फीफा विश्व कप 2026: मेहताब हुसैन बोले — देश को चैंपियन बनाने वाला ही महान, क्लब स्टार नहीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व मिडफील्डर मेहताब हुसैन ने 16 जून 2026 को कोलकाता में कहा कि फीफा विश्व कप 2026 में किसी भी बड़ी टीम की जीत की गारंटी नहीं है, क्योंकि आधुनिक फुटबॉल में छोटी टीमें भी दिग्गजों को चुनौती देने में सक्षम हो गई हैं। उनके अनुसार, किसी खिलाड़ी की महानता क्लब स्तर पर नहीं, बल्कि विश्व कप में देश को खिताब दिलाने से तय होती है।
मेहताब का विश्व कप पर आकलन
हुसैन ने कहा, 'फीफा विश्व कप 2026 में अब तक मुझे बड़ी टीमों की तरफ से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है। जर्मनी ने अच्छा खेल दिखाया है। अगले कुछ दिनों में यह पता चलेगा कि अगले चरण में कौन-सी टीमें जाएंगी।' उन्होंने जोड़ा, 'फुटबॉल अब पहले के मुकाबले बहुत बदल गया है। बड़ी टीमें अपनी जीत का दावा नहीं कर सकतीं।'
महानता की परिभाषा — विश्व कप या क्लब?
हुसैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हर खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना चाहता है और विश्व कप खेलना चाहता है। अगर आप राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेलते और प्रदर्शन नहीं करते, तो आपको सफल नहीं माना जाता।' उनके अनुसार, 'कोई भी खिलाड़ी महान तभी बनता है, जब हर 4 साल में एक बार होने वाले विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करता है और अपनी टीम को चैंपियन बनाता है। क्लब फुटबॉल से महानता साबित नहीं होती।'
मेसी और माराडोना की तुलना
पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने लियोनल मेसी का उदाहरण देते हुए कहा, 'पिछले विश्व कप में मेसी ने अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया, उसके बाद से उन्हें ज़्यादा अहमियत मिलने लगी। उसके पहले हम उनकी तुलना माराडोना से करते थे। अब मेसी को माराडोना से कम नहीं माना जाता।' यह टिप्पणी उस बहस को रेखांकित करती है जो दशकों से फुटबॉल प्रेमियों के बीच चली आ रही है — क्या क्लब ट्रॉफियाँ किसी खिलाड़ी को महान बनाती हैं, या विश्व कप की स्वर्णिम ट्रॉफी?
कोलकाता — भारतीय फुटबॉल का गढ़
हुसैन ने कोलकाता को भारतीय फुटबॉल का केंद्र बताते हुए कहा कि मोहन बगान, ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लबों ने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय फुटबॉल को जीवित रखा है। उन्होंने कहा, 'इन टीमों का इतिहास 100 साल पुराना है। कई क्लब आए और चले गए, लेकिन ये तीनों चल रहे हैं — और कभी बंद नहीं होंगे। इनके पास बड़ा फैन बेस है, जो काफी महत्वपूर्ण है।'
कोलकाता के फैंस की पसंद
हुसैन के अनुसार, कोलकाता में पहले फुटबॉल प्रेमी ब्राजील और अर्जेंटीना के बीच बंटे थे, लेकिन 2010 में स्पेन के विश्व विजेता बनने के बाद समर्थकों का एक नया वर्ग उभरा। उन्होंने कहा, 'अभी भी ब्राजील के समर्थक ज़्यादा हैं, लेकिन अब स्पेन के फैंस भी कोलकाता में हैं।' फैन रूपम घोष ने बताया कि वे इस विश्व कप में पुर्तगाल का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं और यह रोनाल्डो का संभवतः आखिरी विश्व कप है। एक अन्य युवा फैन प्रियांशु ने लियोनल मेसी और अर्जेंटीना को अपना पसंदीदा बताया, जबकि एक और फैन ने फ्रांस और किलियन एमबाप्पे के प्रति अपना उत्साह ज़ाहिर किया। फीफा विश्व कप 2026 जैसे-जैसे अगले दौर की ओर बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि कोलकाता के फुटबॉल प्रेमियों की उम्मीदें किस दिशा में जाती हैं।