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FIFA विश्व कप: पिता-पुत्र की 5 ऐतिहासिक जोड़ियाँ जिन्होंने देश के लिए खेला फुटबॉल का महाकुंभ

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FIFA विश्व कप: पिता-पुत्र की 5 ऐतिहासिक जोड़ियाँ जिन्होंने देश के लिए खेला फुटबॉल का महाकुंभ

सारांश

FIFA विश्व कप 2026 से पहले फुटबॉल इतिहास की वो 5 दुर्लभ पिता-पुत्र जोड़ियाँ चर्चा में हैं, जिन्होंने मेक्सिको, स्पेन, ब्राज़ील, फ्रांस और रोमानिया की जर्सी पहनकर विश्व कप खेला। 1930 से 1994 तक फैली इन कहानियों में पारिवारिक विरासत तो है, पर गोल का सूखा भी एक साझा अध्याय है।

मुख्य बातें

FIFA विश्व कप 2026 का आगाज़ 11 जून से होगा।
मेक्सिको की ओर से लुइस पेरेज (1930) और बेटे मारियो पेरेज (1950) ने विश्व कप खेला।
मार्टी वैंटोलरा ने 1934 में स्पेन, बेटे जोस ने 1970 में मेक्सिको का प्रतिनिधित्व किया।
ब्राज़ील के डोमिंगोस दा गुइया (1938) और बेटे अदेमिर (1974) सेलेकाओ का हिस्सा रहे।
फ्रांस की रियो और रोमानिया की लुपस्कु जोड़ी ने भी विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व किया।
इन सभी 5 जोड़ियों के नाम विश्व कप में एक भी गोल दर्ज नहीं है।

FIFA विश्व कप 2026 का आगाज़ 11 जून से होने जा रहा है, और इस मेगा इवेंट से पहले फुटबॉल इतिहास की उन 5 खास पिता-पुत्र जोड़ियों की चर्चा फिर तेज़ हो गई है, जिन्होंने अलग-अलग दशकों में अपने देश की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। मेक्सिको, स्पेन, ब्राज़ील, फ्रांस और रोमानिया — पाँच देशों की इन जोड़ियों ने पारिवारिक विरासत को विश्व मंच पर पहुँचाया, हालाँकि गोल का सूखा इन सभी के साथ जुड़ा रहा।

लुइस और मारियो पेरेज (मेक्सिको)

मेक्सिको की ओर से पिता लुइस पेरेज ने पहले-ही 1930 के उद्घाटन विश्व कप में हिस्सा लिया था। उनके बेटे और मिडफील्डर मारियो पेरेज ने 1950 के टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उल्लेखनीय है कि दोनों ही पिता-पुत्र विश्व कप में एक भी गोल दर्ज नहीं कर सके।

मार्टी और जोस वैंटोलरा (स्पेन/मेक्सिको)

पिता मार्टी वैंटोलरा 1934 के विश्व कप में स्पेन की टीम का हिस्सा रहे। उनके बेटे जोस वैंटोलरा ने 1970 के विश्व कप में मेक्सिको की ओर से 4 मुकाबले खेले। दोनों ही पीढ़ियाँ अपने-अपने अभियानों में गोल करने से चूक गईं।

डोमिंगोस और अदेमिर दा गुइया (ब्राज़ील)

ब्राज़ील की ओर से पिता डोमिंगोस दा गुइया ने 1938 के विश्व कप में 4 मैच खेले थे, लेकिन गोल नहीं कर सके। उनके बेटे अदेमिर दा गुइया को 1974 के विश्व कप में सेलेकाओ की जर्सी में सिर्फ एक मैच खेलने का अवसर मिला। यह जोड़ी ब्राज़ील के स्वर्णिम युग की एक कम चर्चित कड़ी मानी जाती है।

रोजर और पैट्रिस रियो (फ्रांस)

