आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: समीर और रोहित कान्यन का स्वर्ण, भारत के दूसरे दिन 5 पदक — कुल 8 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष
सारांश
मुख्य बातें
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के दूसरे दिन 20 जून को जर्मनी के सुहल में भारतीय निशानेबाजों ने पाँच पदक अपने नाम किए, जिससे प्रतियोगिता में भारत का कुल पदक योग 8 हो गया है। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अनुसार, भारत अब 4 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर काबिज है।
समीर और रोहित कान्यन का स्वर्णिम प्रदर्शन
समीर ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल मेन जूनियर व्यक्तिगत इवेंट के फाइनल में 28 हिट के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनका यह प्रदर्शन दिन के सबसे चर्चित क्षणों में से एक रहा। वहीं रोहित कान्यन ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन मेन जूनियर इवेंट में शानदार निशानेबाजी करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
प्राची गायकवाड़ का रजत और टीम इवेंट में कांस्य
प्राची गायकवाड़ ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन विमेन जूनियर इवेंट में 354.7 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। टीम स्पर्धाओं में भी भारत ने मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई — रोहित कान्यन, वेदांत नितिन वाघमारे और हितेश श्रीनिवासन की तिकड़ी ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन मेन जूनियर टीम प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।
रैपिड फायर पिस्टल टीम को भी कांस्य
25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल मेन जूनियर टीम इवेंट में समीर, अभिनव चौधरी और साहिल चौधरी की तिकड़ी ने पोडियम पर जगह बनाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस प्रकार दूसरे दिन व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में भारत की पकड़ मज़बूत रही।
पहले दिन की उपलब्धियाँ
गौरतलब है कि प्रतियोगिता के पहले दिन सेजल कांबले ने 10 मीटर एयर पिस्टल विमेन जूनियर व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि उनकी हमवतन हिमांशी ने कांस्य पदक हासिल किया था। इसके अलावा सेजल कांबले, वंशिका चौधरी और नव्या बिश्नोई की तिकड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल विमेन जूनियर टीम इवेंट में 1700 का संयुक्त स्कोर बनाकर स्वर्ण पदक जीता था।
भारत का पदक तालिका में दबदबा
दो दिनों में 8 पदकों के साथ भारतीय जूनियर निशानेबाजी दल ने सुहल में अपनी ताकत का स्पष्ट प्रदर्शन किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शूटिंग अकादमी जूनियर स्तर पर लगातार वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान मज़बूत कर रही है। आने वाले दिनों में और इवेंट्स के साथ भारत की पदक संख्या में और इज़ाफा होने की उम्मीद है।