थॉमस पार्टे का वीजा अपील खारिज, फीफा वर्ल्ड कप 2026 में घाना के पहले मैच से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
घाना के स्टार मिडफील्डर थॉमस पार्टे को फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ओपनिंग मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है — कनाडा की फेडरल कोर्ट ने 16 जून 2026 को उनकी वीजा अपील खारिज कर दी, जिससे वे 17 जून को पनामा के खिलाफ होने वाले ग्रुप एल के मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे। फीफा ने भी आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी है कि वीजा न मिलने के कारण पार्टे पहले मैच के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
कोर्ट का फैसला और कानूनी आधार
जज रोजर आर. लाफ्रेनियर ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि थॉमस पार्टे अपनी अपील में कोई गंभीर कानूनी आधार साबित नहीं कर पाए और इमिग्रेशन अधिकारियों के फैसले को पलटने के लिए पर्याप्त कारण नहीं दे सके। जज लाफ्रेनियर ने यह भी स्पष्ट किया कि खिलाड़ी को ब्रिटेन में उन पर लगे रेप और यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ी चिंताओं के बारे में पहले ही अवगत कराया गया था, लेकिन वीजा प्रक्रिया के दौरान वे उन चिंताओं को संतोषजनक ढंग से दूर करने में नाकाम रहे।
घाना की टीम पर असर
कनाडा सरकार ने पिछले सप्ताह पार्टे को वीजा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उनके वकीलों ने ओटावा में फेडरल कोर्ट में अंतिम समय में अपील दायर की थी। अदालत के इस फैसले के बाद पार्टे फिलहाल कनाडा में प्रवेश नहीं कर सकते। इसका सीधा असर यह है कि वे घाना के आगामी ग्रुप मैचों में भी शायद शामिल न हो सकें। राहत की कोई संभावना तभी बनती है जब उनके मामले पर दोबारा विचार हो या उन्हें टेम्पररी रेजिडेंट परमिट के ज़रिए प्रवेश की अनुमति मिले।
घाना की टीम इस समय अमेरिका में अपने प्रशिक्षण शिविर में है और बाकी ग्रुप मैचों की तैयारी में जुटी है। पार्टे की अनुपस्थिति में कोच को मिडफील्ड की रणनीति नए सिरे से बनानी होगी।
आगे का कार्यक्रम और दांव
घाना को ग्रुप एल में 17 जून को पनामा, और इसके बाद इंग्लैंड तथा क्रोएशिया जैसी मज़बूत टीमों से भिड़ना है। ऐसे में पार्टे जैसे अनुभवी मिडफील्डर की गैरमौजूदगी टीम के लिए रणनीतिक रूप से गंभीर मानी जा रही है।
वर्ल्ड कप में वीजा संकट का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 में वीजा से जुड़ी परेशानियाँ एक बड़े मुद्दे के रूप में उभर रही हैं। इससे पहले सोमाली रेफरी उमर आर्टन, इराक के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आयमन हुसैन और तलाल सलाह, हैती के वुडेनस्की पियरे, और स्विट्जरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो भी वर्ल्ड कप यात्रा से जुड़ी वीजा दिक्कतों का सामना कर चुके हैं। थॉमस पार्टे का मामला इस सूची में नवीनतम और सबसे चर्चित जुड़ाव है। आलोचकों का कहना है कि टूर्नामेंट की मेज़बानी के लिए वीजा प्रक्रिया को अधिक सुसंगत और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए था।