फीफा वर्ल्ड कप: मार्कस थुरम मांसपेशी चोट से बाहर, स्वीडन के खिलाफ फ्रांस की परीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के प्रमुख स्ट्राइकर मार्कस थुरम मांसपेशियों की चोट के कारण फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में स्वीडन के खिलाफ बुधवार को खेले जाने वाले मुकाबले से बाहर हो गए हैं। फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने इसकी पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि चोट गंभीर नहीं है, लेकिन थुरम समय पर फिट नहीं हो पाएंगे। यह मैच न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहाँ दोनों टीमें राउंड ऑफ 16 में प्रवेश के लिए आमने-सामने होंगी।
थुरम की चोट और कांटे की अनिश्चितता
कोच डेसचैम्प्स ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मार्कस कल उपलब्ध नहीं होंगे। उन्हें मांसपेशियों की मामूली समस्या है, कोई गंभीर बात नहीं है, लेकिन वे समय पर फिट नहीं हो पाएंगे।' इसके साथ ही मिडफील्डर एन'गोलो कांटे की फिटनेस को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। डेसचैम्प्स ने कहा कि कांटे की समस्या मांसपेशियों से जुड़ी नहीं है, लेकिन वे शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार नहीं हैं और मैच से पहले उनकी स्थिति का आकलन किया जाएगा।
सालिबा पर भरोसा, विशेष प्रोटोकॉल जारी
डिफेंडर विलियम सालिबा, जो कई हफ्तों से पीठ की समस्या से जूझ रहे हैं, को लेकर कोच ने भरोसा जताया। डेसचैम्प्स ने कहा, 'एक मेडिकल प्रोटोकॉल लागू है और हम उनकी फिटनेस बनाए रखने के लिए ट्रेनिंग में बदलाव कर रहे हैं। भले ही वे 100 प्रतिशत फिट न हों, लेकिन 99 प्रतिशत तो हैं ही, और मैचों के लिए यह काफी है।' उन्होंने यह भी कहा कि तीसरे ग्रुप मैच में सालिबा को आराम देना ज़रूरी था।
एम्बाप्पे की भूमिका और फ्रांस की आक्रामकता
कोच डेसचैम्प्स ने कप्तान किलियन एम्बाप्पे की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'हमने ग्रुप स्टेज में 10 गोल किए और हम और भी गोल कर सकते थे। हम दूसरी टीमों के लिए मुश्किल पैदा कर सकते हैं, और मैं चाहता हूँ कि हम इसे बनाए रखें।' एम्बाप्पे की रक्षात्मक भूमिका पर उन्होंने कहा, 'किलियन डिफेंस भी करते हैं — शायद दूसरों जितना नहीं, लेकिन वे दूसरों से ज़्यादा गोल भी करते हैं। उन्होंने मिसाल कायम करते हुए सबसे पहले पहल की।' डेसचैम्प्स ने एम्बाप्पे की कप्तानी की भी सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा और गोल करने की क्षमता के साथ-साथ कप्तान की जिम्मेदारी को भी पूरी तरह निभाते हैं।
कोच की निजी स्थिति और टीम का मनोबल
डेसचैम्प्स ने अपनी निजी परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि काम पर वापसी ने उन्हें कठिन दौर से उबरने में मदद की है। उन्होंने कहा, 'जहाँ तक मेरी बात है, मैं ठीक हूँ, मैं यहाँ हूँ। शुक्रवार शाम को यहाँ आने के बाद से काम में मन लगाए रखना अच्छा रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे लिए यह जाहिर तौर पर बहुत मुश्किल था — खुद के लिए और फ्रांस के लिए, मुझे जाना पड़ा। अब हम टूर्नामेंट के दूसरे चरण की तैयारी कर रहे हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब फ्रांस नॉकआउट चरण में कदम रखने की दहलीज पर खड़ा है और टीम का मनोबल अहम भूमिका निभाएगा।