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अंडर-18 महिला हॉकी एशिया कप: कोच रानी रामपाल बोलीं, ब्रॉन्ज मेडल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का आत्मविश्वास

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अंडर-18 महिला हॉकी एशिया कप: कोच रानी रामपाल बोलीं, ब्रॉन्ज मेडल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का आत्मविश्वास

सारांश

पूल स्टेज में 30 गोल और तीन जीत के बाद चीन से शूटआउट में हार — फिर भी भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम ने कोरिया को 3-0 से रौंदकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। कोच रानी रामपाल ने इसे युवा खिलाड़ियों की लंबी यात्रा की शानदार शुरुआत बताया।

मुख्य बातें

भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम ने एशिया कप में कोरिया को 3-0 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
पूल स्टेज में भारत ने तीनों मुकाबले जीते, 30 गोल दागे और विपक्ष को केवल 2 गोल करने दिए।
सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ स्कोर 2-2 रहने के बाद शूटआउट में भारत 1-3 से हारा।
ब्रॉन्ज मेडल मैच में गोल करने वाले: संदीपा कुमारी (2वाँ मिनट), स्वीटी कुजूर (16वाँ मिनट), नौशीन नाज (33वाँ मिनट)।
कोच रानी रामपाल ने कहा कि यह मेडल खिलाड़ियों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है और यह उनकी हॉकी यात्रा की शुरुआत मात्र है।

भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम की हेड कोच रानी रामपाल ने एशिया कप में जीते गए ब्रॉन्ज मेडल को युवा खिलाड़ियों के लिए आत्मविश्वास की बड़ी खुराक बताया है। टीम की कप्तान स्वीटी कुजूर ने भी पदक जीतने पर खुशी जताई, हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि गोल्ड से चूकने का मलाल भी है।

टूर्नामेंट में भारत का सफर

पूल स्टेज में भारतीय टीम का प्रदर्शन दमदार रहा — तीनों मुकाबले जीतकर टीम पहले स्थान पर रही। इस दौरान भारत ने 30 गोल दागे और विपक्षी टीमों को केवल 2 गोल करने का मौका दिया। यह आँकड़ा टीम की आक्रामक और रक्षात्मक दोनों क्षमताओं का प्रमाण है।

सेमीफाइनल में चीन से हार

हालाँकि, सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ भारतीय टीम को निराशा हाथ लगी। चार क्वार्टर के बाद स्कोर 2-2 से बराबर रहा, लेकिन शूटआउट में भारत को 1-3 से हार झेलनी पड़ी। यह हार टीम के लिए एक कड़वा सबक रही, जिसे कप्तान स्वीटी ने 'अपनी ही गलतियों का नतीजा' बताया।

ब्रॉन्ज मेडल मैच में शानदार जीत

कोरिया के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में भारत ने 3-0 की जोरदार जीत दर्ज की। संदीपा कुमारी ने दूसरे मिनट में, कप्तान स्वीटी कुजूर ने 16वें मिनट में और नौशीन नाज ने 33वें मिनट में गोल दागकर टीम को तीसरे स्थान पर काबिज किया।

कोच और कप्तान की प्रतिक्रिया

हेड कोच रानी रामपाल ने कहा, 'यह इन खिलाड़ियों के लिए सिर्फ शुरुआत है, और उनके सामने हॉकी का एक लंबा सफर है। मेरा मानना है कि यह मेडल और एशिया कप टूर्नामेंट उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है, और यह उन्हें भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा।'

कप्तान स्वीटी कुजूर ने कहा, 'हम खुश हैं, लेकिन साथ ही थोड़े निराश भी हैं क्योंकि हमने जो गोल अपने लिए तय किया था, उसे पूरी तरह हासिल नहीं कर पाए। हमें विश्वास था कि हमारी टीम गोल्ड मेडल जीतने के काबिल है, लेकिन हम अपनी ही गलतियों की वजह से पीछे रह गए।'

आगे की राह

गौरतलब है कि यह पूरी टीम अंडर-18 आयुवर्ग की है, और यह टूर्नामेंट इन खिलाड़ियों के करियर की शुरुआती सीढ़ी है। पूल स्टेज का असाधारण प्रदर्शन और ब्रॉन्ज मेडल मैच में कोरिया पर 3-0 की जीत यह संकेत देती है कि भारतीय महिला हॉकी की अगली पीढ़ी तैयार हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली परीक्षा यह होगी कि इस टूर्नामेंट से मिली सीख को प्रशिक्षण में कैसे उतारा जाता है। ब्रॉन्ज मेडल एक उपलब्धि है, लेकिन गोल्ड की दावेदारी के लिए दबाव में निर्णायक प्रदर्शन की क्षमता विकसित करनी होगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम ने एशिया कप में कौन-सा मेडल जीता?
भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम ने एशिया कप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में कोरिया को 3-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
भारत सेमीफाइनल में क्यों हारा?
सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ चार क्वार्टर के बाद स्कोर 2-2 से बराबर रहा और शूटआउट में भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। कप्तान स्वीटी कुजूर ने इसे टीम की अपनी गलतियों का नतीजा बताया।
ब्रॉन्ज मेडल मैच में भारत की ओर से किसने गोल किए?
कोरिया के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में संदीपा कुमारी (दूसरे मिनट), कप्तान स्वीटी कुजूर (16वें मिनट) और नौशीन नाज (33वें मिनट) ने गोल दागे। भारत ने यह मैच 3-0 से जीता।
कोच रानी रामपाल ने टीम के प्रदर्शन पर क्या कहा?
हेड कोच रानी रामपाल ने कहा कि यह मेडल और एशिया कप टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि यह इन खिलाड़ियों के लिए सिर्फ शुरुआत है और उनके सामने हॉकी का एक लंबा सफर है।
पूल स्टेज में भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहा?
पूल स्टेज में भारतीय अंडर-18 महिला टीम ने तीनों मुकाबले जीते और पहले स्थान पर रही। टीम ने 30 गोल किए और विपक्षी टीमों को केवल 2 गोल करने का मौका दिया।
राष्ट्र प्रेस
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