वर्धा में पक्षी सप्ताह का शुभारंभ: सेवाग्राम में विद्यार्थियों ने किया पक्षी निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
वर्धा के सेवाग्राम आश्रम परिसर स्थित शांति भवन में 5 नवंबर 2026 को बहार नेचर फाउंडेशन, वन विभाग और बोर बाघ परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में पक्षी सप्ताह का उद्घाटन हुआ। नई तालीम के सचिव कृणाल देसाई ने कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया, जिसमें विद्यार्थियों को पक्षी निरीक्षण की व्यावहारिक तालीम दी गई।
उद्घाटन समारोह का आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता बहार नेचर फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय इंगले तिगावकर ने की। इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी वैशाली भलावी, बहार के पूर्व अध्यक्ष प्रा. किशोर वानखड़े और आनंद निकेतन की मुख्याध्यापिका जयमाला गावंडे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ एक पौधे को जल अर्पित करके किया गया, जो प्रकृति के प्रति समर्पण का प्रतीक बना।
आनंद निकेतन के विद्यार्थियों ने कवि अनंत भीमनवार द्वारा रचित गीत 'पाखरों की शाला' प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया। सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान के सचिव विजय तांबे ने पक्षी निरीक्षण को केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन के भाव का अंग बनाने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों के विचार
कृणाल देसाई ने कहा कि पक्षी निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पक्षियों के रंग-रूप, आवास और भोजन संबंधी जानकारी दर्ज करने के साथ-साथ उनके व्यवहार का भी गहन अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने इस तरह की प्रकृति-आधारित शिक्षा को पाठ्यक्रम के साथ जोड़ने पर बल दिया।
प्रा. किशोर वानखड़े ने कहा कि जंगल प्राकृतिक रूप से विकसित होते हैं, इसलिए केवल पौधरोपण से वनों की कमी पूरी नहीं की जा सकती — वन संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वैशाली भलावी ने बहार नेचर फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता की ज़रूरत रेखांकित की।
संजय इंगले तिगावकर ने कहा कि आतिशबाजी केवल पक्षियों के लिए नहीं, बल्कि समग्र पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने सभी से पटाखामुक्त दीपावली मनाने की अपील की।
विद्यार्थियों का व्यावहारिक अनुभव
उद्घाटन से पहले आनंद निकेतन के विद्यार्थियों ने परिसर के खेतों और तालाबों में स्वयं पक्षी निरीक्षण किया और उसका प्रतिवेदन कार्यक्रम में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम स्थल पर वर्धा जिले में पाई जाने वाली विभिन्न पक्षी प्रजातियों के छायाचित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह जगाया।
बहार के सचिव दर्शन दूधाने ने प्रस्तावना में संस्था की यात्रा और पक्षी सप्ताह के उद्देश्य स्पष्ट किए। अतुल शर्मा ने आगामी वर्ष वर्धा जिले में होने वाले राज्यस्तरीय पक्षी मित्र सम्मेलन की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला।
सप्ताह भर का कार्यक्रम
इस पक्षी सप्ताह के दौरान निसर्ग सेवा समिति का ऑक्सीजन पार्क, रोठा तालाब, मदन बांध (जामनी), दिग्रज तालाब, इंझापुर पहाड़ी और पवनार स्थित धाम नदी जैसे विभिन्न पक्षी आवासों में निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। सप्ताह का समापन गुरुवार, 12 नवंबर 2026 को बोर बाघ परियोजना क्षेत्र में होगा।
कार्यक्रम का संचालन बहार के उपाध्यक्ष दीपक गुढेकर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष आकाश जयस्वाल ने किया। आयोजन में सहसचिव देवर्षि बोबडे, पल्लवी बोदिले, याकूब शेख, जयंत सबाने सहित विद्यालय के समग्र शिक्षकवृंद और बहार सदस्यों का सक्रिय सहयोग रहा।