5 नवंबर 2026
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मणिपुर में हैंडलूम-हस्तशिल्प के लिए समर्पित विभाग बनाने पर विचार, CM खेमचंद सिंह का MANITEX 2026 में ऐलान

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मणिपुर में हैंडलूम-हस्तशिल्प के लिए समर्पित विभाग बनाने पर विचार, CM खेमचंद सिंह का MANITEX 2026 में ऐलान

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने MANITEX 2026 के उद्घाटन पर हैंडलूम और हस्तशिल्प के लिए एक समर्पित विभाग बनाने का प्रस्ताव रखा — यह कदम राज्य की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक पुनर्निर्माण दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

मुख्य बातें

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 5 नवंबर 2026 को इंफाल में हैंडलूम, हस्तशिल्प और वस्त्र क्षेत्र के लिए समर्पित विभाग बनाने के प्रस्ताव की घोषणा की।
MANITEX 2026 का उद्घाटन नीलाकुथी अर्बन हाट, इंफाल में हुआ; थीम — 'एकता के लिए बुनाई, कई धागे, एक मणिपुर' ।
वर्तमान में हैंडलूम-वस्त्र विभाग, व्यापार, वाणिज्य और उद्योग विभाग का हिस्सा है; नया स्वतंत्र विभाग संस्थागत समर्थन को मज़बूत करेगा।
CM ने MANITEX मोबाइल ऐप और 'एक्सप्लोरिंग मणिपुर टेक्सटाइल डिजाइन' कॉफी टेबल बुक लॉन्च की।
इंफाल ईस्ट मेगा हैंडलूम क्लस्टर और नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बुनकरों को लूम, उपकरण और वर्कशेड निर्माण हेतु पुरस्कार वितरित किए गए।
CM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ राज्य के कारीगरों तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जाए।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 5 नवंबर 2026 को इंफाल के नीलाकुथी स्थित अर्बन हाट में मणिपुर इंटरनेशनल टेक्सटाइल एक्सपो (MANITEX) 2026 का उद्घाटन करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार हैंडलूम, हस्तशिल्प और वस्त्र क्षेत्र के लिए एक पूरी तरह से समर्पित विभाग बनाने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। उन्होंने इस क्षेत्र को मणिपुर की आर्थिक वृद्धि, सांस्कृतिक विरासत और आजीविका सृजन का मूल आधार बताया।

MANITEX 2026 की थीम और उद्देश्य

'एकता के लिए बुनाई, कई धागे, एक मणिपुर' की थीम पर आयोजित इस एक्सपो का मूल उद्देश्य राज्य की समृद्ध हैंडलूम और हस्तशिल्प परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना है। यह आयोजन बुनकरों, कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और अन्य हितधारकों को नए व्यापार और बाज़ार के अवसर तलाशने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है।

गौरतलब है कि वर्तमान में हैंडलूम, हस्तशिल्प और वस्त्र विभाग, व्यापार, वाणिज्य और उद्योग विभाग का ही एक अंग है। प्रस्तावित स्वतंत्र विभाग से इस क्षेत्र को बेहतर संस्थागत समर्थन मिलने और पारंपरिक कारीगरों तथा बुनकरों को अधिक लक्षित सहायता उपलब्ध कराने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री का निजी अनुभव और क्षेत्र से जुड़ाव

मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने हैंडलूम क्षेत्र से अपने गहरे निजी संबंध को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी माँ स्वयं एक बुनकर थीं और उन्होंने खुद भी अतीत में इंफाल पूर्व के कोंगबा इलाके में सूत पहुँचाने का काम किया था। उन्होंने कहा कि इन्हीं अनुभवों के कारण वे इस क्षेत्र में लगने वाली कठोर मेहनत और समर्पण को भलीभाँति समझते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मानना गलत होगा कि इस क्षेत्र में कोई प्रगति नहीं हुई है — उनके अनुसार, यहाँ निरंतर विकास हो रहा है और आगे भी इसे और अधिक मज़बूत किया जाना ज़रूरी है।

सरकार की प्राथमिकताएँ और निर्देश

मुख्यमंत्री ने संबंधित सरकारी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ राज्य के कारीगरों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मणिपुर की समृद्ध कला, संस्कृति और खेलों के साथ-साथ, वस्त्र एवं हस्तशिल्प क्षेत्र भी वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने MANITEX 2026 का आधिकारिक मोबाइल ऐप और 'एक्सप्लोरिंग मणिपुर टेक्सटाइल डिजाइन' नामक कॉफी टेबल बुक भी लॉन्च की।

