मणिपुर के CM खेमचंद सिंह ने सराहा: राज्य के 95% हथकरघा उत्पादक महिलाएं, 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बोले
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 7 अगस्त 2026 को इंफाल के सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में कहा कि राज्य के हथकरघा क्षेत्र की रीढ़ महिलाएं हैं — लगभग 95 प्रतिशत हथकरघा उत्पादक महिलाएं हैं, जबकि शेष 5 प्रतिशत पुरुष हैं। इस अवसर पर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का ऐतिहासिक संदर्भ
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने समारोह में बताया कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस देश के ऐतिहासिक स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है, जो 1905 में कलकत्ता में आरंभ हुआ था। यह आंदोलन औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों द्वारा बंगाल के विभाजन के विरोध में उठा था और इसने हाथ से बुने कपड़ों तथा स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई, तमिलनाडु में इस दिवस की आधिकारिक शुरुआत की थी, जिसके बाद से यह प्रतिवर्ष देशभर में मनाया जाता है।
मणिपुर में हथकरघा: परंपरा और आजीविका का संगम
खेमचंद सिंह ने अपने बचपन का स्मरण करते हुए कहा कि मणिपुर में हथकरघा केवल एक शिल्प नहीं, बल्कि घर-घर की परंपरा है। उनके अनुसार, राज्य में परिवार के खर्च का आधा हिस्सा महिलाएं हथकरघा गतिविधियों से होने वाली आय के ज़रिए उठाती हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ग्रामीण आजीविका के विकल्प सीमित हैं और महिला सशक्तिकरण राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मणिपुर के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पाद अब केवल राज्य की सीमाओं तक नहीं, बल्कि बाहरी बाज़ारों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने पुरुषों को भी हथकरघा उत्पादों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया।
समारोह की मुख्य गतिविधियाँ
यह कार्यक्रम मणिपुर सरकार के कपड़ा, वाणिज्य और उद्योग विभाग द्वारा 'परंपरा के धागे: हथकरघा के ज़रिए संस्कृति की बुनाई' थीम के अंतर्गत आयोजित किया गया। समारोह में 'थ्रेड्स ऑफ हेरिटेज' नामक एक लघु वीडियो डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इसके साथ ही हथकरघा पर एक डेटा बुक और 'थ्रेड्स ऑफ हेरिटेज: ट्रेडिशनल एंड जीआई-टैग्ड हैंडवोवन स्टोल्स ऑफ मणिपुर' नामक एक कॉफी टेबल बुक का आधिकारिक विमोचन हुआ।
पुरस्कार और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025-26 के लिए उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को राज्य पुरस्कार प्रदान किए गए। नेशनल हैंडलूम डिजाइनर्स कॉन्क्लेव 2026 में होम फर्निशिंग श्रेणी में 'बेस्ट क्लस्टर डिजाइनर अवॉर्ड' विजेताओं को भी इस मंच पर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि यह पुरस्कार समारोह हथकरघा क्षेत्र में नवाचार और डिज़ाइन उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
मणिपुर के हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की यह अग्रणी भूमिका आने वाले समय में राज्य की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।