ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद जीता डूरंड कप, एडमंड लालरिंडिका की हैट्रिक से मोहन बागान को 4-1 से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
ईस्ट बंगाल एफसी ने 23 अगस्त 2025 को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए 135वें डूरंड कप के फाइनल में मोहन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हराकर 22 साल बाद यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। इस जीत के नायक एडमंड लालरिंडिका रहे, जिन्होंने पहले हाफ के महज 44 मिनट में शानदार हैट्रिक ठोककर मुकाबले का रुख तय कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
मैच की शुरुआत से ही ईस्ट बंगाल ने आक्रामक तेवर दिखाए। 10वें मिनट में टीएच बिपिन सिंह ने पहला गोल दागकर स्कोरबोर्ड खोला। ठीक एक मिनट बाद 11वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने अपना पहला गोल किया और फिर 22वें मिनट में दूसरा गोल दागकर टीम को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।
33वें मिनट में मोहन बागान के मनवीर सिंह ने एक गोल दागकर उम्मीद जगाई, लेकिन हाफ-टाइम से ठीक पहले 44वें मिनट में लालरिंडिका ने अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए स्कोर 4-1 कर दिया। पहला हाफ इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।
दूसरा हाफ और अनुशासन की परीक्षा
पहले हाफ के पाँच गोलों के बाद दूसरा हाफ पूरी तरह गोलरहित रहा। हालाँकि इस दौरान मैदान पर तनाव बना रहा और कई येलो कार्ड दिखाए गए। 58वें मिनट में मोहन बागान के टेकचम अभिषेक सिंह और 59वें मिनट में ईस्ट बंगाल के थोउनाओजाम जैक्सन सिंह को येलो कार्ड मिला। 90+5वें मिनट में मोहन बागान के अल्बर्टो रोड्रिगेज मार्टिन को भी येलो कार्ड दिखाया गया। पहले हाफ में दानी रामिरेज (ईस्ट बंगाल, 29वाँ मिनट) और लालेंगमाविया राल्टे (मोहन बागान, 42वाँ मिनट) को भी येलो कार्ड मिले थे।
ऐतिहासिक बराबरी
इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने डूरंड कप खिताबों की संख्या में मोहन बागान की बराबरी कर ली है। दोनों क्लबों के नाम अब 17-17 डूरंड कप खिताब दर्ज हैं। इससे पहले ईस्ट बंगाल ने यह ट्रॉफी 2004 में जीती थी। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों कोलकाता क्लबों के बीच की प्रतिद्वंद्विता भारतीय फुटबॉल की सबसे पुरानी और तीखी रही है।
व्यक्तिगत पुरस्कार
टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कारों में गोल्डन ग्लव मोहन बागान सुपर जायंट के विशाल कैथ को, गोल्डन बूट नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के अलाएद्दीन अजराई को, और गोल्डन बॉल फाइनल के नायक एडमंड लालरिंडिका को दिया गया। सभी पुरस्कार विजेताओं को ₹3 लाख का चेक प्रदान किया गया, जबकि गोल्डन बॉल विजेता लालरिंडिका को एक एसयूवी की चाबी भी भेंट की गई।
आगे क्या
डूरंड कप 2025 की यह जीत ईस्ट बंगाल के लिए नए सत्र की शानदार शुरुआत है। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है, और इस खिताब के साथ क्लब का आत्मविश्वास आगामी इंडियन सुपर लीग (ISL) सत्र में भी ऊँचा रहेगा।