प्रीतम केंद्रे ने जीता गोल्ड, आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत के कुल 12 मेडल
सारांश
मुख्य बातें
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में 22 जून को भारतीय निशानेबाज़ों ने जर्मनी के सुहल में चार और मेडल अपने नाम कर पदक तालिका में अपनी बादशाहत और पक्की कर ली। प्रीतम केंद्रे ने 10 मीटर एयर राइफल मेंस जूनियर इवेंट में सधे हुए प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया — यह चैंपियनशिप में भारत का पाँचवाँ स्वर्ण पदक था। इस उपलब्धि के साथ भारत की कुल मेडल संख्या 12 हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रीतम केंद्रे का यह गोल्ड दिन का सबसे चमकदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में संयमित और सटीक निशानेबाज़ी से प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा। यह जीत भारत की राइफल शूटिंग में बढ़ती गहराई को रेखांकित करती है।
इसी दिन अन्वी राठौड़ ने 10 मीटर एयर राइफल महिला जूनियर इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा। राठौड़ ने पूरे फाइनल में संयम बनाए रखा और पोडियम पर जगह सुनिश्चित की।
टीम इवेंट में भी भारत का दबदबा
25 मीटर पिस्टल विमेंस जूनियर टीम इवेंट में अंजलि महेंद्र भागवत, परिषा गुप्ता और निथिला आइवी डार्लिंग प्रवीण क्रिस्टोफर की तिकड़ी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। तीनों ने मिलकर पोडियम पर भारत का परचम लहराया।
25 मीटर पिस्टल मेंस जूनियर टीम इवेंट में अभिनव चौधरी, राज चंद्रा और जतिन की टीम ने भी ब्रॉन्ज मेडल पर कब्ज़ा जमाया। बेहतरीन तालमेल और सामूहिक प्रदर्शन से इस तिकड़ी ने मेडल विजेताओं में अपनी जगह पक्की की।
पहले के उल्लेखनीय प्रदर्शन
चैंपियनशिप में इससे पहले समीर ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल पुरुष जूनियर इवेंट के फाइनल में 28 हिट के साथ गोल्ड मेडल जीता था। 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन मेंस जूनियर इवेंट में रोहित कन्यान ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
प्राची गायकवाड़ ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन महिला जूनियर इवेंट में 354.7 के स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल जीता था।
पदक तालिका में भारत की स्थिति
सोमवार के चार मेडल जुड़ने के बाद भारत की कुल झोली में 5 गोल्ड, 1 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज — कुल 12 मेडल हो गए हैं। भारतीय टीम फिलहाल पदक तालिका में शीर्ष पर है, जो व्यक्तिगत और टीम दोनों इवेंट्स में उसके निरंतर वर्चस्व को दर्शाता है।
आगे की राह
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में अभी कई इवेंट शेष हैं और भारतीय दल से और पदकों की उम्मीद बनी हुई है। इस प्रदर्शन ने भविष्य के ओलंपिक चक्र के लिए भारतीय शूटिंग की मज़बूत पाइपलाइन का संकेत दिया है।