3 अगस्त 2026
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CWG 2026 क्लोजिंग सेरेमनी: ग्लासगो से अहमदाबाद को मिली मेजबानी, शंकर महादेवन की आवाज़ से गूंजा OVO हाइड्रो

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CWG 2026 क्लोजिंग सेरेमनी: ग्लासगो से अहमदाबाद को मिली मेजबानी, शंकर महादेवन की आवाज़ से गूंजा OVO हाइड्रो

सारांश

ग्लासगो के OVO हाइड्रो में CWG 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी सिर्फ समापन नहीं थी — यह भारत का वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक दावा था। 18 मिनट 27 सेकंड के प्रदर्शन और शंकर महादेवन की आवाज़ के साथ, अहमदाबाद ने 2030 के शताब्दी संस्करण की मेजबानी की अपनी पहली आधिकारिक झलक दुनिया को दे दी।

मुख्य बातें

CWG 2026 का समापन 3 अगस्त 2026 को ग्लासगो के OVO हाइड्रो में भव्य क्लोजिंग सेरेमनी के साथ हुआ।
अहमदाबाद को आधिकारिक रूप से CWG 2030 की मेजबानी सौंपी गई; झंडा गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को प्रदान किया गया।
भारतीय गायक शंकर महादेवन , ऋषभ शर्मा और भूमि त्रिवेदी ने 18 मिनट 27 सेकंड के सांस्कृतिक प्रदर्शन में दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
नीरज चोपड़ा और IOA अध्यक्ष पीटी उषा को CWG ध्वज सौंपा गया; कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियन जैस्मिन लैंबोरिया ने परेड में तिरंगा थामा।
CWG 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की 100वीं वर्षगांठ का संस्करण होगा; भारत दो बार मेजबानी करने वाला ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा देश बनेगा।
'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ और 'वसुधैव कुटुंबकम' की थीम पर आधारित प्रस्तुति ने भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) का समापन 3 अगस्त 2026 को ग्लासगो के OVO हाइड्रो में एक भव्य क्लोजिंग सेरेमनी के साथ हुआ, और इसी के साथ अहमदाबाद को आधिकारिक रूप से CWG 2030 की मेजबानी सौंप दी गई। 11 यादगार दिनों के खेल उत्सव के समापन पर भारत के सांस्कृतिक प्रदर्शन ने दुनियाभर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय गायक शंकर महादेवन, ऋषभ शर्मा और भूमि त्रिवेदी की प्रस्तुतियों ने स्टेडियम में ऐसा माहौल बनाया कि हज़ारों दर्शक अपनी सीटों से उठकर झूमने लगे।

मुख्य घटनाक्रम

खचाखच भरे OVO हाइड्रो में जैसे ही 'वंदे मातरम', 'शिव स्तोत्र' और 'सुनो गौर से दुनिया वालों' की धुनें गूंजीं, हज़ारों भारतीय दर्शक भावुक होकर खड़े हो गए। विदेशी दर्शकों ने भी भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। शाम की शुरुआत स्कॉटिश संस्कृति के जीवंत जश्न से हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर रॉक बैंड 'सिंपल माइंड्स', डांस ग्रुप 'डायवर्सिटी' और कई स्थानीय कलाकारों ने संगीत, नृत्य और विजुअल स्टोरीटेलिंग के ज़रिए धूम मचाई।

भारत का सांस्कृतिक प्रदर्शन

झंडा हस्तांतरण के बाद 18 मिनट 27 सेकंड के भारतीय सांस्कृतिक प्रदर्शन ने सबकी नज़रें खींच लीं। इस प्रस्तुति को चार हिस्सों में बाँटा गया था। पहला हिस्सा 'वसुधैव कुटुंबकम' की थीम पर आधारित था, जिसमें 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ को केंद्र में रखते हुए भारत के शांति, एकता और समावेशिता के संदेश को प्रस्तुत किया गया। दूसरे हिस्से में एक विशेष फिल्म दिखाई गई, जिसमें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सफ़र और यादगार उपलब्धियों को दर्शाया गया।

तीसरे हिस्से में भारतीय संगीतकार ऋषभ शर्मा और स्कॉटिश कलाकार रॉस एन्सली के बीच एक अनूठी संगीत जुगलबंदी हुई, जो ग्लासगो से अहमदाबाद तक गेम्स के सहज बदलाव का प्रतीक बनी। अंतिम और सबसे भव्य हिस्से में शंकर महादेवन, ऋषभ शर्मा और भूमि त्रिवेदी ने मिलकर ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक तालियाँ बजाने, नाचने और गाने पर मजबूर हो गए।

