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इरफान पठान बोले: IPL में एक ही फ्रेंचाइजी से जुड़े रहने पर बनती है खिलाड़ी की असली पहचान

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इरफान पठान बोले: IPL में एक ही फ्रेंचाइजी से जुड़े रहने पर बनती है खिलाड़ी की असली पहचान

सारांश

इरफान पठान ने 'चीकी सिंगल्स' में साफ कहा — IPL में पहचान बनती है एक ही फ्रेंचाइजी से जुड़े रहने पर, लेकिन रिटेंशन नियम यही सबसे मुश्किल बना देते हैं। KKR-गिल का उदाहरण देकर उन्होंने उस व्यवस्था की विडंबना उजागर की जो खिलाड़ी और टीम दोनों को एक-दूसरे से अलग कर देती है।

मुख्य बातें

इरफान पठान ने कहा कि एक ही IPL फ्रेंचाइजी से लंबे समय तक जुड़े रहने पर ही खिलाड़ी की मजबूत पहचान बनती है।
पठान ने बताया कि उनकी पहली टीम पंजाब थी, जहाँ उन्होंने तीन साल खेला; चौथे साल रिटेंशन नियमों के कारण टीम उन्हें नहीं रख सकी।
KKR और शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए पठान ने कहा कि फ्रेंचाइजी अपने तैयार किए खिलाड़ियों को भी रिटेन नहीं कर पातीं।
यह बयान मुंबई इंडियंस में हार्दिक पांड्या के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच आया।
पठान ने खिलाड़ियों को सलाह दी — मौका मिले तो समझौता करके भी एक फ्रेंचाइजी के साथ बने रहें।

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान ने कहा है कि किसी भी क्रिकेटर की दीर्घकालिक पहचान और विरासत तभी बन सकती है जब उसे एक ही आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजी के साथ लंबे समय तक खेलने का अवसर मिले। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा रिटेंशन नियम और नीलामी प्रक्रिया अक्सर खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी दोनों की इच्छाओं के बावजूद इस निरंतरता को असंभव बना देती है।

मुख्य बयान

पठान ने जियोहॉटस्टार की सीरीज 'चीकी सिंगल्स' में कहा, 'अगर आप एक खिलाड़ी के तौर पर अपनी एक पहचान बनाना चाहते हैं, तो ऐसा तभी हो सकता है जब आपको एक ही फ्रेंचाइजी के साथ बने रहने का मौका मिले। हालांकि, अक्सर ऐसा नहीं होता।' उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी पहली आईपीएल टीम पंजाब थी, जहाँ उन्होंने तीन साल तक खेला।

रिटेंशन नियमों की सीमाएँ

पठान ने बताया कि चौथे वर्ष पंजाब उन्हें बनाए रखना चाहती थी, लेकिन उस समय के रिटेंशन नियमों के कारण फ्रेंचाइजी किसी भी खिलाड़ी को रिटेन नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, 'इसी वजह से कभी-कभी ये चीजें खिलाड़ियों के हाथ में भी नहीं होतीं। फ्रेंचाइजी भी यही चाहती है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मुंबई इंडियंस (MI) में हार्दिक पांड्या के भविष्य को लेकर अटकलें जारी हैं।

शुभमन गिल और KKR का उदाहरण

पठान ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और शुभमन गिल का उदाहरण देकर अपनी बात को और स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'मुझे यकीन है कि जो खिलाड़ी टीम छोड़कर गए, अगर उनसे पूछा जाए कि क्या वे जाना चाहते थे, तो वे नहीं ही कहेंगे। शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को तो KKR जरूर अपने साथ बनाए रखना चाहते थे — उन्होंने ही गिल को तैयार किया था और सबसे पहले चुना था।' गौरतलब है कि गिल को KKR ने ही IPL में पहला बड़ा मंच दिया था, और बाद में वे गुजरात टाइटन्स चले गए।

खिलाड़ियों को पठान की सलाह

पठान ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि यदि किसी एक फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े रहने का मौका मिले, तो 'कुछ चीजों से समझौता करके भी अपनी पहचान बनाएं और उस टीम के साथ जुड़े रहें।' उनका मानना है कि फ्रेंचाइजी-खिलाड़ी का दीर्घकालिक संबंध न केवल खिलाड़ी की ब्रांड वैल्यू बढ़ाता है, बल्कि टीम की पहचान को भी मजबूत करता है। आने वाले IPL सत्रों में रिटेंशन नीति पर यह बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह IPL की उस संरचनात्मक खामी की ओर इशारा करती है जिसे लीग वर्षों से नजरअंदाज करती आई है — मेगा नीलामी का चक्र खिलाड़ी-फ्रेंचाइजी के भावनात्मक और व्यावसायिक रिश्ते को बार-बार तोड़ता है। KKR-गिल और पंजाब-पठान जैसे उदाहरण बताते हैं कि यह समस्या किसी एक टीम की नहीं, बल्कि पूरी नीलामी व्यवस्था की है। जब तक रिटेंशन की सीमाएँ इतनी कड़ी रहेंगी, 'फ्रेंचाइजी लीजेंड' की अवधारणा IPL में कागजी ही रहेगी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इरफान पठान ने IPL फ्रेंचाइजी पहचान को लेकर क्या कहा?
इरफान पठान ने कहा कि एक क्रिकेटर की असली पहचान तभी बनती है जब वह एक ही IPL फ्रेंचाइजी के साथ लंबे समय तक जुड़ा रहे। उन्होंने यह बात जियोहॉटस्टार की सीरीज 'चीकी सिंगल्स' में कही।
इरफान पठान ने शुभमन गिल और KKR का उदाहरण क्यों दिया?
पठान ने KKR-गिल का उदाहरण यह दिखाने के लिए दिया कि रिटेंशन नियमों के कारण फ्रेंचाइजी अपने तैयार किए खिलाड़ियों को भी नहीं रख पातीं। उनके अनुसार KKR ने गिल को खोजा और तैयार किया, लेकिन उन्हें रिटेन नहीं कर सकी।
IPL रिटेंशन नियम खिलाड़ियों की फ्रेंचाइजी निष्ठा को कैसे प्रभावित करते हैं?
मौजूदा रिटेंशन नियमों के तहत फ्रेंचाइजी सीमित संख्या में ही खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती हैं, जिससे कई बार पसंदीदा खिलाड़ियों को भी छोड़ना पड़ता है। पठान ने खुद बताया कि पंजाब चौथे साल उन्हें रखना चाहती थी, लेकिन नियमों के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
हार्दिक पांड्या और मुंबई इंडियंस को लेकर क्या अटकलें हैं?
पठान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुंबई इंडियंस में हार्दिक पांड्या के भविष्य को लेकर अटकलें चल रही हैं। हालांकि पठान ने पांड्या के बारे में सीधे कुछ नहीं कहा, लेकिन उनकी टिप्पणी इस संदर्भ में प्रासंगिक मानी जा रही है।
इरफान पठान ने खिलाड़ियों को क्या सलाह दी?
पठान ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि यदि किसी एक फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े रहने का मौका मिले, तो कुछ चीजों में समझौता करके भी उस टीम के साथ बने रहें और अपनी पहचान बनाएं।
राष्ट्र प्रेस
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