एशियन गेम्स 2026: एक दिन में 2 सिंगल्स मैच पर एचएस प्रणॉय बोले — 'यह पागलपन है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन स्टार एचएस प्रणॉय ने एशियन गेम्स 2026 के बैडमिंटन शेड्यूल पर कड़ी आपत्ति जताई है, यह कहते हुए कि एक ही दिन में 2 सिंगल्स मैच रखना खिलाड़ियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यधिक कठिन है। उनकी यह प्रतिक्रिया 26 सितंबर 2026 को उस समय सामने आई जब युवा शटलर आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा दोनों को सुबह के मैच खत्म होने के कुछ घंटों बाद ही शाम को राउंड ऑफ 16 में उतरना पड़ा।
प्रणॉय ने एक्स पर क्या लिखा
प्रणॉय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'इस साल के एशियन गेम्स का शेड्यूल साउथ जोन चैंपियनशिप जैसा लग रहा है। टीम इवेंट के लिए मेडल सेरेमनी रात 11 बजे तक चली और कई खिलाड़ियों का अगला मैच अगले दिन ही था। अब एक ही दिन में 2 सिंगल्स मैच रखे गए हैं। यह तो पागलपन है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों को रिकवरी और तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
आयुष और उन्नति के मैचों का विवरण
आयुष शेट्टी (विश्व रैंकिंग 20वाँ) ने कजाकिस्तान के मखसुत ताजीबुल्लायेव को मात्र 21 मिनट में 21-7, 21-7 से ध्वस्त किया — पूरे मैच में प्रतिद्वंद्वी को कोई लय नहीं पकड़ने दी। इस त्वरित जीत से उन्हें ऊर्जा बचाने का मौका मिला, क्योंकि शाम को उनका मुकाबला चीनी ताइपे के चाउ टिएन-चेन से होना था, जिनके खिलाफ आयुष का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 1-2 से पीछे है।
उन्नति हुड्डा (25वीं सीड) का मैच कहीं अधिक कठिन रहा। उन्होंने मलेशिया की वोंग लिंग चिंग (विश्व रैंकिंग 38वीं) को 21-14, 20-22, 21-19 के स्कोर से हराया, लेकिन इसके लिए पूरे 79 मिनट तक कोर्ट पर संघर्ष करना पड़ा। तीसरे और निर्णायक गेम में उन्नति ने 20-18 की बढ़त के साथ दो मैच पॉइंट हासिल किए। वोंग ने पहला मैच पॉइंट बचाया, लेकिन अगली रैली में उनका क्रॉस-कोर्ट शॉट बाहर चला गया और उन्नति ने मैच अपने नाम किया।
शेड्यूल की समस्या क्यों गंभीर है
यह ऐसे समय में आया है जब एशियन गेम्स जैसे महाद्वीपीय खेलों में भागीदारी का दायरा बढ़ता जा रहा है और मेजबान देशों पर शेड्यूल को सीमित समय में समेटने का दबाव रहता है। गौरतलब है कि बैडमिंटन एक ऐसा खेल है जिसमें एकल मैच कभी-कभी 90 मिनट से अधिक भी चल सकते हैं, जिससे खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता पर भारी बोझ पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय खेल विशेषज्ञों का भी मानना रहा है कि अपर्याप्त रिकवरी समय चोट के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है।
उन्नति का अगला मुकाबला — कठिन परीक्षा
राउंड ऑफ 16 में उन्नति का सामना इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी (विश्व रैंकिंग 6वीं) से होगा, जो इस टूर्नामेंट की प्रबल दावेदारों में से एक हैं। उल्लेखनीय है कि वरदानी ने 2025 हिलो ओपन में हुए अपने पिछले और एकमात्र मुकाबले में उन्नति को हराया था। ऐसे में 79 मिनट के थका देने वाले मैच के कुछ ही घंटों बाद विश्व की छठी नंबर की खिलाड़ी के सामने उतरना उन्नति के लिए दोहरी चुनौती है।
आगे क्या होगा
प्रणॉय की इस टिप्पणी ने बैडमिंटन बिरादरी में चर्चा छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि आयोजन समिति को खिलाड़ियों की सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए मैचों के बीच पर्याप्त अंतराल देना चाहिए। अब देखना होगा कि बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) और एशियन गेम्स आयोजन समिति इस मसले पर कोई संज्ञान लेती है या नहीं।