झंडा हस्तांतरण और ऐतिहासिक क्षण

कॉमनवेल्थ गेम्स का बैटन स्कॉटलैंड से भारत को सौंपे जाने के दौरान स्टेडियम का माहौल अभूतपूर्व था। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा प्रतीकात्मक रूप से सौंपा गया। भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा को भी CWG ध्वज थमाया गया। एथलीटों की परंपरागत परेड में कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियन जैस्मिन लैंबोरिया ने तिरंगा थामा और 74 कॉमनवेल्थ देशों एवं क्षेत्रों के एथलीटों ने एकजुट होकर मार्च किया।

अहमदाबाद 2030 का ऐतिहासिक महत्व

CWG 2030 का आयोजन इसलिए भी ऐतिहासिक होगा क्योंकि यह कॉमनवेल्थ गेम्स की 100वीं वर्षगांठ का संस्करण होगा। इस आयोजन के साथ भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की दो बार मेजबानी करने वाला दूसरा देश बन जाएगा। गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में CWG की मेजबानी की थी। अहमदाबाद 2030 के लिए भारत की उल्टी गिनती आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है।

आगे क्या

ग्लासगो से मिली मेजबानी की ज़िम्मेदारी के साथ अब गुजरात और केंद्र सरकार के सामने शताब्दी संस्करण के लिए तैयारियों की बड़ी चुनौती है। हैंडओवर प्रेजेंटेशन में दिखाई गई भव्य विजुअल्स, जोशीली कोरियोग्राफी और दमदार संगीत ने दुनिया को अहमदाबाद 2030 के इरादों की पहली आधिकारिक झलक दे दी है। कॉमनवेल्थ परिवार अब उत्सुकता से 2030 के ऐतिहासिक आयोजन का इंतज़ार करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पारदर्शी प्रबंधन भी साबित करना होगा। 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश और शताब्दी संस्करण की ज़िम्मेदारी — दोनों मिलकर भारत पर एक ऊँचा मानदंड स्थापित करते हैं जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CWG 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी कहाँ और कब हुई?
CWG 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी 3 अगस्त 2026 को ग्लासगो के OVO हाइड्रो में हुई। इस भव्य समारोह ने 11 दिनों के खेल उत्सव का समापन किया।
CWG 2030 की मेजबानी किसे सौंपी गई और इसका क्या महत्व है?
CWG 2030 की मेजबानी भारत के अहमदाबाद को सौंपी गई है। यह संस्करण ऐतिहासिक होगा क्योंकि यह कॉमनवेल्थ गेम्स की 100वीं वर्षगांठ का आयोजन होगा, और भारत ऑस्ट्रेलिया के बाद दो बार CWG की मेजबानी करने वाला दूसरा देश बन जाएगा।
क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ओर से किन कलाकारों ने प्रदर्शन किया?
भारतीय गायक शंकर महादेवन, ऋषभ शर्मा और भूमि त्रिवेदी ने क्लोजिंग सेरेमनी में प्रदर्शन किया। इसके अलावा ऋषभ शर्मा और स्कॉटिश कलाकार रॉस एन्सली के बीच एक विशेष संगीत जुगलबंदी भी हुई।
CWG झंडा हस्तांतरण समारोह में कौन-कौन शामिल थे?
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को CWG का झंडा प्रतीकात्मक रूप से सौंपा गया। भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और IOA अध्यक्ष पीटी उषा को भी CWG ध्वज प्रदान किया गया, जबकि कॉमनवेल्थ बॉक्सिंग चैंपियन जैस्मिन लैंबोरिया ने एथलीट परेड में तिरंगा थामा।
भारत के सांस्कृतिक प्रदर्शन की थीम क्या थी?
भारत का 18 मिनट 27 सेकंड का सांस्कृतिक प्रदर्शन चार हिस्सों में था। इसकी मुख्य थीम 'वसुधैव कुटुंबकम' (दुनिया एक परिवार है) थी, जिसमें 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का सफ़र और अहमदाबाद 2030 की भविष्य की सोच को दर्शाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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