फीफा वर्ल्ड कप में सबसे लंबी वापसी: वेल्स ने 64 साल बाद लौटकर रचा इतिहास, जानें 5 टीमों की कहानी
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून 2026 से होने जा रहा है, जिसमें इस बार रिकॉर्ड 48 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। इस महामुकाबले से पहले, आइए उन 5 टीमों पर नज़र डालते हैं जिन्होंने फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर सबसे लंबे अंतराल के बाद वापसी की — कोई 64 साल बाद लौटा, तो किसी को 44 से 56 साल का इंतजार करना पड़ा।
वेल्स — 64 साल का सबसे लंबा इंतजार (1958–2022)
फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे लंबे अंतराल की वापसी का रिकॉर्ड वेल्स के नाम है। टीम ने 1958 में विश्व कप में हिस्सा लिया था और इसके बाद अगला मौका उसे पूरे 64 साल बाद 2022 के कतर वर्ल्ड कप में मिला। हालाँकि यह वापसी उत्साहजनक नहीं रही — वेल्स ग्रुप स्टेज में ही हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
मिस्र — 56 साल का इंतजार (1934–1990)
मिस्र ने 1934 के फीफा विश्व कप में भाग लिया था। इसके बाद टीम को फुटबॉल के इस महामंच पर वापस लौटने के लिए 56 साल प्रतीक्षा करनी पड़ी और 1990 के इटली वर्ल्ड कप में उसकी वापसी हुई। हालाँकि वापसी निराशाजनक रही — मिस्र अपने ग्रुप में सबसे निचले स्थान पर रहा और आगे के दौर में जगह बनाने में नाकाम रहा।
नॉर्वे — 56 साल का इंतजार (1938–1994)
नॉर्वे ने 1938 में विश्व कप खेला और अगला मौका उसे 56 साल बाद 1994 के अमेरिकी वर्ल्ड कप में मिला। यह वापसी भी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी — नॉर्वे ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई और अपने ग्रुप में अंतिम स्थान पर रही।
तुर्की — 48 साल बाद ऐतिहासिक वापसी (1954–2002)
तुर्की ने 1954 में विश्व कप में शिरकत की थी और इसके बाद 48 साल के लंबे इंतजार के बाद 2002 के जापान-दक्षिण कोरिया वर्ल्ड कप में वापसी की। इस बार वापसी ऐतिहासिक साबित हुई — तुर्की ने पहली बार सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। टीम ने मेजबान जापान को हराया, क्वार्टर फाइनल में सेनेगल को मात दी, और तीसरे स्थान के मुकाबले में साउथ कोरिया को 3-2 से हराकर कांस्य पदक जीता।
बोलीविया — 44 साल बाद वापसी (1950–1994)
बोलीविया ने 1950 के विश्व कप में भाग लिया था और 44 साल के अंतराल के बाद 1994 में एक बार फिर इस मंच पर कदम रखा। लेकिन यह वापसी भी निराशाजनक रही — बोलीविया ग्रुप स्टेज में ही हारकर बाहर हो गई।
फीफा 2026 का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 पहली बार 48 टीमों के विस्तारित प्रारूप में खेला जाएगा, जो पिछले 32 टीमों के फॉर्मेट से बड़ा कदम है। यह बदलाव अफ्रीका, एशिया और कॉन्केकाफ जैसे क्षेत्रों को अधिक प्रतिनिधित्व देता है। इन पाँच टीमों की कहानियाँ यह याद दिलाती हैं कि विश्व कप की राह कितनी कठिन और अनिश्चित हो सकती है — दशकों की प्रतीक्षा के बाद भी मंच पर टिके रहना एक अलग चुनौती है।