पिता रोजर रियो ने 1934 के विश्व कप में फ्रांस की ओर से एक मुकाबला खेला था। उनके बेटे पैट्रिस रियो 1978 के विश्व कप अभियान का हिस्सा रहे। दोनों ही खिलाड़ी टूर्नामेंट में गोल दर्ज नहीं कर पाए, परन्तु फ्रेंच फुटबॉल की पीढ़ीगत निरंतरता का प्रतीक बने रहे।

निकोले और इओन लुपस्कु (रोमानिया)

पिता निकोले लुपस्कु ने 1970 के विश्व कप में रोमानिया की ओर से 3 मैच खेले। उनके बेटे इओन लुपस्कु 1990 और 1994 के विश्व कप में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे और कुल 8 मुकाबले खेले। फिर भी, इस पिता-पुत्र जोड़ी के नाम भी विश्व कप में कोई गोल दर्ज नहीं है।

क्यों खास है यह सूची

फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी देश का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि है। FIFA विश्व कप 2026 से ठीक पहले इन जोड़ियों की कहानियाँ यह याद दिलाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल केवल खिताबों की नहीं, विरासतों की भी कहानी है। आने वाले टूर्नामेंट में देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नई पिता-पुत्र जोड़ी इस ऐतिहासिक सूची में शामिल होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह सूची दिखाती है कि विरासत स्वतः सफलता की गारंटी नहीं देती — पाँचों जोड़ियों के नाम कोई विश्व कप गोल नहीं है। यह तथ्य आधुनिक युग की मस्चिआनो-थुरम जैसी जोड़ियों के संदर्भ में और भी दिलचस्प हो जाता है, जहाँ बेटे पिता से आगे निकल रहे हैं। FIFA विश्व कप 2026 के विस्तारित 48-टीम प्रारूप में यह संभावना और बढ़ जाती है कि कोई नई पारिवारिक जोड़ी इतिहास में जुड़े। पर असली प्रश्न यह है कि क्या वंशानुगत प्रतिभा फुटबॉल जैसे टीम-खेल में निर्णायक होती है, या यह केवल अवसर और संयोग की कहानी है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FIFA विश्व कप 2026 कब से शुरू हो रहा है?
FIFA विश्व कप 2026 का आगाज़ 11 जून 2026 से होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण माना जा रहा है।
विश्व कप में खेलने वाली पहली पिता-पुत्र जोड़ी कौन सी है?
मेक्सिको के लुइस पेरेज और उनके बेटे मारियो पेरेज को इस सूची की सबसे शुरुआती जोड़ियों में गिना जाता है। लुइस ने 1930 के उद्घाटन विश्व कप में, जबकि मारियो ने 1950 में मेक्सिको का प्रतिनिधित्व किया था।
ब्राज़ील की कौन सी पिता-पुत्र जोड़ी ने विश्व कप खेला है?
ब्राज़ील की ओर से डोमिंगोस दा गुइया ने 1938 के विश्व कप में 4 मैच खेले थे, और उनके बेटे अदेमिर दा गुइया को 1974 के विश्व कप में एक मुकाबला खेलने का मौका मिला।
क्या इन 5 जोड़ियों में से किसी ने विश्व कप में गोल किया है?
नहीं, उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार इन पाँचों पिता-पुत्र जोड़ियों में से कोई भी खिलाड़ी विश्व कप में गोल दर्ज नहीं कर सका। यह इस सूची की एक उल्लेखनीय साझा विशेषता है।
रोमानिया की लुपस्कु जोड़ी ने कितने विश्व कप में हिस्सा लिया?
पिता निकोले लुपस्कु ने 1970 के विश्व कप में रोमानिया की ओर से 3 मैच खेले, जबकि उनके बेटे इओन लुपस्कु 1990 और 1994 — कुल दो विश्व कप — का हिस्सा रहे और 8 मुकाबले खेले।
राष्ट्र प्रेस
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