देवदत्त पडिक्कल का गॉल टेस्ट में पहला शतक, 2002 के बाद नंबर-3 पर शतक जड़ने वाले पहले बाएँ हाथ के बल्लेबाज
सारांश
मुख्य बातें
देवदत्त पडिक्कल ने 15 अगस्त को गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत-श्रीलंका पहले टेस्ट के दौरान अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जड़ा। पडिक्कल ने यह मुकाम 134 गेंदों में हासिल किया और इस दौरान 9 चौके व 1 छक्का लगाए। यह पारी भारत के लिए नंबर-3 स्थान पर बाएँ हाथ के बल्लेबाज द्वारा लगाया गया 2002 के बाद पहला टेस्ट शतक है।
मुख्य घटनाक्रम
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सहज नहीं रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रनआउट हुए। इसके बाद नंबर-3 पर उतरे पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 150 रनों की साझेदारी की। राहुल 77 रन बनाकर रिटायर हर्ट हुए। दूसरे सत्र के पूरे खेल में भारत को कोई विकेट नहीं गँवाना पड़ा।
ऐतिहासिक उपलब्धि
पडिक्कल 2002 के बाद भारत की ओर से नंबर-3 पर खेलते हुए टेस्ट शतक लगाने वाले पहले बाएँ हाथ के बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले 2002 में भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने नंबर-3 पर खेलते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ 136 रनों की पारी खेली थी।
गौरतलब है कि पडिक्कल 2024 के बाद नंबर-3 पर खेलते हुए भारत की ओर से शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने हैं। 2024 में शुभमन गिल ने इस स्थान पर बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी शतक लगाया था। उसके बाद भारत ने 19 टेस्ट मैचों में नंबर-3 पर 7 बल्लेबाजों को आज़माया, जिन्होंने मिलकर मात्र 27.28 की औसत से रन बनाए।
पडिक्कल का टेस्ट सफर
पडिक्कल ने मार्च 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। साई सुदर्शन के टीम से बाहर होने के बाद उन्हें नंबर-3 की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत लंबे अरसे से इस स्थान के लिए भरोसेमंद बल्लेबाज की तलाश में था।
भारत का मैच में दबदबा
गॉल के मैदान पर भारतीय बल्लेबाज़ों ने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों को पूरे दूसरे सत्र में कोई सफलता नहीं दी। राहुल-पडिक्कल की 150 रनों की साझेदारी ने भारत को मज़बूत आधार प्रदान किया। पडिक्कल की शतकीय पारी ने भारत की पहली पारी को ठोस आकार दे दिया है और आगे के खेल के लिए टीम को बढ़त की स्थिति में ला दिया है।