गीत सेठी ने 3 अक्टूबर 1992 को जीती थी विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप, बनाया था 1276 का वर्ल्ड रिकॉर्ड ब्रेक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बिलियर्ड्स के दिग्गज गीत सेठी के लिए 3 अक्टूबर का दिन सोने की तरह है — इसी तारीख को 1992 में उन्होंने विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था और थ्री-पॉट नियम के तहत 1276 के इंग्लिश बिलियर्ड्स ब्रेक का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था। यह उपलब्धि न केवल उनके करियर की आधारशिला बनी, बल्कि भारतीय क्यू-स्पोर्ट्स को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने का ऐतिहासिक मोड़ भी साबित हुई।
प्रारंभिक जीवन और खेल की शुरुआत
गीत श्रीराम सेठी का जन्म 17 अप्रैल 1961 को दिल्ली में हुआ। वे अहमदाबाद में पले-बढ़े और महज 13 वर्ष की उम्र में बिलियर्ड्स की दुनिया में कदम रखा। गुजरात स्पोर्ट्स क्लब में उनकी भेंट उस दौर के सफल बिलियर्ड्स खिलाड़ी सतीश मेनन से हुई, जिन्होंने उन्हें महत्वपूर्ण तकनीकी मार्गदर्शन दिया। इस बुनियाद ने सेठी को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में तराशा जो आगे चलकर इस खेल का पर्याय बनने वाले थे।
राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा
सेठी ने 1982 में इंडियन नेशनल बिलियर्ड्स चैंपियनशिप में तत्कालीन दिग्गज माइकल फरेरा को हराकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद 1985 से 1988 तक उन्होंने लगातार चार वर्ष राष्ट्रीय बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती और 1997 तथा 1998 में भी यह खिताब अपने नाम किया। बिलियर्ड्स के साथ-साथ सेठी ने 1985 से 1988 के बीच लगातार चार बार राष्ट्रीय स्नूकर चैंपियनशिप भी जीती — यह उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण था।
विश्व चैंपियनशिप और रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धियाँ
3 अक्टूबर 1992 को सेठी ने विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीतकर भारतीय क्यू-स्पोर्ट्स इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। थ्री-पॉट नियम के अंतर्गत उनका 1276 का इंग्लिश बिलियर्ड्स ब्रेक विश्व रिकॉर्ड बना। इसके बाद वे रुके नहीं — 1993, 1995, 1998 और 2006 में भी उन्होंने यही खिताब अपने नाम किया। गौरतलब है कि 1989 में गुंटूर में आयोजित एक प्रतियोगिता में सेठी ने स्नूकर में 147 का अधिकतम ब्रेक लगाकर इतिहास रचा था। वे क्यू-स्पोर्ट्स के इतिहास में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने प्रतिस्पर्धी स्नूकर में 147 और बिलियर्ड्स में 1000 से अधिक का ब्रेक बनाया।
एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन
सेठी का एशियन गेम्स में प्रदर्शन भी उतना ही प्रभावशाली रहा। 1998 के एशियन गेम्स में उन्होंने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। 2002 के एशियन गेम्स में रजत और कांस्य तथा 2006 के एशियन गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि दो दशकों से अधिक समय तक वे एशियाई स्तर पर भी शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे।
पुरस्कार और विरासत
सेठी को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है — भारत सरकार द्वारा खेलों में उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले ये सर्वोच्च सम्मान उनकी विरासत को रेखांकित करते हैं। 2013 में उन्होंने प्रतिस्पर्धी बिलियर्ड्स से संन्यास ले लिया। उनके जाने के बाद भी भारतीय क्यू-स्पोर्ट्स में जो बुनियाद उन्होंने रखी, वह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा देती रहती है।