फीफा वर्ल्ड कप में 'गोल का शतक': ब्राज़ील 237 गोल के साथ शीर्ष पर, जानें सभी 7 देश
सारांश
मुख्य बातें
फुटबॉल के सबसे बड़े मंच फीफा वर्ल्ड कप के अब तक हुए 22 संस्करणों में सिर्फ 7 देश ही ऐसे हैं जिन्होंने 100 गोल के ऐतिहासिक आँकड़े को छुआ है। इस विशिष्ट सूची में ब्राज़ील 237 गोल के साथ सबसे आगे है, जबकि इंग्लैंड 104 गोल के साथ इस 'शतकीय क्लब' में सबसे नीचे है।
ब्राज़ील: 237 गोल के साथ सिरमौर
विश्व कप के सभी 22 संस्करणों में खेलने वाला इकलौता देश ब्राज़ील है, जिसने 114 मुकाबलों में 237 गोल दागे हैं। पाँच बार का चैंपियन यह देश 1958, 1962, 1970, 1994 और 2002 में खिताब जीत चुका है। दिग्गज रोनाल्डो नज़ारियो ने टीम के लिए सर्वाधिक 15 गोल किए हैं।
जर्मनी और अर्जेंटीना का दबदबा
जर्मनी ने 20 विश्व कप संस्करणों में हिस्सा लेकर 112 मैचों में 232 गोल किए। टीम ने 1954, 1974, 1990 और 2014 में खिताब जीता, और मिरोस्लाव क्लोज़ इसके सर्वाधिक 16 गोल करने वाले खिलाड़ी हैं — जो विश्व कप इतिहास का व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी है।
अर्जेंटीना ने 18 बार खेले 88 मैचों में 152 गोल दागे। तीन बार के चैंपियन (1978, 1986, 2022) इस देश के लिए लियोनेल मेसी ने सर्वाधिक 13 गोल किए हैं।
यूरोपीय दिग्गज: फ्रांस, इटली, स्पेन
फ्रांस ने 16 संस्करणों के 73 मुकाबलों में 136 गोल किए। 1998 और 2018 के विजेता इस देश के लिए जस्ट फोंटेन के 13 गोल सर्वाधिक हैं — गौरतलब है कि उन्होंने यह कारनामा एक ही संस्करण (1958) में किया था।
इटली ने 18 बार उतरकर 83 मैचों में 128 गोल दागे। चार बार के चैंपियन (1934, 1938, 1982, 2006) इस देश के लिए क्रिश्चियन विएरी, पाओलो रॉसी और रॉबर्टो बैगियो संयुक्त रूप से 9-9 गोल के साथ शीर्ष पर हैं।
स्पेन ने 16 संस्करणों के 67 मुकाबलों में 108 गोल किए। 2010 के विजेता के लिए डेविड विला ने सर्वाधिक 9 गोल दागे हैं।
इंग्लैंड: सूची में सबसे नीचे
फुटबॉल के 'जन्मदाता' कहे जाने वाले इंग्लैंड ने 16 विश्व कप के 74 मुकाबलों में 104 गोल किए हैं। टीम ने अपना एकमात्र खिताब 1966 में अपनी ही धरती पर जीता था, और गैरी लिनेकर के 10 गोल देश के लिए सर्वाधिक हैं।
क्यों खास है यह आँकड़ा
दिलचस्प बात यह है कि इस सूची के सातों देश विश्व कप विजेता रहे हैं — यानी '100 गोल क्लब' और 'खिताबी क्लब' लगभग पूरी तरह से एक-दूसरे से मेल खाते हैं। अगला विश्व कप 2026 में अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेज़बानी में खेला जाएगा, जहाँ यह देखना दिलचस्प होगा कि कोई आठवाँ देश इस विशिष्ट क्लब में जुड़ता है या नहीं।