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BRE समिट एवं एक्सपो 2026 संपन्न: 135 देशों की भागीदारी, भारत की नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति को मिली वैश्विक मान्यता

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BRE समिट एवं एक्सपो 2026 संपन्न: 135 देशों की भागीदारी, भारत की नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति को मिली वैश्विक मान्यता

सारांश

BRE समिट एवं एक्सपो 2026 महज एक सम्मेलन नहीं था — यह भारत की वैश्विक ऊर्जा महत्वाकांक्षा का सार्वजनिक प्रदर्शन था। 135 देशों की मौजूदगी, पेंशन फंडों का प्रवेश और ₹5.25/यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि भारत अब ऊर्जा परिवर्तन का उपभोक्ता नहीं, नेता बन रहा है।

मुख्य बातें

BRE समिट एवं एक्सपो 2026 में 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए; आयोजन 5 नवंबर 2026 को संपन्न हुआ।
सम्मेलन में 75,000 से अधिक आगंतुक , 400 से अधिक प्रदर्शक और 113 सत्रों में 627 से अधिक वक्ता रहे।
32 अंतरराष्ट्रीय मंत्री , 6 मुख्यमंत्री और 10 राज्यों के ऊर्जा मंत्री शामिल हुए।
SECI की हालिया निविदा में ₹5.25 प्रति यूनिट की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी दर चर्चा का केंद्र रही।
पिछले वित्त वर्ष में भारत की कुल बिजली खपत का एक चौथाई से अधिक हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से आया।
आयोजन में 37 रिपोर्ट, गाइडबुक और डिजिटल प्लेटफॉर्म जारी किए गए।

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 5 नवंबर 2026 को कहा कि BRE समिट एवं एक्सपो 2026 ने वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की स्थिति को एक प्रमुख शक्ति के रूप में और सुदृढ़ किया है। नई दिल्ली में आयोजित इस चार दिवसीय सम्मेलन को एक आधिकारिक बयान में ऐतिहासिक आयोजन बताया गया, जिसमें 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन का विस्तार और भागीदारी

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस आयोजन में 75,000 से अधिक आगंतुक पहुँचे। 400 से अधिक प्रदर्शकों ने अपने उत्पाद और समाधान प्रस्तुत किए, जबकि 113 सत्रों में 627 से अधिक वक्ताओं ने ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े विविध विषयों पर विचार रखे। उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व की दृष्टि से इसमें 32 अंतरराष्ट्रीय मंत्री, 6 मुख्यमंत्री और 10 राज्यों के ऊर्जा मंत्री शामिल हुए, जो इस आयोजन की नीतिगत महत्ता को रेखांकित करता है।

मंत्री जोशी ने इसे एक अनूठी पहल बताया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के तीन महत्वपूर्ण आयोजनों को एक मंच पर समाहित किया गया। उन्होंने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों की व्यापक भागीदारी भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में वैश्विक विश्वास को दर्शाती है।

निवेशकों की रुचि और वित्तपोषण तंत्र

आधिकारिक बयान के अनुसार, सम्मेलन में शामिल निवेशकों ने भारत में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई — और यह रुचि वर्ष 2030 की तात्कालिक जरूरतों से कहीं आगे तक फैली हुई है। उल्लेखनीय यह है कि निवेशकों की भागीदारी केवल पारंपरिक रणनीतिक निवेशकों तक सीमित नहीं रही; इसमें पेंशन फंड, संस्थागत निवेशक और दीर्घकालिक निवेश करने वाले निवेशक भी सक्रिय रहे।

यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा वित्तपोषण तंत्र के लगातार व्यापक होने का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन फंड जैसे दीर्घकालिक पूँजी स्रोतों का प्रवेश इस क्षेत्र की परिपक्वता को दर्शाता है।

तकनीकी चर्चाओं के प्रमुख विषय

सम्मेलन में हुई विचार-विमर्श में नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद, ऊर्जा भंडारण, पारेषण नियोजन और आधुनिक एआई-आधारित प्रणालियों के माध्यम से पवन एवं सौर ऊर्जा उत्पादन के पूर्वानुमान पर विशेष जोर दिया गया। चौबीसों घंटे नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्धता और माँग-अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले नए अनुबंध प्रारूपों पर भी गहन चर्चा हुई।

