं।

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व मिडफील्डर मेहताब हुसैन ने 16 जून 2026 को कोलकाता में कहा कि फीफा विश्व कप 2026 में किसी भी बड़ी टीम की जीत की गारंटी नहीं है, क्योंकि आधुनिक फुटबॉल में छोटी टीमें भी दिग्गजों को चुनौती देने में सक्षम हो गई हैं। उनके अनुसार, किसी खिलाड़ी की महानता क्लब स्तर पर नहीं, बल्कि विश्व कप में देश को खिताब दिलाने से तय होती है।

मेहताब का विश्व कप पर आकलन

हुसैन ने कहा, 'फीफा विश्व कप 2026 में अब तक मुझे बड़ी टीमों की तरफ से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है। जर्मनी ने अच्छा खेल दिखाया है। अगले कुछ दिनों में यह पता चलेगा कि अगले चरण में कौन-सी टीमें जाएंगी।' उन्होंने जोड़ा, 'फुटबॉल अब पहले के मुकाबले बहुत बदल गया है। बड़ी टीमें अपनी जीत का दावा नहीं कर सकतीं।'

महानता की परिभाषा — विश्व कप या क्लब?

हुसैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हर खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना चाहता है और विश्व कप खेलना चाहता है। अगर आप राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेलते और प्रदर्शन नहीं करते, तो आपको सफल नहीं माना जाता।' उनके अनुसार, 'कोई भी खिलाड़ी महान तभी बनता है, जब हर 4 साल में एक बार होने वाले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करता है और अपनी टीम को चैंपियन बनाता है। क्लब फुटबॉल से महानता साबित नहीं होती।'

मेसी और माराडोना की तुलना

पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने लियोनल मेसी का उदाहरण देते हुए कहा, 'पिछले विश्व कप में मेसी ने अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया, उसके बाद से उन्हें ज़्यादा अहमियत मिलने लगी। उसके पहले हम उनकी तुलना माराडोना से करते थे। अब मेसी को माराडोना से कम नहीं माना जाता।' यह टिप्पणी उस बहस को रेखांकित करती है जो दशकों से फुटबॉल प्रेमियों के बीच चली आ रही है — क्या क्लब ट्रॉफियाँ किसी खिलाड़ी को महान बनाती हैं, या विश्व कप की स्वर्णिम ट्रॉफी?

कोलकाता — भारतीय फुटबॉल का गढ़

हुसैन ने कोलकाता को भारतीय फुटबॉल का केंद्र बताते हुए कहा कि मोहन बगान, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लबों ने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय फुटबॉल को जीवित रखा है। उन्होंने कहा, 'इन टीमों का इतिहास 100 साल पुराना है। कई क्लब आए और चले गए, लेकिन ये तीनों चल रहे हैं — और कभी बंद नहीं होंगे। इनके पास बड़ा फैन बेस है, जो काफी महत्वपूर्ण है।'

कोलकाता के फैंस की पसंद

हुसैन के अनुसार, कोलकाता में पहले फुटबॉल प्रेमी ब्राजील और अर्जेंटीना के बीच बंटे थे, लेकिन 2010 में स्पेन के विश्व विजेता बनने के बाद समर्थकों का एक नया वर्ग उभरा। उन्होंने कहा, 'अभी भी ब्राजील के समर्थक ज़्यादा हैं, लेकिन अब स्पेन के फैंस भी कोलकाता में हैं।' फैन रूपम घोष ने बताया कि वे इस विश्व कप में पुर्तगाल का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं और यह रोनाल्डो का संभवतः आखिरी विश्व कप है। एक अन्य युवा फैन प्रियांशु ने लियोनल मेसी और अर्जेंटीना को अपना पसंदीदा बताया, जबकि एक और फैन ने फ्रांस और किलियन एमबाप्पे के प्रति अपना उत्साह ज़ाहिर किया। फीफा विश्व कप 2026 जैसे-जैसे अगले दौर की ओर बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि कोलकाता के फुटबॉल प्रेमियों की उम्मीदें किस दिशा में जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी सच है कि विश्व कप जीतना काफी हद तक टीम की समग्र शक्ति पर निर्भर करता है, न कि केवल किसी एक खिलाड़ी की प्रतिभा पर। कोलकाता के क्लबों की 100 साल की विरासत का उनका उल्लेख भारतीय फुटबॉल की उस जड़ को रेखांकित करता है जिसे राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी वह मान्यता नहीं मिली जिसकी वह हकदार है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेहताब हुसैन ने फीफा विश्व कप 2026 के बारे में क्या कहा?
मेहताब हुसैन ने कहा कि फीफा विश्व कप 2026 में अब तक बड़ी टीमों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, हालांकि जर्मनी ने अच्छा खेल दिखाया है। उनके अनुसार आधुनिक फुटबॉल में छोटी टीमें भी दिग्गजों को चुनौती देने में सक्षम हैं और कोई भी टीम जीत की गारंटी नहीं दे सकती।
मेहताब हुसैन के अनुसार कोई खिलाड़ी महान कैसे बनता है?
मेहताब हुसैन के अनुसार, कोई खिलाड़ी तभी महान बनता है जब वह विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन कर अपने देश को चैंपियन बनाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्लब फुटबॉल में कितनी भी ट्रॉफियाँ जीती हों, महानता राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन से तय होती है।
मेहताब हुसैन ने मेसी और माराडोना की तुलना पर क्या कहा?
हुसैन ने कहा कि 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने के बाद लियोनल मेसी को माराडोना के बराबर माना जाने लगा। उनके अनुसार, इससे पहले यह तुलना अधूरी थी, और विश्व कप खिताब ही मेसी की महानता का अंतिम प्रमाण बना।
कोलकाता को भारतीय फुटबॉल का केंद्र क्यों कहा जाता है?
मेहताब हुसैन के अनुसार, कोलकाता में मोहन बगान, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लब हैं जिनका इतिहास 100 साल से भी पुराना है। इन क्लबों ने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय फुटबॉल को जीवित रखा है और इनके पास एक विशाल और समर्पित फैन बेस है।
फीफा विश्व कप 2026 में कोलकाता के फैंस किन टीमों का समर्थन कर रहे हैं?
कोलकाता के फुटबॉल प्रेमी मुख्यतः ब्राजील, अर्जेंटीना, पुर्तगाल, स्पेन और फ्रांस के बीच बंटे हैं। 2010 में स्पेन के विश्व विजेता बनने के बाद स्पेन समर्थकों की संख्या बढ़ी है, हालांकि ब्राजील के समर्थक अभी भी सबसे अधिक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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