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महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जयपुर में ₹101 करोड़ की लागत से बनेगी — CM भजनलाल का ऐलान

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महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जयपुर में ₹101 करोड़ की लागत से बनेगी — CM भजनलाल का ऐलान

सारांश

राजस्थान में पहली बार एक समर्पित खेल विश्वविद्यालय आकार लेगा — ₹101 करोड़ की महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी। CM भजनलाल शर्मा ने पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह ऐलान किया, जो राज्य की खेल महत्वाकांक्षा का सबसे बड़ा संस्थागत कदम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 8 अगस्त 2026 को जयपुर में ₹101 करोड़ की लागत से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की।
अरुंधति चौधरी को ₹1 करोड़ और यशवीर सिंह को ₹30 लाख का नकद पुरस्कार दिया गया।
राज्य सरकार ने 3,540 खिलाड़ियों के लिए ₹52 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मंजूर की; 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई।
राजस्थान ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में 60 मेडल जीते और राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया।
सवाई मानसिंह स्टेडियम में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और 50 'खेलो इंडिया सेंटर' स्थापित किए जा रहे हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 8 अगस्त 2026 को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक सम्मान समारोह में घोषणा की कि राज्य में ₹101 करोड़ की लागत से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। यह घोषणा राजस्थान के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने के अवसर पर की गई, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम ऊँचा किया है।

किन खिलाड़ियों को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने समारोह में राजस्थान के उन खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ गिनाईं जिन्होंने हाल के वर्षों में बड़े मंचों पर सफलता हासिल की। अरुंधति चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता, जबकि यशवीर सिंह ने जैवलिन थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। राहुल शर्मा ने शूटिंग पैरा वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल, मोना अग्रवाल ने उसी प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल और संध्या बिश्नोई ने अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता में उनके कोच और परिवारों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

नकद पुरस्कारों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने अरुंधति चौधरी को ₹1 करोड़ और यशवीर सिंह को ₹30 लाख प्रदान किए। कार्यक्रम में अन्य खिलाड़ियों को भी प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

खेल अवसंरचना में निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान सरकार ने 3,540 खिलाड़ियों के लिए ₹52 करोड़ के प्रोत्साहन और आर्थिक सहायता को मंजूरी दी है, और 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। राज्य में 50 'खेलो इंडिया सेंटर' स्थापित किए जा रहे हैं और खेल उपकरणों पर ₹18 करोड़ खर्च किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सवाई मानसिंह स्टेडियम में एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बॉक्सिंग के लिए एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' विकसित किया जा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की 'खेलो इंडिया' पहल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, चिकित्सा सुविधाएँ और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। राजस्थान ने 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025' की सफलतापूर्वक मेजबानी की, जिसमें सात शहरों में 222 विश्वविद्यालयों के 7,000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य के खिलाड़ियों ने इस आयोजन में 60 मेडल जीते और राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया।

नई खेल नीतियाँ और योजनाएँ

भजनलाल शर्मा ने 'राजस्थान युवा नीति-2026' का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे शिक्षा, कौशल विकास, खेल और नेतृत्व के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं। 'एक जिला-एक खेल' पहल के तहत प्रत्येक जिले में विशेष खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' शुरू की गई है, जो खिलाड़ियों को ओलंपिक की तैयारी में सहयोग देगी। 'खेलो राजस्थान यूथ गेम्स' के माध्यम से पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन मिलेगा और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। सरकार ने 'स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम' भी शुरू की है।

राजस्थान की खेल महत्वाकांक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक में राज्य का मान बढ़ाया है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब राजस्थान में एक समर्पित खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जो भविष्य के खिलाड़ियों को अकादमिक और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर सहयोग देगी। भजनलाल शर्मा ने भरोसा जताया कि इन सभी पहलों से राजस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख खेल राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। राजस्थान में खेल बजट और पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी हुई है, परंतु जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को संस्थागत समर्थन मिलने में अब भी लंबा रास्ता तय करना है। 'एक जिला-एक खेल' जैसी पहलें सही दिशा में हैं, लेकिन इनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विश्वविद्यालय केवल भवन बनकर न रहे, बल्कि खिलाड़ियों के लिए वास्तविक अकादमिक और प्रशिक्षण केंद्र बने।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी कहाँ और कितनी लागत से बनेगी?
यह विश्वविद्यालय जयपुर में लगभग ₹101 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 8 अगस्त 2026 को इसकी घोषणा की।
किन राजस्थानी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और उन्हें कितनी पुरस्कार राशि मिली?
अरुंधति चौधरी (कॉमनवेल्थ गेम्स बॉक्सिंग गोल्ड) को ₹1 करोड़ और यशवीर सिंह (जैवलिन थ्रो ब्रॉन्ज) को ₹30 लाख दिए गए। राहुल शर्मा, मोना अग्रवाल और संध्या बिश्नोई को भी प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राजस्थान सरकार ने खिलाड़ियों के लिए और क्या योजनाएँ बनाई हैं?
सरकार ने 3,540 खिलाड़ियों के लिए ₹52 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मंजूर की है और 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। इसके अलावा 50 'खेलो इंडिया सेंटर', 'स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम' और 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' भी शुरू की गई हैं।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में राजस्थान का प्रदर्शन कैसा रहा?
राजस्थान ने इस आयोजन की मेजबानी की, जिसमें सात शहरों में 222 विश्वविद्यालयों के 7,000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य के खिलाड़ियों ने 60 मेडल जीते और राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया।
'एक जिला-एक खेल' पहल क्या है?
यह राजस्थान सरकार की पहल है जिसके तहत प्रत्येक जिले में किसी एक विशेष खेल को प्राथमिकता देकर उसे बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान और खेल अवसंरचना का विकेंद्रीकरण करना है।
राष्ट्र प्रेस
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