हार्दिक सिंह के 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच पूरे, मोहाली में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में ऐतिहासिक उपलब्धि
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्टार मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने 5 नवंबर 2026 को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में अपना 200वाँ सीनियर इंटरनेशनल मैच खेलकर भारतीय हॉकी के इतिहास में एक विशेष अध्याय जोड़ा। हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के फाइनल में जापान के विरुद्ध यह उपलब्धि हासिल करने पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी।
खास जर्सी और मुख्यमंत्री का सम्मान
इस ऐतिहासिक अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं मैदान पर उपस्थित रहे और उन्होंने हार्दिक सिंह को एक विशेष जर्सी भेंट की, जिसके पीछे '200' नंबर अंकित था। यह पल उनके लिए और भी भावनात्मक था क्योंकि यही वह मैदान है जहाँ उन्होंने एक दिन 'बॉल-बॉय' के रूप में काम किया था।
हॉकी इंडिया नेतृत्व की प्रतिक्रिया
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, 'हार्दिक सिंह को 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच पूरे करने पर बधाई। यह भारतीय हॉकी के लिए गर्व का पल है और यह उनके समर्पण, निरंतरता और टीम के लिए दिए गए उनके बड़े योगदान को दर्शाता है। मैं उनके भविष्य में और भी सफल होने की कामना करता हूँ।'
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी बधाई देते हुए कहा, '200 इंटरनेशनल मैच पूरे करना एक शानदार उपलब्धि है। भारतीय हॉकी के प्रति अपने समर्पण और योगदान के लिए हार्दिक वास्तव में इस सम्मान के हकदार हैं। पिछले कुछ वर्षों में, उन्होंने खुद को हमारी मिडफील्ड के एक अहम खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।' उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह उपलब्धि मोहाली में हासिल हुई, जहाँ से हार्दिक के हॉकी सफर की शुरुआत हुई थी।
बॉल-बॉय से 200 मैच तक का सफर
28 वर्षीय अटैकिंग मिडफील्डर के लिए यह उपलब्धि विशेष भावनात्मक महत्व रखती है। 2013 में हॉकी इंडिया लीग के दौरान वह इसी मैदान पर 'बॉल-बॉय' के रूप में काम कर चुके थे। एक युवा ट्रेनी से 200 इंटरनेशनल मैचों तक का यह सफर उनके अटूट समर्पण और लगन की गवाही देता है। 2018 में सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू के बाद से वे भारतीय मिडफील्ड की धुरी बने हुए हैं।
मेडल और पुरस्कारों की चमकदार विरासत
हार्दिक का मेडल संग्रह भारतीय हॉकी की नई पीढ़ी की ताकत को दर्शाता है। वे उस भारतीय दल का हिस्सा रहे जिसने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में लगातार दो ब्रॉन्ज मेडल जीते — यह अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 और जापान एशियन गेम्स 2026 दोनों में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में सिल्वर मेडल भी उनकी झोली में है।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में उनके नाम 2018 और 2023 के गोल्ड मेडल, 2021 का ब्रॉन्ज मेडल और 2025 एशिया कप का गोल्ड मेडल दर्ज है। व्यक्तिगत सम्मानों में 2021 का अर्जुन पुरस्कार और 2023 में FIH प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब उनके वैश्विक कद को रेखांकित करता है।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारतीय हॉकी टीम हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के फाइनल में प्रतिस्पर्धा कर रही थी। हार्दिक सिंह का यह मुकाम भारतीय मिडफील्ड को आने वाले वर्षों में और मजबूत नेतृत्व देने का वादा करता है।