लवलीना बोरगोहेन और प्रीति पवार करेंगी भारत की अगुवाई, ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम के लिए 12 सदस्यीय टीम घोषित
सारांश
मुख्य बातें
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) ने 15 जून 2026 को ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम के लिए 12 सदस्यीय भारतीय दल की घोषणा की, जिसमें ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन और मौजूदा एशियन चैंपियनशिप गोल्ड मेडलिस्ट प्रीति पवार टीम की धुरी होंगी। यह प्रतियोगिता चेक गणराज्य में 17 से 21 जून के बीच आयोजित होगी।
टूर्नामेंट का महत्व
ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम यूरोप के सबसे पुराने बॉक्सिंग इवेंट्स में से एक है, जो पाँच दशकों से अधिक समय से वैश्विक बॉक्सिंग कैलेंडर का हिस्सा रहा है। इस बार यह टूर्नामेंट वर्ल्ड बॉक्सिंग के नियमों के तहत 'यूरोपियन बॉक्सिंग गोल्ड टूर्नामेंट' के रूप में आयोजित किया जाएगा। पुरुषों और महिलाओं की 10-10 वेट कैटेगरी में होने वाले इस इवेंट में भारतीय मुक्केबाज़ यूरोपीय प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ अपनी तैयारी को परखेंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तैयारी
यह टूर्नामेंट कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तैयारी के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो 23 जुलाई से 2 अगस्त के बीच ग्लासगो, स्कॉटलैंड में होने वाला है। भारतीय दल में कॉमनवेल्थ गेम्स की अधिकांश वेट कैटेगरी के शीर्ष-रैंक वाले एथलीट शामिल हैं। यह टूर्नामेंट टीम के कॉम्बिनेशन को परखने और यूरोप के कड़े मुकाबले में खुद को आज़माने का अहम अवसर है।
महिला टीम
महिला वर्ग में लवलीना बोरगोहेन (75 किलोग्राम) और प्रीति पवार (54 किलोग्राम) के अलावा साक्षी (51 किलोग्राम), प्रिया (60 किलोग्राम) और परवीन (65 किलोग्राम) भी टीम में शामिल हैं। गौरतलब है कि चोट से उबर रहीं वर्ल्ड नंबर 1 जैस्मिन लंबोरिया और अरुंधति चौधरी इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगी।
पुरुष टीम
पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह (55 किलोग्राम), सचिन सिवाच (60 किलोग्राम), आदित्य प्रताप (65 किलोग्राम), सुमित (70 किलोग्राम), अंकुश (80 किलोग्राम), कपिल पोखरिया (90 किलोग्राम) और नरेंद्र (90+ किलोग्राम) शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले यूरोपीय मंच पर अपनी क्षमता साबित करने उतरेंगे।
आगे क्या
इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए अंतिम दल चयन पर असर डाल सकता है। BFI के लिए यह देखना अहम होगा कि चोटिल खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में उभरते मुक्केबाज़ किस तरह अंतरराष्ट्रीय दबाव में अपना प्रदर्शन करते हैं।