डीडीसीए हॉट वेदर टूर्नामेंट: उत्तर भारत का सबसे पुराना क्रिकेट मंच, 36 टीमें लेंगी हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने 9 जून को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि 'हॉट वेदर टूर्नामेंट' न केवल दिल्ली, बल्कि उत्तर भारत का सबसे पुराना क्रिकेट टूर्नामेंट है, जिसका एकमात्र उद्देश्य प्रदर्शन के आधार पर श्रेष्ठ प्रतिभाओं को आगे लाना है। इस वर्ष 36 टीमें इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं।
टूर्नामेंट की संरचना और विशेषताएँ
रोहन जेटली ने बताया कि यह एक सालाना ओपन लीग है, जिसमें डीडीसीए से पंजीकृत क्लबों की शीर्ष 36 टीमें क्वालीफाई करती हैं। उन्होंने कहा, 'इसमें उम्र कोई बाधा नहीं है।' टूर्नामेंट एक लिमिटेड-ओवर्स, मल्टी-एक्सपोजर प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है, जहाँ प्रत्येक मैच 40 ओवर का होता है और मुकाबले नॉकआउट या राउंड-रॉबिन प्रारूप में खेले जाते हैं।
दिल्ली की कड़ी गर्मी को देखते हुए मैच अधिकतर सुबह के सत्र में आयोजित किए जाते हैं। टूर्नामेंट के दौरान डीडीसीए के चयनकर्ता खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कड़ी नज़र रखते हैं, जिससे यह दिल्ली टीम में स्थान पाने का एक अहम मार्ग बन जाता है।
सचिव अशोक शर्मा का बयान
डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा ने बताया कि संघ पूरे साल लीग मैच आयोजित करता है और उसी प्रदर्शन के आधार पर टीमें हॉट वेदर टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करती हैं। उन्होंने कहा, 'इस टूर्नामेंट में सबसे अधिक पुरस्कार राशि मिलती है। हर साल लगभग 1,100 लीग मैच होते हैं और पूल से सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को चुना जाता है।'
विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा की राय
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा ने इस टूर्नामेंट को 'बहुत अच्छा' बताते हुए कहा, 'यह डीडीसीए का सबसे पुराना टूर्नामेंट है और बहुत लंबे समय से चल रहा है। इसमें दिल्ली की टॉप 36 टीमें हिस्सा लेती हैं।' उनकी टिप्पणी इस टूर्नामेंट की विश्वसनीयता और ऐतिहासिक महत्व को और पुख्ता करती है।
युवा खिलाड़ियों के लिए महत्व
दिल्ली और देश के लिए खेलने का सपना देखने वाले युवा क्रिकेटरों के लिए यह टूर्नामेंट एक निर्णायक मंच माना जाता है। शीर्ष स्थानीय क्लबों के बीच यह प्रतिस्पर्धा न केवल प्रतिभा को निखारती है, बल्कि चयनकर्ताओं की सीधी नज़र में आने का अवसर भी देती है। आने वाले सीज़न में इस टूर्नामेंट से उभरने वाले खिलाड़ी दिल्ली की रणजी और अन्य टीमों के लिए दावेदारी पेश कर सकते हैं।