बुनकरों को पुरस्कार वितरण

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इंफाल ईस्ट मेगा हैंडलूम क्लस्टर और नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत बुनकरों को शिल्प, फ्रेम लूम और सहायक उपकरण, तथा व्यक्तिगत वर्कशेड निर्माण के लिए पुरस्कार वितरित किए। यह कदम सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें ज़मीनी स्तर पर कारीगरों को सशक्त बनाने पर ज़ोर दिया गया है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री की पत्नी युमनाम जॉयबाला देवी, मणिपुर हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स कोऑपरेटिव लिमिटेड के अध्यक्ष एवं विधायक खोंगबंताबम इबोमचा सिंह, विधायक सपम निशिकांत सिंह, सनासम प्रेमचंद्र सिंह, मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग बाजपेयी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब मणिपुर सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा रहा है — आने वाले दिनों में प्रस्तावित विभाग का स्वरूप और उसकी कार्यप्रणाली इस क्षेत्र के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह महज़ प्रशासनिक पुनर्संरचना होगी या बुनकरों की आय और बाज़ार पहुँच में मापनीय सुधार लाएगी। राज्य के हैंडलूम क्षेत्र में प्रतिभा और परंपरा दोनों हैं, परंतु मार्केटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और मूल्य श्रृंखला एकीकरण की कमी वर्षों से इसकी वृद्धि को सीमित करती रही है। नया विभाग तभी सार्थक होगा जब उसके साथ स्पष्ट बजट आवंटन, निर्यात लक्ष्य और कारीगरों तक सीधा डिजिटल बाज़ार जुड़ाव सुनिश्चित किया जाए।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में हैंडलूम-हस्तशिल्प के लिए समर्पित विभाग क्यों बनाया जा रहा है?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के अनुसार, हैंडलूम और हस्तशिल्प क्षेत्र मणिपुर की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में यह विभाग 'व्यापार, वाणिज्य और उद्योग विभाग' का हिस्सा है, और एक स्वतंत्र विभाग से इस क्षेत्र को बेहतर संस्थागत समर्थन एवं लक्षित संसाधन मिल सकेंगे।
MANITEX 2026 क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
MANITEX 2026 यानी 'मणिपुर इंटरनेशनल टेक्सटाइल एक्सपो 2026', इंफाल के नीलाकुथी स्थित अर्बन हाट में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय वस्त्र प्रदर्शनी है। इसका उद्देश्य राज्य की हैंडलूम-हस्तशिल्प परंपराओं को प्रदर्शित करना और बुनकरों, कारीगरों तथा उद्यमियों को नए व्यापार अवसर दिलाना है।
MANITEX 2026 में CM ने कौन-सी नई पहल लॉन्च कीं?
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने MANITEX 2026 का आधिकारिक मोबाइल ऐप और 'एक्सप्लोरिंग मणिपुर टेक्सटाइल डिजाइन' नामक कॉफी टेबल बुक लॉन्च की। इसके अलावा, उन्होंने इंफाल ईस्ट मेगा हैंडलूम क्लस्टर और नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बुनकरों को लूम, उपकरण और वर्कशेड निर्माण हेतु पुरस्कार भी वितरित किए।
प्रस्तावित विभाग से मणिपुर के बुनकरों और कारीगरों को क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित समर्पित विभाग से पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों को बेहतर संस्थागत समर्थन, केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी लाभ और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार तक अधिक पहुँच मिलने की उम्मीद है। CM ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केंद्रीय योजनाओं का लाभ सीधे कारीगरों तक सुनिश्चित किया जाए।
मणिपुर के हैंडलूम क्षेत्र की मौजूदा स्थिति क्या है?
मणिपुर का हैंडलूम और हस्तशिल्प क्षेत्र राज्य की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है और आजीविका का प्रमुख स्रोत भी। हालाँकि, यह क्षेत्र अब तक 'व्यापार, वाणिज्य और उद्योग विभाग' के अधीन संचालित होता रहा है, जिससे इसे अलग और विशेष संस्थागत ध्यान नहीं मिल पाया। CM के अनुसार, क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है लेकिन और अधिक बढ़ावे की आवश्यकता है।
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