इसमें SECI की हालिया निविदा में प्राप्त ₹5.25 प्रति यूनिट की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी दर भी चर्चा का केंद्र रही, जिसने विदेशी प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं का विशेष ध्यान आकृष्ट किया।

प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन और भारत की ऊर्जा यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक व्यवधानों के बीच देश की मजबूती बढ़ाने में नवीकरणीय ऊर्जा के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा से ऐसे समाधान और अनुभव सामने आए हैं, जिनसे पूरी दुनिया लाभ उठा सकती है।

मोदी ने स्टार्टअप, IIT, नवोन्मेषकों और उद्यमियों को ऐसे समाधान और कारोबारी मॉडल विकसित करने का आह्वान किया, जो अधिक से अधिक परिवारों की ऊर्जा जरूरतें स्वच्छ स्रोतों से पूरी कर सकें। आधिकारिक बयान में उल्लेख है कि पिछले वित्त वर्ष में भारत की कुल वार्षिक बिजली खपत का एक चौथाई से अधिक हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आया।

ज्ञान प्रसार और आगे की राह

BRE समिट एवं एक्सपो 2026 के दौरान 37 रिपोर्ट, आकलन, गाइडबुक और डिजिटल प्लेटफॉर्म जारी किए गए, जिनसे भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के ज्ञान और साक्ष्य-आधारित ढाँचे को और मजबूती मिली। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में बदलाव की गति तेज हो रही है और विकासशील देश स्वच्छ ऊर्जा की ओर पारगमन के लिए नए मॉडल खोज रहे हैं। भारत के अनुभव ने यह स्थापित किया है कि अनुकूल नीतिगत व्यवस्था, संस्थागत सुधार और तकनीकी नवाचार के समन्वय से नवीकरणीय ऊर्जा में सतत निवेश आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा दोनों को एक साथ सुनिश्चित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

75,000 आगंतुक, 32 अंतरराष्ट्रीय मंत्री — लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये बैठकें मापने योग्य निवेश प्रतिबद्धताओं में बदलती हैं। पेंशन फंड और संस्थागत निवेशकों की उपस्थिति निश्चित रूप से शुभ संकेत है, परंतु भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की असली परीक्षा ग्रिड एकीकरण, भंडारण क्षमता और बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय सेहत में है। ₹5.25/यूनिट की दर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है, लेकिन यह बिना मजबूत भंडारण बुनियादी ढाँचे के '24/7 नवीकरणीय ऊर्जा' के वादे को पूरा करने में सक्षम है या नहीं — यह सवाल अभी भी खुला है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BRE समिट एवं एक्सपो 2026 क्या है?
BRE समिट एवं एक्सपो 2026 नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जो 5 नवंबर 2026 को संपन्न हुआ। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के तीन प्रमुख आयोजनों को एक मंच पर समाहित किया गया था।
BRE समिट 2026 में कितने देशों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, सम्मेलन में 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कुल 75,000 से अधिक आगंतुक पहुँचे, 400 से अधिक प्रदर्शक रहे, और 113 सत्रों में 627 से अधिक वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
SECI की ₹5.25 प्रति यूनिट की दर क्यों महत्वपूर्ण है?
SECI की हालिया निविदा में प्राप्त ₹5.25 प्रति यूनिट की दर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। यह दर '24/7 नवीकरणीय ऊर्जा' जैसे नए अनुबंध प्रारूपों के संदर्भ में विदेशी प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं के लिए विशेष रुचि का विषय बनी।
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा में अभी की स्थिति क्या है?
आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में भारत की कुल वार्षिक बिजली खपत का एक चौथाई से अधिक हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से आया। पेंशन फंड और संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी इस क्षेत्र की परिपक्वता को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने BRE समिट 2026 में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन सत्र में कहा कि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा से ऐसे समाधान सामने आए हैं जिनसे पूरी दुनिया लाभ उठा सकती है। उन्होंने स्टार्टअप, IIT और उद्यमियों को स्वच्छ ऊर्जा के नए कारोबारी मॉडल विकसित करने का आह्वान किया।
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